Headlines

भारत 6 नए AK-630 एयर डिफेंस गन सिस्टम खरीदेगा:एक मिनट में 3000 राउंड फायर करेगा, 4km रेंज; पाकिस्तान बॉर्डर पर तैनाती होगी नई दिल्ली49 मिनट पहले आर्मी ने 6 नए AK-630 एयर डिफेंस गन सिस्टम खरीदने के लिए सरकारी कंपनी एडवांस्ड वेपन एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (AWEIL) को टेंडर जारी किया है। – Dainik Bhaskar आर्मी ने 6 नए AK-630 एयर डिफेंस गन सिस्टम खरीदने के लिए सरकारी कंपनी एडवांस्ड वेपन एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (AWEIL) को टेंडर जारी किया है। भारत, पाकिस्तान बॉर्डर से सटे इलाकों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को और मजबूत करने जा रहा है। इसके लिए आर्मी ने 6 नए AK-630 एयर डिफेंस गन सिस्टम खरीदने के लिए सरकारी कंपनी एडवांस्ड वेपन एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (AWEIL) को टेंडर जारी किया है। सेना के अधिकारियों के मुताबिक, इन गन सिस्टम की जरूरत ऑपरेशन सिंदूर के दौरान महसूस हुई, जब पाकिस्तान सेना ने जम्मू-कश्मीर और पंजाब में आबादी वाले इलाकों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया था। अब इनकी तैनाती से इन इलाकों में हवाई खतरों से बेहतर सुरक्षा मिलेगी। ये गन सिस्टम ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ का हिस्सा है। PM नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से दिए अपने भाषण में सुदर्शन चक्र मिशन की घोषणा की थी। इसका लक्ष्य 2035 तक एक स्वदेशी, मल्टी-लेयर सुरक्षा कवच तैयार करना है, जिसमें निगरानी, साइबर सुरक्षा और एयर डिफेंस सिस्टम शामिल होंगे। AK-630 सिस्टम ड्रोन, रॉकेट, आर्टिलरी और मोर्टार (URAM) जैसे हवाई हमलों को रोकने में सक्षम होगा। AK-630 सिस्टम ड्रोन, रॉकेट, आर्टिलरी और मोर्टार (URAM) जैसे हवाई हमलों को रोकने में सक्षम होगा। किसी भी मौसम में लक्ष्य की पहचान करेगा AK-630 एक 30 मिमी मल्टी-बैरल मोबाइल गन सिस्टम है, जो प्रति मिनट करीब 3,000 राउंड फायर कर सकता है और इसकी मारक क्षमता 4 किलोमीटर तक है। इसे एक ट्रेलर पर लगाया जाएगा, जिसे हाई-मोबिलिटी वाहन से खींचा जाएगा। यह सिस्टम ड्रोन, रॉकेट, आर्टिलरी और मोर्टार (URAM) जैसे हवाई हमलों को रोकने में सक्षम होगा। इसमें ऑल-वेदर इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल फायर कंट्रोल सिस्टम भी होगा, जो किसी भी मौसम में लक्ष्य की पहचान कर सकता है। 24 अगस्तः हवाई हमले नाकाम करने वाले स्वदेशी सिस्टम का परीक्षण सफल DRDO ने IADWS के परीक्षण का वीडियो शेयर किया है। यह पूरी तरह स्वदेशी है। DRDO ने IADWS के परीक्षण का वीडियो शेयर किया है। यह पूरी तरह स्वदेशी है। भारतीय रक्षा अनुसंधान संगठन (DRDO) के बनाए स्वदेशी इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वेपन सिस्टम (IADWS) का पहला टेस्ट कामयाब रहा था। यह टेस्ट 24 अगस्त को ओडिशा के तट पर किया गया था। IADWS एक मल्टीलेयर एयर डिफेंस सिस्टम है, ये दुश्मन के हवाई हमले नाकाम करेगा। इसमें सभी स्वदेशी क्विक एक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल (QRSAM), एडवांस्ड वैरी शॉर्ट एयर डिफेंस सिस्टम मिसाइलें (VSHORADS) और हाई पावर लेजर बेस्ड डायरेक्टेड एनर्जी वेपन (DEW) शामिल हैं। भारत के पास है आकाशतीर डिफेंस सिस्टम पंजाब के आदमपुर एयरबेस से 13 मई को पीएम मोदी ने जिस एयर डिफेंस सिस्टम की तारीफ की थी, वह भारत का आकाशतीर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इसकी मदद से ही पाकिस्तान की ओर से आ रहे सैकड़ों ड्रोन, मिसाइल और रॉकेट को हवा में ही मार गिराया गया था। इसे भारत का आयरन डोम कहा गया है। आकाशतीर एक स्वदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-पावर्ड एयर डिफेंस सिस्टम है जिसे भारतीय सेना के लिए डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO), इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) ने संयुक्त रूप से डिजाइन और डेवलप किया है। इसका काम लो-लेवल एयरस्पेस की निगरानी करना और ग्राउंड पर तैनात एयर डिफेंस वेपन सिस्टम को कंट्रोल करना है। आकाशतीर रडार, सेंसर और कम्युनिकेशन सिस्टम को इंटिग्रेट करके सिंगल नेटवर्क बनाता है, जो रियल टाइम में हवाई खतरों का पता लगाने, ट्रैक करने और उन्हें न्यूट्रिलाइज करने में सक्षम है।

शिवसेना लीडर का दावा- बालासाहेब की मौत देरी से बताई:उद्धव गुट के नेता बोले- मानहानि का केस करेंगे; दशहरा रैली में रामदास कदम ने बयान दिया

मुंबई47 मिनट पहले

शिवसेना (उद्धव) नेता और महाराष्ट्र विधान परिषद सदस्य अनिल परब ने कहा है कि वे शिवसेना नेता और पूर्व मंत्री रामदास कदम के खिलाफ मानहानि केस करेंगे। केस से मिलने वाली राशि महाराष्ट्र के बाढ़ प्रभावित किसानों को दी जाएगी।

परब का ये बयान रामदास कदम के 2 अक्टूबर को दिए बयान पर आया। गोरेगांव में शिवसेना के दशहरा कार्यक्रम में कदम ने दावा किया था- नवंबर 2012 बालासाहेब ठाकरे की मृत्यु की खबर दो दिन देरी से बताई गई थी, उनका शव घोषणा से दो दिन पहले ही मातोश्री (ठाकरे परिवार का बंगला) में रखा गया था।

कदम ने आरोप लगाते हुए कहा था कि उद्धव ठाकरे ने बालासाहेब ठाकरे की मौत के बाद उनके फिंगरप्रिंट लिए। साथ ही उन्होंने कहा था कि उनका और उद्धव ठाकरे का नार्को टेस्ट कराया जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

अनिल परब ने कहा- रामदास झूठ बोल रहे

अनिल परब ने कहा है कि रामदास कदम का कॉमन सेंस उनके घुटनों में है। शव बिना कॉफिन क्या मॉर्च्युरी के रखा जा सकता है क्या? उनका दावा बेबुनियाद है।

उन्होंने कहा…

QuoteImage

जब बालासाहेब जिंदा थे तो उन्होंने अपने हाथ का मोल्ड बनाया था। पहले ये सहारा क्रिकेट स्टेडियम में रखा गया था बाद में ये उद्धव ठाकरे जहां बैठते हैं उनके पीछे रखा जाता है। ये पूरा पंजा है जो बालासाहेब जब जिंदा थे तब बनाया गया था। इसका मतलब रामदास कदम झूठ बोल रहे हैं कि बालासाहेब का अंगूठा कागज पर लिया गया।

QuoteImage

परब ने सवाल किया कि अगर कदम को उद्धव ठाकरे बुरे लगते हैं, तो 2014-19 में वे फडणवीस सरकार में शिवसेना (अविभाजित) से मंत्री क्यों बने? परब ने कहा कि 2019 के विधानसभा चुनाव में शिवसेना ने ही कदम के बेटे योगेश को टिकट दिया था, जो अब फडणवीस सरकार में राज्यमंत्री हैं।

कदम का दावा- शरद पवार को शव नहीं देखने दिया था

कदम ने 3 अक्टूबर को एक बार फिर उद्धव ठाकरे पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि बालासाहेब ठाकरे के निधन के बाद जब NCP-SCP प्रमुख शरद पवार मातोश्री पहुंचे थे, तब उन्हें शव देखने नहीं दिया गया। मैं उस समय वहां मौजूद था। शरद पवार ने भी पूछा था कि बालासाहेब के शव को क्यों परेशान किया जा रहा है।

कदम ने कहा कि मैं बालासाहेब ठाकरे पर दिए अपने बयान पर कायम हूं। आगे भी उद्धव ठाकरे को लेकर और खुलासे करूंगा। मैं जल्द ही बाल ठाकरे की वसीयत से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करूंगा।

रामदास कदम के बयान पर किसने क्या कहा…

संजय शिरसाट: कदम के दावे में सच्चाई

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने कहा कि रामदास कदम के बालासाहेब ठाकरे को लेकर किए दावों में सच्चाई है। बालासाहेब की मौत की औपचारिक घोषणा से दो दिन पहले अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं।

नितेश राणे: अपने आखिरी समय में किसी से नहीं मिले बालासाहेब

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री ​​​​​​​​​​​​​​बीजेपी नेता नितेश राणे ने भी कदम के दावे का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जब बालासाहेब का अंतिम समय चल रहा था, उस दौरान उद्धव ठाकरे ने पिता को किसी से मिलने नहीं दिया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Budget 2024