महिला ने ₹20 लाख का मुआवजा लौटाया:कहा-करूर भगदड़ में पति मारा गया, एक्टर विजय खुद मिलने आते तो अच्छा होता
करूर भगदड़ हादसे में मारे गए एक पीड़ित के परिवार ने एक्टर विजय की ओर से दी गई 20 लाख का मुआवजा लौटा दिया है। मृतक रमेश के परिवार ने आरोप लगाया है कि विजय ने वादा करने के बावजूद करूर आकर उनसे मुलाकात नहीं की, बल्कि उनके दूर के रिश्तेदारों को चेन्नई बुलाकर मिले।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी पत्नी एम संगवी ने कहा- मेरे पति सिर्फ विजय को देखने कार्यक्रम में गए थे। मुझे उम्मीद थी कि विजय खुद आकर संवेदना जताएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा,
पार्टी वर्कर्स ने मेरे पति की बहन के परिवार को हमारी अनुमति के बिना चेन्नई ले जाकर एक्टर से मिलवाया। इसके बाद हमने बैंक के जरिए 20 लाख रुपए वापस कर दिए हैं।

27 सितंबर 2025 को करूर में विजय की रैली के दौरान मची भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इसके 1 महीने बाद 27 अक्टूबर को विजय ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की थी।
एक्टर विजय ने करूर भगदड़ पीड़ितों से मुलाकात की
विजय से मिलने महाबलीपुरम के रिसॉर्ट में 27 अक्टूबर को करीब 200 लोग पहुंचे। इनमें 37 पीड़ित परिवार और कुछ घायल भी शामिल हैं। हर परिवार से चार से पांच सदस्य आए हैं। एक्टर विजय ने हर परिवार से अलग-अलग मुलाकात कर उनकी बात सुनी।
मुलाकात बंद दरवाजों में हुई जहां मीडिया को अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई। अंदर सिर्फ TVK के पदाधिकारी और परिवारों के लोग ही मौजूद थे।
उधर, मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को राज्य में राजनीतिक दलों सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए 10 दिनों के भीतर स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल (SOP) तैयार करने का निर्देश दिया है।
SOP तैयार होने तक राजनीतिक कार्यक्रम की अनुमति नहीं
27 अक्टूबर को हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान एडीशनल एड्वोकेट जनरल जे रवींद्रन ने बेंच से कहा कि SOP तैयार होने तक किसी भी राजनीतिक दल को रैलियां/रोड शो आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। लेकिन, उन्हें सार्वजनिक सभाएं करने से नहीं रोका जाएगा।
बेंच ने एएजी से पूछा कि SOP ड्राफ्ट कब तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को पुलिस, अग्निशमन विभाग, नगर निकायों सहित विभिन्न विभागों से परामर्श करना होगा और फिर इसे तैयार करना किया जाएगा। उन्होंने इसके लिए कुछ और समय मांगा। इसके जवाब में बेंच ने कहा-
राज्य सरकार को 10 दिनों के अंदर SOP तैयार करनी होगी, अन्यथा वह आदेश पारित करेगी। इस बीच AIADMK ने मामले में पक्षकार बनने की याचिका दायर करने की अनुमति मांगी है।

बेंच ने याचिकाओं पर आगे की सुनवाई 11 नवंबर के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले, पीठ ने TVK के महासचिव एन आनंद द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका को वापस लेते हुए खारिज कर दिया था।
CBI ने शुरू की मामले में जांच
विजय की रैली में भगदड़ मालमे की जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने शुरू कर दी है। सीबीआई की विशेष टीम पहले ही करूर के वेलुसामीपुरम में स्थित हादसे की जगह का दौरा कर चुकी है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्य पुलिस की FIR को CBI ने फिर से दर्ज किया है और स्थानीय अदालत को इसकी जानकारी दी गई है।
हादसे में 41 लोगों की मौत
27 सितंबर 2025 को करूर में विजय की रैली के दौरान मची भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। तमिलनाडु पुलिस प्रमुख जी वेंकटारमन ने बताया कि विजय के कार्यक्रम में सात घंटे की देरी से आए। 10 हजार की क्षमता वाले मैदान में करीब 50 हजार लोग पहुंच गए थे। एक बच्ची के गुमने की खबर के बाद भीड़ बेकाबू हो गई थी। जिससे ये हादसा हुआ।
भगदड़ के बाद की 2 तस्वीरें…
हाईकोर्ट ने एक्टर विजय को लगाई थी फटकार इस मामले में 4 अक्टूबर को मद्रास हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए एक्टर और पार्टी को फटकार लगाई थी। जस्टिस एन सेंथिलकुमार ने कहा था,
घटना के बाद TVK ने घटनास्थल छोड़ दिया और कोई माफी या पछतावा तक नहीं दिखाया। पार्टी अपनी आंखें बंद करके जिम्मेदारियों से बच नहीं सकती है।

साथ ही मद्रास हाईकोर्ट ने करूर भगदड़ की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित की थी। इसकी अगुआई तमिलनाडु पुलिस के इंस्पेक्टर जनरल (IG) असरा गर्ग ने की।
परिवारों को चेन्नई बुलाने पर उठे सवाल विजय के परिवारों को चेन्नई बुलाने वाले कदम पर अब कई लोगों ने सवाल उठाए हैं कि वे खुद करूर क्यों नहीं गए? इसे लेकर पार्टी सूत्रों का कहना है कि विजय ने पहले करूर जाकर मिलने की योजना बनाई थी, लेकिन फिर भीड़ जमा न हो इसके चलते लोकेशन बदलना पड़ा। दीवाली से पहले TVK की ओर से मृतकों के परिवारों को 20-20 लाख रुपये की राहत राशि भी दी जा चुकी है।
