8वें पे कमीशन से कितनी बढ़ेगी सैलरी:बैंकर्स को फायदा नहीं, पेंशन 1.5 गुना तक बढ़ सकती है; जानें 5 सवालों के जवाब
केंद्र सरकार ने मंगलवार को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन से जुड़े टर्म ऑफ रेफरेंस यानी ToR को मंजूरी दे दी है। साथ ही पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है।
आयोग को 18 महीनों के अंदर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करनी होंगी, जिन्हें 1 जनवरी 2026 से लागू किया जा सकता है।
इकोनॉमिक्स टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इससे 1.2 करोड़ लोगों को फायदा होगा। इनमें से लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और लगभग 69 लाख पेंशनभोगी हैं।
नए वेतन आयोग के लागू होते ही सरकारी कर्मचारियों के वेतन में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। ये बढ़ोतरी कैसे होगी, किसे इसका फायदा मिलेगा और पुरानी सैलरी बढ़कर कितनी हो जाएगी, जानते हैं फाइनेंशियल एक्सपर्ट राजशेखर के साथ 5 सवालों के जवाब में।
सवाल 1 – 8वें पे कमीशन का फायदा किसे मिलेगा?
जवाब – 8वें पे कमीशन का फायदा 5 तरह के कर्मचारियों को मिलेगा-
- केंद्र सरकार के कर्मचारी – रेलवे, डाक विभाग, इनकम टैक्स, कस्टम विभाग आदि। इसमें ग्रुप A, B, C के सभी स्थाई और अस्थाई कर्मचारी शामिल होंगे।
- सशस्त्र बलों के कर्मचारी – भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के जवान और अधिकारी।
- अर्धसैनिक बलों (CAPFs) के कर्मचारी – BSF, CRPF, CISF, ITBP, SSB के जवान और ऑफिसर।
- केंद्रीय पेंशनभोगी – जो कर्मचारी इन पदों से रिटायर हो चुके हैं, उन्हें संशोधित पेंशन का फायदा मिलता है।
- कुछ स्वायत्त निकायों के कर्मचारी – IITs, IIMs, AIIMS, UGC, ICAR, CSIR आदि के कर्मचारी, जिन्हें केंद्र सरकार के पे मैट्रिक्स की तरह ही वेतन मिलता है।
किसे फायदा नहीं मिलेगा?
- राज्य सरकार के कर्मचारी- पुलिस, परिवहन निगम, जल निगम आदि।
- केंद्रीय बैंकों के कर्मचारी।
- हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट के जज।
- प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारी।
सवाल 2 – वेतन आयोग से सैलरी कैसे तय होती है?
जवाब – किसी सरकारी कर्मचारी के वेतन की सबसे जरूरी चीज बेसिक-पे होती है। इसी के आधार पर बाकी का वेतन तय होता है। इसे एक उदाहरण से समझते हैं।
रमेश एक सरकारी टीचर हैं। हर महीने 54,000 रुपए वेतन इनके खाते में आता है। इस वेतन के 4 मुख्य हिस्से हैं-
बेसिक पे – ये पे लेवल के आधार पर अलग-अलग होता है। इसी पर अन्य भत्ते तय होते हैं।
महंगाई भत्ता – ये महंगाई के हिसाब से हर 6 महीने में बढ़ता है। अक्टूबर 2025 तक केंद्र सरकार का DA 58% है।
मकान किराया भत्ता – ये शहर के हिसाब से अलग-अलग होता है। टियर 1, 2 और 3 शहरों में हाउस अलाउंस (HA) अलग-अलग है।
ट्रांसपोर्ट भत्ता – ये भी शहर के हिसाब से अलग-अलग होता है।
इसके बाद वेतन में कुछ कटौतियां होतीं है। जैसे इनकम टैक्स, हेल्थ इंश्योरेंस, पेंशन स्कीम आदि।
पूरी कैलकुलेशन के बाद मौजूदा फाइनल वेतन
सवाल 3 – 8वें पे कमीशन की सिफारिशों से कितना वेतन बढ़ सकता है?
जवाब – हर वेतन आयोग में सरकार चाहती है कि कर्मचारियों की सैलरी महंगाई, जीवन-यापन खर्च और आर्थिक विकास के हिसाब से बढ़े, लेकिन हर किसी का पे बैंड और ग्रेड पे अलग होता है। ऐसे में वेतन एक रेश्यो में बढ़ाया जाता है ताकि सबका वेतन बराबर बढ़े। इसे फिटमेंट रेश्यो कहते हैं।
फिटमेंट फैक्टर का अर्थ है कि कर्मचारी का वेतन उसके ग्रेड-पे से कितना बढ़ेगा। इसे उदाहरण से समझते हैं।
7वें पे कमीशन में रमेश की सैलरी का बेसिक पे – 40,000
8वें पे कमीशन में फिटमेंट फैक्टर 3 तय किया जा सकता है। ऐसे में 8वें पे कमीशन के अनुसार नया बेसिक पे
40,000 x 3 = 1,20,000
ध्यान रखने की बात है कि नया पे कमीशन लागू होने पर महंगाई भत्ता रीसेट यानी 0% हो जाता है।
अब नया वेतन
सवाल 4 – वेतनभोगियों को कितना फायदा मिलेगा?
जवाब – सरकारी पेंशन का मूल फॉर्मूला होता है- आखिरी वेतन का बेसिक पे x 50%
यानी रिटायरमेंट के समय अगर बेसिक पे 40,000 था, तो पेंशन 20,000 होगी। 8वें पे कमीशन के बाद इसमें भी फिटमेंट रेश्यो लागू होगा।
यानी नया बेसिक पे : 40,000 x 3 = 1,20,000
यानी पेंशन : 1,20,00 x 50% = 60,000
सवाल 5 – पे कमीशन यानी वेतन आयोग क्या है?
जवाब-
