केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की इंडिया टूरिज्म डेटा कॉम्पेंडियम रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय टूरिस्ट्स में स्लो-ट्रैवल का एक नया ट्रेंड उभर रहा है।
इसमें टूरिस्ट्स कम समय में ज्यादा जगह घूमने (फ्लैश ट्रिप्स) के बजाय अब किसी स्थान विशेष पर लंबा समय बिता रहे हैं, ताकि स्थानीय जीवन, संस्कृति और अनुभव को गहराई से महसूस कर सकें।
रिपोर्ट बताती है कि मध्य पूर्व जाने वाले भारतीयों की हिस्सेदारी एक साल में 33% से बढ़कर 36% हो गई है। दक्षिण पूर्व एशिया में भारतीय पर्यटकों की करीब 25% बढ़ोतरी हुई है।
साल 2024 में 3.09 करोड़ भारतीय विदेश गए और विदेश में रहने का एवरेज पीरियड भी 50 दिन से ज्यादा हो गई है।
साल 2023 की तुलना में 30 लाख अधिक यात्रियों ने भारतीय पासपोर्ट पर मुहर लगवाई। साल 2023 में भारतीयों की विदेश में औसत प्रवास अवधि 47 दिन, जबकि एक दशक पहले यानी 2015 में यह 41 दिन थी।
वियतनाम जाने वाले 67% बढ़े
- रिपोर्ट के मुताबिक 2024 के दौरान भारतीयों का टॉप-10 डेस्टिनेशन देशों में विदेश यात्राओं का कुल 71.2% रहा जो एक साल पहले 2023 में 74.2% थी यानी अब भारतीय पर्यटक नए इंटरनेशनल डेस्टिनेशन की ओर रुख कर रहे हैं, भारतीय अब हर महाद्वीप में नजर आ रहे हैं।
- यूएई का अबुधाबी, वियतनाम का हनोई, इंडोनेशिया का बाली सबसे फेवरेट डेस्टिनेशन के तौर पर उभरे हैं। टॉप-10 देशों के अलावा करीब 51 लाख भारतीय नई डेस्टिनेशन पर गए, जिसमें न्यूजीलैंड, पुर्तगाल, पोलैंड और उज्बेकिस्तान जैसे देश शामिल हैं।
- वियतनाम जाने वाले भारतीयों की संख्या में एक साल के भीतर ही 67% का इजाफा हुआ है, जबकि सऊदी अरब जाने वाले 30% और थाईलैंड जाने वाले 26% बढ़े हैं।
थाईलैंड छुट्टी मनाने की नंबर-1 जगह
विदेश जाने का सबसे बड़ा उद्देश्य छुट्टी मनाना है। वर्ष 2024 में 42.52% भारतीय छुट्टी मनाने के लिए विदेश गए। कारोबारी व पेशेवर कारणों से 15% भारतीयों ने यात्राएं कीं जबकि विदेश में पढ़ाई के लिए यात्रा करने वालों का प्रतिशत महज 2.45% रहा। थाईलैंड गए 92.9% भारतीय छुट्टी मनाने गए थे और वियतनाम गए 91.6% भारतीयों का लीजर डेस्टिनेशन था।
