प्रशांत किशोर को चुनाव आयोग का नोटिस:बिहार-बंगाल की वोटर लिस्ट में नाम, 3 दिन में जवाब मांगा
चुनाव आयोग ने मंगलवार को जनसुराज पार्टी के फाउंडर प्रशांत किशोर को 2 वोटर आईडी पर नोटिस भेजा है और 3 दिन में जवाब मांगा है। पीके का नाम बिहार के साथ पश्चिम बंगाल में भी मिला है।
महागठबंधन ने आज अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। सीएम फेस तेजस्वी यादव ने कहा, “हमने सीएम का चेहरा घोषित कर दिया है। लेकिन एनडीए ने अब तक अपना सीएम फेस का ऐलान नहीं किया है।” एनडीए 30 अक्टूबर को घोषणापत्र जारी करेगा।
उधर, राहुल और प्रियंका गांधी 29 अक्टूबर से बिहार में चुनावी अभियान की शुरुआत करेंगे। राहुल की सभा मुजफ्फरपुर और दरभंगा में होगी। प्रियंका बेगूसराय जिले के बछवाड़ा में रैली करेंगी।
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अपडेट्स
महागठबंधन का घोषणा पत्र जारी
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन के नेताओं ने घोषणा पत्र जारी कर दिया है। घोषणा पत्र का नाम- ‘बिहार का तेजस्वी प्रण’ दिया गया है, जिसमें तेजस्वी के 20 प्रण शामिल हैं।
सबसे बड़ी घोषणा 20 महीने में हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया गया है। तेजस्वी ने लिखा है कि ये सरकारी नौकरी 20 महीने में दी जाएगी। इसके लिए 20 दिन में अधिनियम बनाया जाएगा।
घोषणा पत्र में युवाओं, महिलाओं, संविदा कर्मियों, पुराने पेंशनधारी, किसान और गरीब परिवारों को कुछ न कुछ देने की घोषणा की गई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के पोस्टर में राहुल गांधी की तस्वीर है, लेकिन तेजस्वी के मुकाबले उनके फोटो छोटा रखा गया है।
प्रशांत किशोर के 2 वोटर आईडी मिले, बिहार के साथ पश्चिम बंगाल में भी नाम
जन सुराज पार्टी के फाउंडर प्रशांत किशोर बिहार के साथ-साथ पश्चिम बंगाल में भी मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, किशोर पश्चिम बंगाल में 121, कालीघाट रोड पर मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं, जो कोलकाता के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस मुख्यालय का पता है, जो मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी का निर्वाचन क्षेत्र है।पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनावों के दौरान किशोर ने टीएमसी के लिए राजनीतिक सलाहकार के रूप में काम किया था। चुनाव आयोग ने इस मामले में प्रशांत किशोर को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है।
NDA 30 अक्टूबर को पटना में घोषणा पत्र जारी करेगा
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए NDA 30 अक्टूबर को अपना घोषणा पत्र जारी करेगा। पटना में घटक दलों की प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान होगा।
आरके सिंह बोले- नीतीश बीमार, तेजस्वी अनपढ़, BJP नेता क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले
बिहार विधानसभा चुनाव के बीच बीजेपी के कद्दावर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने एक बार फिर सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। उन्होंने बिहार वासियों को छठ महापर्व की शुभकामनाएं देते हुए, चुनावी माहौल में एनडीए और इंडिया गठबंधन दोनों पर तीखा तंज कसा है।
सिंह ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि, इस बार जनता अपराधी और भ्रष्टाचारी छवि वाले लोगों को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर ना बैठने दें। अगर सभी उम्मीदवार बेईमान,चरित्रहीन क्रिमिनल्स हैं, तो अपना वोट NOTA को दें, यही बिहार के भविष्य के लिए बेहतर होगा।
तेजस्वी बोले- बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई
राजद नेता तेजस्वी यादव ने मंगलवार को आरोप लगाया कि बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और राज्य की एनडीए सरकार को इसकी जरा भी परवाह नहीं है। सारण के मरहौरा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए, यादव ने कहा कि लोगों की शिकायतों के निवारण के लिए विधानसभा चुनावों में महागठबंधन को सत्ता में लाना जरूरी है।
AIMIM के 32 उम्मीदवार लड़ रहे बिहार में चुनाव, औवेसी प्रचार के लिए पहुंचे
AIMIM ने इस बार 32 उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा है। गोपालगंज के बाद ओवैसी मोतिहारी और मुंगेर में भी पार्टी चीफ ओवैसी अपने कैंडिडेट के लिए प्रचार करेंगे।
ललन सिंह बोले- तेजस्वी को घोषणापत्र लागू करने का मौका नहीं मिलेगा
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने कहा- अगर उन्हें केवल दिखावटी सेवा करनी है और अगर बिहार उन्हें उस घोषणापत्र को लागू करने का कभी मौका नहीं देने वाला है, तो वे कुछ भी घोषणा कर सकते हैं। जिसे बिहार की कोई जानकारी नहीं है, राज्य के संसाधनों की जानकारी नहीं है, राज्य के विकास मॉडल की जानकारी नहीं है, वह क्या घोषणा करेगा? उसे कोई जानकारी नहीं है। वह राज्य की स्थिति का आकलन नहीं कर रहा है। उनके माता-पिता 1990 से 2005 तक, 15 साल तक राज्य के सीएम थे। बिहार का बजट क्या था? 26,000 करोड़ रुपए सालाना, सबसे अधिक। उनके पिता ने कौन सी सड़क बनवाई? बिहार में बिजली नहीं थी। यहां अपहरण उद्योग काम कर रहा था। यहां कोई कानून व्यवस्था नहीं थी। लेकिन उन्हें परवाह नहीं थी… आज, 20 साल के शासन में, इस साल बजट को बढ़ाकर 3,17,000 करोड़ रुपए कर दिया गया है… वह केवल सस्ती लोकप्रियता के लिए घोषणाएं करना जानते हैं।”
