पंजाब CM बोले-15 अक्टूबर से बाढ़ का मुआवजा देंगे:वित्तमंत्री-नेता विपक्ष भिड़े, बाजवा बोले- एक डिस्टलरी से हर महीने सवा करोड़ लेते हो
पंजाब विधानसभा के 2 दिन चले स्पेशल सेशन में बाढ़ को लेकर प्रस्ताव पास कर दिया गया। इसमें बाढ़ के वक्त पंजाब के लिए राहत पैकेज मंजूर न करने को लेकर केंद्र की आलोचना की गई। CM को बार-बार मांग के बावजूद PM नरेंद्र मोदी से मीटिंग का टाइम न देने को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय की निंदा की गई।
पंजाब सरकार ने 1600 करोड़ रुपए के पैकेज को खारिज करते हुए 20 हजार करोड़ का पैकेज मांगा। यह भी कहा कि केंद्र के समय पर फंड न देने से राहत और पुनर्वास कार्य प्रभावित हुए।इस प्रस्ताव की कॉपी प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और वित्त मंत्रालय को तुरंत कार्रवाई के लिए भेजी जाएगी।
वहीं इस दौरान वित्त मंत्री हरपाल चीमा और विपक्षी दल कांग्रेस के नेता प्रताप बाजवा आपस में भिड़ गए। मंत्री चीमा ने बाजवा पर आरोप लगाया कि उन्होंने माइनिंग के लिए गरीब किसान की जमीन खरीदी है। जिसके जवाब में बाजवा ने कहा कि मंत्री एक शराब डिस्टलरी से हर महीने सवा करोड़ और सभी से महीने का 35 से 40 करोड़ रुपए लेते हैं।
वहीं सदन खत्म होने से पहले पहुंचे CM भगवंत मान ने ऐलान किया कि 20 अक्टूबर को दिवाली देखते हुए 15 अक्टूबर से ही बाढ़ प्रभावित लोगों को फसलों, पशुओं और अन्य नुकसान के मुआवजे के चेक देने शुरू कर दिए जाएंगे। CM ने कहा कि इसको लेकर वे कल गृह मंत्री अमित शाह से भी मिलेंगे।
CM भगवंत मान की 4 अहम बातें…
- कांग्रेस और भाजपा पर तंज कसा: सीएम ने कांग्रेस नेता राणा गुरजीत ने कहा था कि कब्र खुदी पड़ी है, चाहे उसमें कृष्ण कुमार (सिंचाई सचिव) को डालो या AAP को। इस पर बिफरते हुए सीएम ने कहा- कांग्रेस ने खुद ही अपनी कब्र खोदी थी, पहले कपूरी में चांदी की कस्सी से और फिर 1984 में टैंक चढ़ाकर। कब्र में तो कांग्रेस को डालना चाहिए और ऊपर RIP कांग्रेस का बोर्ड भी लगाना चाहिए।
- भाजपा वालों की बारात बैठी, दूल्हा नहीं: सीएम ने भाजपा के पैरलल विधानसभा को लेकर कहा कि इस बार नकली विधानसभा लगाई है, 2029 में नकली पार्लियामेंट भी लगाएंगे। सीएम ने कहा कि बाहर “बारात बैठी है, दूल्हा नहीं है। उन्होंने प्रताप बाजवा पर तंज कसा कि उनके पास अभी कोई मुख्यमंत्री चेहरा नहीं है। जिसे बोलने का शौक हो, वह वहां चला जाए, वहां खुला टाइम है।
- रंगला पंजाब फंड पर कहा, कांग्रेस ने गोल्ड मांगा: सीएम ने रंगला पंजाब फंड पर उठे सवालों का जवाब देते हुए 1962 की चीन युद्ध का उदाहरण दिया, जब केंद्र सरकार ने लोगों ने सोने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि तब पंजाब की महिलाओं ने देश के लिए सर्वाधिक सोना दान दिया था।
- केंद्रीय मंत्री को जवाब देना पड़ा: सीएम ने कहा कि पंजाब सरकार ने किसानों के लिए 50,000 रुपए प्रति एकड़ मुआवजे की मांग की थी, जिसे केंद्र ने ठुकरा दिया। एक केंद्रीय मंत्री ने बयान दिया कि 1600 करोड़ रुपए सरकार को न देकर सीधे किसानों को देंगे। इस बारे में जब मैंने बात की तो फिर मंत्री को सफाई देनी पड़ी और कहने लगे कि मेरा बयान तोड़-मरोड़कर पेश किया है।
विधानसभा में मंत्री और बाजवा के आमने-सामने होने का पूरा एपिसोड पढ़िए…
वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा- बाजवा साहब हर बात में कभी हाउस कमेटी बनाने तो कभी मंत्री बरिंदर गोयल के इस्तीफे की बात करते हैं। कभी काम नहीं हुआ। बाजवा साहब जो जमीन गांव फुलड़ा गुरदासपुर में आपने पत्नी के नाम खरीदी थी। यह जमीन 15-7-25 को खरीदी थी। जो कि 16.10 मरले थी। उक्त रकबा ब्यास नदी के साथ धुस्सी बांध में पड़ता है। सवा 2 एकड़ जमीन किसान से खरीदने की क्या जरूरत थी। इन्हें पता था कि रेत आने वाला है। रेत की माइनिंग करवाएंगे।
इस पर बाजवा कुछ कहने लगे
मंत्री चीमा ने कहा- मिस्टर बाजवा रुक जाओ एक मिनट। बताओ कि फुलड़ा में आपकी जमीन है या नहीं है। स्टेटमेंट दो, हर समय बीजेपी के स्पोक्समैन बने रहते हो।
इस पर बाजवा ने कहा– हाउस में मर्यादा बनाकर रखे।
स्पीकर ने कहा- बाजवा जी, आपको बोलने का मौका दिया जाएगा।
मंत्री चीमा ने फिर कहा- दूसरा गांव पसवाल है। जहां पर उन्होंने 10 एकड़ जमीन खरीदी है। यह भी ब्यास नदी के पास धुस्सी बांध के अंदर है। ये डिपार्टमेंट को दोषी इसलिए बनाते हैं क्योंकि 2017 और 2019 में इनकी जमीन को बचाने के लिए एक करोड 18 लाख के पत्थर के स्टड लगाए गए । यह चाहते है कि बाजवा को प्रोटेक्ट किया किया जाए, किसानों को प्रोटेक्ट न किया जाए। यह आपका चेहरा आपका है। आपने दस एकड़ जमीन रिटर्न में 25 लाख का दिखाया है। उस पर सरकार के 1 करोड़ 18 लाख खर्च करवाए है।
इस पर बाजवा ने कहा- मैने जमीन ली है। आपकी सरकार ने स्टांप डयूटी ली है। मालिकों से ली है, किसी चोर से नहीं ली है। पत्थर क्या इनकी सरकार ने लगाया। मैं इनसे पूछना चाहता हूं 12 हजार करोड़ रुपए एक्साइज का चूस गए हो, कभी उसका भी मेंशन भी किया। एक्साइज मिनिस्टर हर शराब फैक्ट्री से सवा करोड़ रुपए लेता है। हर महीने 35 से 40 करोड़ डिस्टलरियों से इकट्ठा करता है।
इसके बाद दोनों पक्षों में बहस तेज बहस शुरू हो गई।
मंत्री चीमा ने फिर कहा- धुस्सी बांधों के अंदर जमीन क्यों खरीदते हैं, क्योंकि इन्होंने माइनिंग करनी है।
हंगामा बढ़ता देख स्पीकर कुलतार संधवां ने 10 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
मुंडियां बोले- भेड़-बकरियों और मुर्गी का भी मुआवजा देंगे AAP सरकार के मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने PM मोदी से मुलाकात के बारे में कहा कि जब उन्होंने 1600 करोड़ का ऐलान किया तो मैंने खड़े होकर बोला कि ये कम है। इस पर मोदी ने अहंकार भरे तरीके से कहा कि ‘हिंदी नहीं आती’। उन्होंने कहा कि हम भेड़-बकरियों और मुर्गी का भी मुआवजा देंगे। इससे पहले मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि बाढ़ में हमारे मंत्री काम करते रहे। मगर, जब कोरोना आया तो कांग्रेस के मंत्री ने घर के बाहर लिखकर लगा दिया था कि वह पब्लिक मीटिंग नहीं करेंगे।
सक्के नाले पर आमने-सामने हुए AAP-कांग्रेस विधायक वहीं सदन में डेरा बाबा नानक से AAP के विधायक गुरदास रंधावा और कांग्रेस MLA अरुणा चौधरी सक्के नाले को लेकर आमने-सामने हो गए। रंधावा ने कहा कि इन्होंने कभी नाले की बात नहीं उठाई। इस पर अरुणा चौधरी ने कहा कि विधानसभा कमेटी बना लो। उससे जांच करा लो और दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा।
बीजेपी ने चंडीगढ़ में अलग विधानसभा लगाई वहीं, बीजेपी ने इस सेशन का बायकॉट किया है। भाजपा ने सेक्टर-37 में ‘जनता की विधानसभा’ लगाई। मंत्री हरभजन ईटीओ ने कहा कि भाजपा चर्चा से भाग रही है। उन्हें विधानसभा में आकर अपनी बात रखनी चाहिए। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि BJP समानांतर सेशन चलाकर संविधान का मजाक उड़ा रही है।
कार्यवाही से जुड़ी पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
अपडेट्स
पंजाब विधानसभा का बाढ़ पर सेशन संपन्न, सदन स्थगित
पंजाब टाउन इम्प्रूवमेंट विधेयक पास
कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने “पंजाब टाउन इम्प्रूवमेंट (संशोधन) विधेयक, 2025” विधानसभा में पेश किया।
इस पर सी.एल.पी. नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि “जहां इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की आमदनी होगी, उसी क्षेत्र में वह राशि खर्च की जानी चाहिए।” कांग्रेस इस संशोधन का विरोध करती है।
कांग्रेस विधायक बरिंदरमीत पहाड़ा ने कहा कि “जिस हलके (क्षेत्र) से पैसा आएगा, उसी पर खर्च होना चाहिए। अगर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की राशि गांवों में लगा दी जाएगी, तो कांग्रेस इसे स्वीकार नहीं करेगी।”
राणा गुरजीत सिंह ने भी कहा कि यह संशोधन विधेयक गलत है, और कांग्रेस इसे स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि यह मामला पहले भी हाईकोर्ट में जा चुका है।
इसके बावजूद विधेयक को सदन में पारित कर दिया गया। इसके बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
सेशन की कार्यवाही देखने केंद्रीय मंत्री बिट्टू भी पहुंचे
केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भी आज विधानसभा सेशन की कार्यवाही देखने पहुंचे थे। वह उस समय पहुंचे थे, जब सीएम अपनी बात रख रहे थे।
पंजाब सहकारी समितियां विधेयक सर्वसम्मति से पास
पंजाब अपार्टमेंट एवं संपत्ति विनियमन विधेयक पास
पंजाब अपार्टमेंट एवं संपत्ति विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2025 विधानसभा में प्रस्तुत किया गया।
इस पर विधायक मास्टर बुद्ध राम ने कहा कि इस एक्ट के पारित होने से लोगों को सीधा लाभ होगा।
इसके बाद कांग्रेस नेता परगट सिंह ने विधेयक पर कुछ सवाल उठाए।
जवाब में मंत्री हरदीप सिंह मुंडिया ने परगट सिंह को संबोधित करते हुए कहा, आपने अपना नाम अपनी पार्टी की मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारों की सूची में दर्ज करवा लिया है, लेकिन अभी उस समय में काफी देर है।
बहस के बाद यह बिल सर्वसम्मति से पास हो गया।
पंजाब गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (संशोधन) विधेयक पास
पंजाब गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स पर बोलते हुए इस पर सी.एल.पी. नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि वह पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम के एक लेख के संदर्भ में कुछ बातें रखना चाहते हैं।
इसके बाद वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पूछा कि “इसके जनक कौन हैं? उसी समय इसकी पूरी तैयारी हुई थी।”
उन्होंने कहा कि जी.एस.टी. से राज्य को हर साल लगभग ₹3,500 से ₹3,600 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। जी.एस.टी. एक कंज़्यूमर-बेस्ड टैक्स है। अगर इसमें समय पर संशोधन नहीं किया गया तो राज्य को आगे और भी नुकसान उठाना पड़ेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि अब “जी.एस.टी. 2” आया है, जिससे आम लोगों को कुछ फायदा जरूर हुआ है, लेकिन इससे राज्य को राजस्व की हानि हो रही है।
वहीं, स्पीकर कुलतार सिंह संधवा ने मजाकिया लहजे में कहा, “अगर जी.एस.टी. का अधिक लाभ लेना है तो जनसंख्या अधिक बढ़ानी होगी।” बिल सर्वसम्मति से पास हो गया।
पंजाब राइट टू बिजनेस विधेयक पास
पंजाब राइट टू बिजनेस (संशोधन) विधेयक 2025 सर्वसम्मति से पास किया गया है। हालांकि कांग्रेस विधायकों ने कहा कि हमारी न है। इस पर स्पीकर ने कहा कि आपकी न भी हमें हां जैसी लगती है। आखिर में विधेयक को सर्वसम्मति से पास किया गया।
सफाई सेवकों-सीवरमैन की भर्ती प्रक्रिया बदली
स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने कहा है कि अब ग्रुप-डी के सफाई सेवकों और सीवरमैन की भर्ती कमेटियों के स्तर पर की जाएगी। पहले कांग्रेस सरकार के दौरान यह भर्ती एसएस बोर्ड के माध्यम से होती थी।
बीजों में मिलावट को रोकने के लिए सख्त कानून
CM भगवंत मान ने कहा कि बीज संशोधन बिल का हमें पता तो बाद में चलता है। बीजों में मिलावट के लिए हम कानून सख्त बनाने जा रहे हैं। हम दुकानदारों को लिस्ट दे देंगे। हम किसानों को कहेंगे कि वह सर्टिफाइड बीज ही खरीदें। सीएम ने कहा कि मिलावट इतनी बढ़ गई थी कि हमारा एक जहाज सिंगापुर गया था अनाज आदि लेकर, तो उस शिप को सिंगापुर ने वापस भेज दिया। अकाली दल के विधायक मनप्रीत अयाली ने बिल को सराहा। उन्होंने कहा कि आलू की खेती को सरकार का सहयोग नहीं है। उनका भी सहयोग किया जाएगा।
बीज (पंजाब संशोधन) विधेयक 2025 पेश हुआ
कृषि मंत्री गुरमीत सिंह ने “बीज (पंजाब संशोधन) विधेयक 2025 पेश किया। सी.एल.पी. नेता प्रताप सिंह बाजवा ने इस पर अपनी राय रखी और साथ ही इस बिल का समर्थन किया।
वहीं, राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि इस बिल को डैफर (स्थगित) किया जाए और इस मामले में एक समिति बनाई जाए, जिसमें वैज्ञानिकों को शामिल किया जाए। उन्होंने कुछ उदाहरण भी सभा के समक्ष प्रस्तुत किए।
कांग्रेस के विधायक व पूर्व मंत्री परगट सिंह ने कहा कि जब पी.ए.यू. (पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी) ने रिसर्च की है और उसका फायदा किसानों को हुआ है, तो वर्तमान में उसकी आर्थिक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।
विधायक संदीप जाखड़ ने कहा कि जब नकली बीज पकड़े जाते हैं, तो दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
पंजाब विधानसभा में पुनर्वास पर ये प्रस्ताव पास हुए
CM ने कहा कि भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आलोचना की जाती है कि उसने पंजाब में दशकों की सबसे भीषण बाढ़ के अनुसार राहत पैकेज मंजूर नहीं किया।
मुख्यमंत्री की बार-बार की गई बैठक की मांग को न मानना राज्य और उसके लोगों का अपमान है। प्रधानमंत्री कार्यालय की इस लापरवाही की निंदा की जाती है।
केवल 1,600 करोड़ रुपए का राहत पैकेज देना बेहद निराशाजनक है, जबकि पंजाब ने 20,000 करोड़ रुपए की मांग की थी।
केंद्र सरकार की उदासीनता के कारण घोषित फंड भी समय पर नहीं मिले, जिससे राहत और पुनर्वास कार्य प्रभावित हुए।
मांग की जाती है कि केंद्र सरकार तुरंत 20,000 करोड़ रुपए का व्यापक पैकेज मंजूर करे और घोषित 1,600 करोड़ रुपए की राशि पूरी तरह व तुरंत पंजाब सरकार को दे।
यह भी तय किया गया कि प्रस्ताव की एक प्रति प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और वित्त मंत्रालय को तुरंत कार्रवाई के लिए भेजी जाए।
CM ने कहा- हमारा निशाना पंजाब को नंबर वन बनाना
हमने सड़क सुरक्षा फोर्स बनाई है। इससे 48% मौतें कम हो गईं। यह जानकारी केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी ने खुद संसद में दी। 16 टोल प्लाजा हमने बंद किए। इससे लोगों के लाखों रुपए बच रहे हैं। इनमें पंजाब के लोग ही नहीं, अन्य (गैर‑पंजाबी) भी शामिल हैं।
हम आपके सारे सुझाव सच्चे दिल से अपनाएंगे। बाकी तो आते ही नहीं। वे इतने बड़े गुनाह कर चुके हैं कि सामना नहीं कर पाएंगे। हम देश और संविधान को बचाने के लिए साथ दे रहे हैं। जगह‑जगह प्रदर्शन होने लगे हैं। राजनीति बदल रही है।
वोटरों का मूड बदल रहा है। हम केवल वोटों पर सेंट्रिक न हो जाएं, दायरा बड़ा होना चाहिए। मुझे गालियां देने के लिए चुनाव में बहुत समय मिलेगा। हमें तो झोंक, जुमला, मटीरियल कहते हैं। जब दिया बुझता है, वह फड़फड़ाता है। हमारी आँखें हमेशा मंजिल पर रहती हैं… हमारा निशाना पंजाब को नंबर वन बनाना है। किसी को कैलिफ़ोर्निया या लंदन बनाने की जरूरत नहीं है।
CM बोले- हमारी लड़ाई दिल्ली वाले मोदी से
हमारी लड़ाई दिल्ली वाले मोदी से है। जो आता है, गालियां निकालते हैं। हम वह पत्ते नहीं हैं जो शाख से टूटकर गिर जाएं। आंधियों को कहो औकात में रहें।
1600 करोड़ देने की बात कहीं। उसमें 482 करोड़ आना है। 241 करोड़ भेजकर कह रहे हैं, 1600 में से काट लेना। बचपन में चोर-सिपाही खेलते थे।
उसी तरह विधानसभा चल रही है। अब हाईकोर्ट ने भी नदी से रेत निकालने की अनुमति दे दी है।
कई बार नुकसान बहुत बड़ा सबक दे जाता है- आगे से कैसे बचना है। जब कोई दर्दनाक जहाज का क्रैश होता है, उसके बाद सेफ्टी वाले चेक करते हैं कि आने वाले समय में कैसे कमियों को सुधारा जाए, दोबारा वही स्थिति न बने।
इन बाढ़ों से काफी सबक मिला। यह न कहो कि भगवंत मान की वजह से बाढ़ आई है। थॉमस एडीसन की कंपनी में आग लग गई, सब कुछ बर्बाद हो गया।
थॉमस ने कहा कि अच्छा हुआ, गलतियां पहले ही पता लग गईं। उस आग के बाद उन्होंने 70 प्रतिशत खोजें कीं। हर चीज से सबक लेना चाहिए।
CM के कांग्रेस और भाजपा पर तंज
सीएम ने कहा राणा जी ने कहा कि कब्र खुदी पड़ी है। इसमें चाहे कृष्ण कुमार कुमार को फेंक दो या आम आदमी पार्टी को फेंक दो।
कांग्रेस ने कही से खोदकर कपूरी में कब्र नहीं खोदी थी?। 1984 में कब्र नहीं खोदी, जिसे टैंकों से हमला किया। कब्र में कांग्रेस को फेंकेंगे। RIP कांग्रेस की तख्ती भी लगाएंगे।
बीजेपी वाले नकली विधानसभा लगा बैठे हैं। वहां पर आपका वित्तमंत्री बैठे। इस पर बाजवा ने हमने उसे नेता नहीं माना। इस पर सीएम ने कहा वह पांच बजट पेश कर गया। वहां चले जाओ वहां पर आपको पूरा बोलने का मौका मिलेगा। दोनों तरफ से बहस शुरू हो रही है।
अश्वनी पठानकोट से चुने हुए है। वह असली विधानसभा में आते नहीं है, नकली विधानसभा में बोल रहे है। वहां पर पूरा मंत्रिमंडल पर बैठाया। विजय सांपला, राणा सोढी बैठे है। शेख चिल्ली बने बैठे। अब नकली विधानसभा लगानी पड़ रही है।
2029 नकली संसद लगानी पडेगी। अब तो सपने में बोलते होंगे भाईयों और बहनों। सीएम ने कहा जिसे बोलने का टाइम नहीं मिलता। वहां जा सकते है। आधे नेताओं के पारिवारिक मेंबर वहां पर बैठे। मुख्यमंत्री अभी नहीं चुना। बारात बैठी है, दूल्हा नहीं है।
CM बोले- हिस्ट्री पढ़कर आया करो
सीएम ने रंगला पंजाब फंड पर सवाल उठाने के मुद्दे पर कहा- 1962 में जब चीन से लड़ाई लगी थी तो उस समय नेशनल डिफेंस फंड बनाया था। उस समय 5 किलो से ज्यादा सोना इकट्ठा हुआ था। उस समय पंजाब की महिलाओं ने पूरे देश से 47 फीसदी ज्यादा सोना जवाहर लाल नेहरू को दिया था।
फिर पंजाब सरकार ने जवाहर लाल 73वें दिन 130 किलो सोने का का हार गिफ्ट दिया था। प्रताप सिंह कैरो ने कहा था सोने और खून से देश की रक्षा करना है। आजकल मां बेटी के गहने अलग हैं। आपने पंजाब को कंगला पंजाब बना दिया।
आपको खाने के सिवाय कुछ नहीं दिखा। उस समय कांग्रेस के सांसदों ने मात्र आधा किलो सोना दिया था। जबकि सोने के बिस्कुट घर आते थे। हमसे न उलझा करो। हिस्ट्री पढ़कर आया करो।
CM बोले- केंद्रीय मंत्री को बयान पर सफाई देनी पड़ी
सीएम ने कहा- हमने केंद्र को 50 हजार प्रति एकड़ देने की बात कहीं, लेकिन वे नहीं माने। केंद्र का परसों एक मंत्री आया, उसने बयान दिया कि वह 1600 करोड़ सरकार को न देकर किसानों को सीधे देंगे।
क्या पंजाब को यूटी बना रखा। गवर्नर प्रधानमंत्री से मिल चुके हैं। जबकि मुख्यमंत्री को मिलने का मौका नहीं दिया जा रहा है। लेकिन कल फिर मंत्री ने सफाई दी कि मेरा बयान तोड़मरोड़ कर पेश किया गया।
CM ने मुआवजा बढ़ाने की घोषणा की
CM भगवंत मान ने कहा- अब बाढ़ से बचने का चरण पूरा कर लिया। अब पुनर्वास का काम करना है। एक बिल भी आएगा। जिसे सर्वसम्मति से पास किया जाए। प्रति एकड़ में 26 से 33 फीसदी नुकसान हुआ तो पहले दो हजार दिया जाता था, पंजाब उसे 10 हजार देगा। 33 से 75 फीसदी नुकसान 6800 रुपए दिया जाता था। उसे 10 हजार कर रहे है। 75 से 100 में नुकसान 20 हजार कर रहे हैं। उसमें एसडीआरएफ का 6800 है। कल इसी मामले में गृहमंत्री से मिल रहा हूं।
20 अक्तूबर की दिवाली है। हम 15 अक्टूबर तक लोगों को फसलों, पशुओं और अन्य चीजों के नुकसानों के चैक देना शुरू कर देंगे। स्पेशल गिरदावरी की जाएगी। 7200 रुपए प्रति एकड़ रेत हटाने के किसानों को देंगे। कुछ जमीनें बह गई है। उसके लिए 18,800 दिए जाएंगे। फिरोजपुर और फाजिल्का के सेम के एरिया में साढ़े चार करोड़ मुख्यमंत्री रिलीफ फंड से जारी कर चुके है।
CM ने आर्मी और NDRF का धन्यवाद किया
सीएम ने बाढ़ प्रभावित काम करने वाले सभी युवाओं का धन्यवाद किया। इसी तरह एनडीआरएफ की टीमें, भारतीय फौज जिनसे 20 हेलिकाप्टर व नाव मुहैया करवाई। फौज भी बाढ़ से पीड़ित है। राजनीतिक पार्टियों के वर्करों ने राजनीति से उठकर काम किया। हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड और यूपी से लोगों ने आकर मदद की। सभी का विधानसभा में मैं धन्यवाद करता हूं। जो नहीं आए भी उनका धन्यवाद किया। जिन्होंने बाढ़ से अवसर तलाशा उनका धन्यवाद किया।
CM मान बोले- विरोधी दोस्त की भूमिका निभाएं
सीएम भगवंत मान ने संबोधन शुरू करते हुए कहा- पंजाब के इस गंभीर संकट पर 26 सितंबर और आज चर्चा चली है। कई अच्छे सुझाव आए हैं। मैंने सारे नोट किए हैं। कोशिश करूंगा की सबका जवाब दे संकू। राणा गुरजीत सिंह ने कहा हमारा काम है सवाल करना। कहा भी जाता है कि जो आपकी कमियां बताएं वह ही सच्चा दोस्त होता है। विरोधी पार्टियों को दोस्त की भूमिका निभानी चाहिए ।
MLA राणा बोले- नोटिफिकेशन को डिनोटिफाई करें
राणा इंद्रप्रताप सिंह ने कहा- ब्यास नदी वाइल्ड लाइफ सेंचुरी घोषित हो चुका है। उन्होंने सीएम से मांग की है इस नोटिफिकेशन को डिनोटिफाई कर दे, ताकि इस समस्या को दूर किया जा सके। उन्होंने कहा कि एक बाढ़ आ चुकी है और दूसरी बाढ़ आने की तैयारी है। दो हजार एकड़ जमीन बहकर नदी में चली गई। हम पुनर्वास पंजाब की बात कर रहे हैं। पहले बाढ़ थी, अब धान में हल्दी की बीमारी आ गई। हम भगवान के बाद पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी पर विश्वास रखते है। यूनिवर्सिटी ने क्या इस बारे में बुलेटिन जारी नहीं किया। इसके लिए जिम्मेदारी तय की जाए।
ढिल्लो ने पूछा- बाढ़ पीड़ितों की मदद कैसे होगी
बरनाला के विधायक काला ढिल्लों ने बाढ़ में सभी संस्थाओं और लोगों ने मिलकर काम किया। सेशन के दो दिन में अभी तक साफ नहीं हो पाया कि बाढ़ पीड़ितों की मदद कैसे होगी। केंद्र सरकार पंजाब के लोगों की अनदेखी कर रही है तो हम उस लड़ाई में सहयोग देने के लिए तैयार है।
थोड़ी देर में CM भगवंत मान बोलेंगे
सीएम भगवंत मान सदन में मौजूद हैं। थोड़ी देर में वह बहस की चर्चा का जवाब देकर इसे खत्म करेंगे। इसके बाद बाढ़ को लेकर प्रस्ताव पेश किया जाएगा।
CM मान बोले- आजाद का कोई वाली वारिस नहीं
कार्यवाही के दौरान निर्दलीय विधायक राणा इंद्रप्रताप ने बोलने का समय मांगा। इससे पहले सीएम को बोलना था लेकिन सीएम भगवंत मान ने कहा कि ये आजाद हैं, इनका कोई वाली-वारिस नहीं है। राणा ने कहा कि वह जो भी सुझाव देंगे, वह प्रोडक्टिव होंगे।
कृषि मंत्री बोले- किसानों को बीज देंगे
कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि अगस्त-सितंबर महीने में लगातार जो बारिश होती रही। उससे पंजाब में बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। किसी को दोषी नहीं कहा जाता है।
पहाड़ों पर बादल फटते रहे। खेती और पशुओं को नुकसान हुआ। पांच लाख एकड़ फसल बर्बाद हुई है। कपास, बगीचों को नुकसान हुआ है। खेतीबाड़ी महकमें 5 हजार करोड़ का नुकसान हुआ है।
इसके अलावा सड़कों, सरकारी इमारतों, अस्पताल, 2500 छोटे बड़े पुलों का नुकसान हुआ है। हम किसानों को गेहूं का बीज देने जा रहे है। अभी 2027 का चुनाव बहुत दूर है। कुछ नेता पंजाब की सुख कम मांगते है।
वह चाहते है कि इस तरह की चीजें होती रहे, ताकि इसी बहाने फील्ड में चक्कर लगा आए। आखिर में उन्होंने कहा कि हम मिलकर पंजाब के लिए काम करेंगे।
मंत्री बोले- विपक्ष के नेता जख्म देते हैं
मंत्री लाल चंद कटारूचक ने कहा हम अफगानिस्तान की मदद का विरोध नहीं करते हैं, लेकिन वह सोमनाथ मंदिर की बात करके भी आते।
सभी लोगों ने बाढ़ में फील्ड में काम किया। मेरे हलके में मुस्लिम लड़के सहारनपुर से आए थे। हमें एक जख्म रावी और उज्ज देते है। एक विपक्ष के नेता देते हैं। शेर सिंह का मजाक उड़ाया गया। बंदे का रंग देख बात करते हो। बोलते हुए शब्दों का ध्यान रखे। इनके नेता संविधान की कॉपी लेकर घूमते हो।
मुर्गी और भेड़ बकरियों का मुआवजा भी देंगे
AAP सरकार के मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि हम पहले दिन से अपनी सेवा निभा रहे है। आगे भी इसी तरह निभाते रहेंगे।
जब हमें पता चला कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ रहे हैं। हमें बड़ी खुशी हुई। जब उन्होंने 1600 करोड़ का ऐलान किया। मैं खड़ा होकर बोला है। मुझे अंहकार भरे तरीके से उन्होंने कहा कि हिंदी नहीं आती।
सदन में हमें साढ़े तीन चार साल हो गए। जो इस सदन से होकर चले गए, बीजेपी के प्रधान सुनील जाखड़ कह रहे हैं कि मैं मुडियां को नहीं जानता। इसी तरह सीएलपी नेता ने कहा कि इन्हें कौन पूछता है।
उन्होंने कहा कि इन नेताओं को अगर हमारी पहचान नहीं आई तो राजनीति छोड़ देनी चाहिए। हमारी तरफ से लोगों को फसलों का हर नुकसान का मुआवजा दिया जाएगा। भेड़ बकरियों के नुकसान की लिस्ट दें। प्रति भेड़-बकरी का 4 हजार और मुर्गी का 100 रुपया देंगे।
ग्यासपुरा बोले- हमारी पार्टी को टारगेट किया
आम आदमी पार्टी के विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने कहा कि पंजाब में लगभग सवा महीने बारिश हुई। सभी पड़ोसी राज्यों में भी ऐसी स्थिति थी।
फिर भी इसे मैन मेड बाढ़ कहा जा रहा है। पता नहीं इनकी केंद्र सरकार से क्या करीबी है। उन्होंने कहा कि अगर मकान की छत गिर गई तो क्या यह मैन मेड था।
पंजाब में बाढ़ के दौरान जो बयानबाजी की गई, उसके माध्यम से हमारी पार्टी को टारगेट किया गया। ऐसे बताया कि यह इनके साथ नहीं है। मोदी साहब जो पैसा कहकर गए थे, वह देकर नहीं गए।
चौधरी बोले- 50-50 लाख की फिरौती ले रहे
कांग्रेस MLA बिक्रम चौधरी ने बताया कि दो दिनों से सीएलपी को निशाना बनाया जा रहा है। जिस वाहन पर वह बाढ़ वाले एरिया में गए थे, उस पर सवाल उठाए गए, लेकिन चीफ सेक्रेटरी व अमृतसर डीसी ने सिफारिश राज्यपाल को भेजी है, इस वाहन को खरीदा जाए।
उन्होंने सवाल किया है कि किसी ने सुझाव दिया है कि पंजाब को इस मुश्किल समय में कैसे निकालना है। उन्होंने बताया कि कल मैं अपने इलाके में गया था। वहां पर चार एसोसिएशन से मिला है। पता चला है कि वह गुंडा टैक्स ले रहे है। सीएम कहते है कि खजाने की कमी नहीं है।
लेकिन विधानसभा स्तर के नेता 50-50 लाख की फिरौती ले रहे हैं। कुछ नेता पंजाबियों की शान को दाग लगा रहे हैं। वहीं, उन्होंने बताया कि जब बाढ़ आई तो कहा गया कि लुधियाना बचाना है और जालंधर डुबोना है। इसकी जांच की जाए।
नुकसान के पैरामीटर बनाएं
कांग्रेस विधायक संदीप जाखड़ ने हमारे एरिया में फसल बीमा योजना के तहत पायलट प्रोजेक्ट चलाए जाए। वहां पर हरेक प्रकार की फसल होती है। उन्होंने दूसरा सुझाव दिया कि जो मकान को नुकसान हुआ है। उसके लिए पैरामीटर तक बनाए। वहीं, सैटेलाइट से मैपिंग करवाई जाए। वहीं, मुआवजा किसको देना है, इसकी डायरेक्टरी बनाए।
AAP विधायक बोले- नियम बदले जाएं
आम आदमी पार्टी के विधायक दलबीर सिंह टोंग ने कहा कि सीएम ने जो 20 हजार प्रति एकड़ मुआवजा देने की बात कही थी। उसका भी मजाक उड़ाया जा रहा है। जो कि गलत है। उन्होंने अपने इलाके में हुए नुकसान के बारे में बताया। वहीं, उन्होंने कहा कि जो मुआवजा राशि लोगों को दी जाती है, उसके नियमों में बदलाव किया जाए
मंत्री केंद्र सरकार से बोले- साड्डा हक, ऐत्थे रख
सेहत मंत्री बलबीर सिंह ने कहा कि 12 अगस्त को जब पानी आना शुरू हो हुआ था, उसी समय हमारी टीमें एक्टिव हो गई थी। चार हजार 740 कैंप लगे हैं। बीस से 25 हजार लोगों को इलाज किया। 170 एम्बुलेंस काम कर रही है।
मुख्यमंत्री समेत हम खुद भी फील्ड में गए। इससे पहले ऑपरेशन सिंदूर हुआ था तो सारे लोग मोदी के साथ खड़े थे। इस समय हमें मुख्यमंत्री के साथ खड़े होने की जरूरत है।
इंडियन मेडिकल काउंसिल ने ढाई सौ करीब एंबुलेंस दी। हमारी टीमें उन इलाकों में गईं, जो देश से कट गए थे। 9 गर्भवतियों को पानी से निकाला। चार की डिलीवरी करवाई।
23 लोगों को सांप ने काटा। जिसमें केवल 2 लोगों की मौत हुई। वहीं, ऑपरेशन सिंदूर में जो घायल हो गए। उनके इलाज के लिए फरिश्ते स्कीमों में बदलाव किया, ताकि लोगों को लाभ मिल सके। मैंने केंद्रीय हेल्थ मंत्री को दो बार पत्र लिखा है कि 20 -50 एम्बुलेंस दे दो, लेकिन कोई मदद नहीं मिली।
इस बार हिमाचल 148 लैंडस्लाइड हुई है। यह ग्लोबल वार्मिंग की वजह से हुई। यह हमारे नेता केजरीवाल और सीएम से मिल ले लें। यह भी सैम पित्रोदा और मोटेंक अहलूवालिया को लेकर आए थे, लेकिन सलाह का पालन किया।
केंद्र से चार-चार मंत्री आ रहे है। जिलों के डीसी को काम नहीं करने देते हैं। अब कह रहे है कि लोगों के खाते में सीधे पैसे डाले जाएंगे। क्या यह संघीय ढांचा है। चढ़दी कलां मिशन में सीएलपी नेता पैसा न देने की बात कहीं। इससे बड़ा दुख लगा है। आखिर में उन्होंने कहा कि हम सबको मिलकर केंद्र से ये कहने की जरूरत है- साड्डे हक्क ऐत्थे रख।
अकाली MLA बोले- एक्सपर्ट कमेटी बनाई जाए
अकाली दल के विधायक मनप्रीत अयाली ने कहा कि बाढ़ से निपटने के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाई जाए, ताकि दोबारा यह स्थिति न बने। नदियों का सेंटर बहुत ऊंचा हो गया। इस वजह से दबाव बांधों के किनारों पर आ गया।
उन्होंने कहा कि सतलुज ऊपर चल रहा है। गोदावरी का धरातल नीचे है। कहीं पर सतलुज नदी एक किलोमीटर तो कहीं तीन किलोमीटर व कहीं सात किलोमीटर चौड़ी है। खेतों से रेत हटाने का समय बढ़ाया जाए।
किसानों को खाद, तेल व बीज की जरूरत है। किसानों की छतों को सुधारने की जरूरत है। मैं अपने हलके में काम कर रहा हूं। एक गांव एक या दो घर है। जिन्हें तुरंत मदद की जरूरत है।
राणा गुरजीत ने पूछा- काफिला क्यों लूटा, कब्र खुद चुकी
कांग्रेस MLA राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि सिंचाई मंत्री बताएं कि काफिला लूटा क्यों, बाढ़ आई क्यों। वजह तो बतानी पड़ेगी। जो राजा होता है, उनका फैसला हमें मंजूर है। जो कहेंगे होगा।
आप खुद ही मुजरिम, दरोगा और जज है। कल कपूरथला में गया तो वहां पर थानेदार का बोर्ड लगा था। सिस्टम के मुताबिक काम क्यों नहीं करते। आपकी वैदर डिपार्टमेंट कमेटी की मीटिंग नहीं हुई।
राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि मंत्री और कृष्ण कुमार ने क्या किया। जब पंजाब में बाढ़ आई थी, तो उस समय मैंने कहा था कि कमेटी बनाओ, वह पता लगाएगी कि नुकसान कहां तक हुआ। सैटेलाइट मैपिंग करके देखें। अभी भी देर नहीं है।
नेशनल स्तर पर कोई कंसल्टेंट नहीं है तो इंटरनेशनल स्तर पर लिया जाए। इसका खर्च पंजाब क्यों उठाए। इसके लिए अन्य लोग भी उठाए। हम 2019 और 2023 की बाढ़ का भूल गए है।
मंत्री ने बताया कि हमें 76 फीसदी पानी का प्रयोग करेंगे। राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि पानी कैसे प्रयोग करना है, उसके लिए सुझाव में देता हूं। राणा ने कहा कि पानी बचाना है तो गेहूं की जगह मक्की की खेती करवाओ। राणा ने कहा कि सीएम साहब लोग बहुत दुखी है। इस समय कब्र खुद चुकी है। चाहे मंत्री या कृष्ण कुमार को डाल दो या आम आदमी पार्टी को।
CM भगवंत मान विधानसभा पहुंचे
बाजवा बोले- बाढ़ से बचाव पर काम नहीं हुआ
कांग्रेस विधायक दल नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि कहा कि मेरे पास लिस्ट है। फ्लड प्रोटेक्शन पर काम नहीं हुआ। दो तिहाई काम अभी भी शेष है। कृष्ण कुमार ने आठ हजार लोगों को चार्जशीट कर दिया। कोई वहां काम नहीं करना चाहता। पूरे पंजाब को पानी में डूबो दिया। कृष्ण कुमार का इतना डर है।
सिंचाई मंत्री बोले- झूठ की राजनीति की जा रही
सिंचाई मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा- जिस मुद्दे के लिए सेशन बुलाया था, उस मुद्दे पर चर्चा होने की जगह बात दूसरी चली गई। यहां से झूठ की राजनीति की गई। बाढ़ पीड़ितों के जख्मों पर मरहम लगाने की बजाय नमक छिड़का गया।
नेता विपक्ष ने सिंचाई मंत्री और प्रिंसिपल सेक्रेटरी का इस्तीफा मांगा, लेकिन हमारी सरकार ने साढ़े तीन साल में वह काम किया, जो पिछली सरकारें 70 साल में नहीं कर पाईं।
हमने सारा कनाल सिस्टम सही किया। इनकी वजह से पानी हरियाणा को जाता रहा है। हमने अब नया लक्ष्य रखा है। यह लोग झूठ बोलकर इस्तीफा मांग रहे हैं।
कल बाजवा माधोपुर गए थे। फोटो बड़ी बढ़िया आ रही थी। लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि वहां पर उस समय जाना चाहिए था, जब हालत खराब थी। इन्होंने वहां जाकर भी गेट खोलते समय जान गंवाने वाले मुलाजिमों के लिए एक शब्द नहीं बोले।
बाजवा ने कहा था कि सात लाख क्यूसिक पानी रणजीत सागर से छोड़ा गया। यह झूठ बोलना बहुत बड़ा गुनाह है। जबकि दूसरे वह बीजेपी वाले है। जो समानांतर सेशन चला रहे है। उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। वहीं, झूठ बोलने के लिए इन्हें माफी मांगनी चाहिए।
AAP विधायक बोले- पंजाब को कंगला कहने पर माफी मांगो
सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर विधायक गुरप्रीत ने एसडीआरएफ के मुआवजे संबंधी नियमों में संशोधन करने की बात कहीं। उन्होंने एक लाख से तो आजकल बाथरूम तक नहीं बनते।
उन्होंने बीजेपी वालों को कहा कि बाहर सेशन की जगह विधानसभा में आकर इकट्ठे होकर आवाज उठाओ। उन्होंने कहा कि सीएलपी नेता ने पंजाब को कंगला कहा है। पंजाब कभी कंगला नहीं हो सकता है। इसके लिए वह माफी मांगे।
प्रधानमंत्री हमारे मुख्यमंत्री को मीटिंग के लिए समय नहीं दे रहे है, जो कि बिल्कुल गलत है। हमें बेगानगी का एहसास न दिलाओ, पंजाब आपका अपना हिस्सा है। अफगानिस्तान को मदद दी जा रही है।
विधानसभा में वित्त मंत्री ने बाजवा की जमीन खरीदने का रिकॉर्ड बताया
वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि बाजवा साहब हर बात में कभी हाउस कमेटी बनाने तो कभी गोयल साहब के इस्तीफे की बात करते है।
जो आपकी जमीन गांव फुलड़ा में खरीदी थी। जो कि 16.10 मरले थे। उक्त रकबा ब्यास नदी के साथ धुस्सी बांध के अंदर पड़ता है। गरीब किसान से इन्होंने 2025 में यह जमीन खरीदी थी। इन्हें पता था कि रेत आने वाला है।
बाजवा कुछ कहने लगे तो मंत्री चीमा ने कहा- मिस्टर बाजवा रुक जाओ एक मिनट। बताओ कि फुलड़ा में आपकी जमीन नहीं है। हर समय बीजेपी के स्पीकर बने रहते हैं। दूसरा गांव पसवाल है। जहां पर उन्होंने दस एकड़ जमीन खरीदी है। यह भी ब्यास नदी के पास धुस्सी बांध के अंदर थी।
यह डिपार्टमेंट को दोषी इसलिए बनाते हैं। क्योंकि 2017 और 2019 में इनकी जमीनें बचाने के लिए पत्थर के स्टड लगाए गए थे। इस पर एक करोड 18 लाख खर्च किए गए।
यह चाहते है कि बाजवा करी जमीन को प्रोटेक्ट किया किया जाए, किसानों को प्रोटेक्ट न किया जाए। यह हर बार सरकार पर आरोप लगाते है। जिस प्रॉपर्टी की कीमत 25 लाख है। उस पर 1 करोड़ 18 लाख खर्च किए है।
इसके जवाब में बाजवा ने कहा- मैंने किसानों से जमीन खरीदी है। उसके लिए पैसे भरे है। सरकार को राजस्व भरा है। बाजवा ने कहा- एक्साइज मिनिस्टर शराब फैक्टरियों से हर महीने पैसे लेते हे। एक डिस्टलरी से सवा करोड़ और महीने में 35 से 40 करोड़ इकट्ठा करते हैं। शराब पॉलिसी से भी 12 हजार करोड़ रुपए खा गए।
इस पर वित्तमंत्री चीमा ने कहा- जब सच बोलते है तो इन्हें मिर्ची लगती है। इसके बाद स्पीकर ने दोनों को शांत कराने की कोशिश की। जब बवाल नहीं थमा तो सदन 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया।
MLA प्रगट बोले- दो एजेंसियों से पंजाब का नुकसान हुआ
कांग्रेस के विधायक परगट सिंह ने कहा कि अमन अरोड़ा की बात सही है। हमें केंद्र के खिलाफ लड़ाई दिल्ली जाकर लड़नी होगी। दो एजेंसियों बीबीएमबी और भारतीय मौसम विभाग की वजह से पंजाब को नुकसान हुआ है।
इनके खिलाफ जंग के लिए मिलकर चलना होगा। वहीं, बीजेपी को इस चीज से कुछ लेना-देना नहीं है। वह आज अपना मजमा लगाकर बैठे हुए हैं।
एसडीआरएफ के नियमों में बदलाव करे केंद्र सरकार
मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि एसडीआरएफ को लेकर बड़ी राजनीति हुई। प्रधानमंत्री आए और कहा कि साढ़े 12 हजार करोड़ पंजाब सरकार के पास पड़े हुए हैं।
सच्चाई ये है कि 25 साल केवल 6190 करोड़ आए हैं। हम पर आरोप लगे कि पैसे कहां गए। सरकार का पैसा है। एफडी के पास पड़ा हुआ है। क्यों हम लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
बाजवा साहब ने कहा कि साढ़े 12 हजार सरकार खा गई। 31 मार्च 2023 की कैग रिपोर्ट दिखाई है। मैं आपको 2017 की रिपोर्ट दिखाता है। उस रिपोर्ट में 4740.20 करोड़ सरकार के पास पड़ा है। लेकिन आरबीआई ने कहा था कि इसके पास पैसे नहीं है। बैंक ने लोन देने से मना किया।
इस पर प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि हमने तो कहा था कि प्रधानमंत्री ने यह बात कही है कि पैसे पड़े है। ऐसे में स्थिति साफ करे।
अमन अरोड़ा ने कहा कि एसडीआरएफ का पैसा पड़ा हुआ है। लेकिन क्या उसे खर्च कर सकते हैं?, एसडीआरएफ में जो मुआवजा तय है, उस हिसाब से लोगों के मुआवजे की भरपाई नहीं हो सकती है।
कांग्रेस विधायक ने पूछा कि इस चीज का हल क्या है। इस पर अमन अरोड़ा ने कहा कि एसडीआरएफ नियमों में बदलाव किया जाए। ताकि लोगों की भरपाई की जाए।
मंत्री ने बाढ़ के लिए कांग्रेस के फैसले को जिम्मेदार ठहराया
मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि बाढ़ पहली बार नहीं आई है। आगे इस तरह की तबाही न हो, पहले दिन इस पर चर्चा होनी चाहिए थी। कांग्रेस के पांच साल में ड्रेनों की सफाई के लिए 103 करोड़ खर्च किया है। जबकि AAP के समय 227 करोड़ खर्च किए गए। 1044 चैक डैम बनाए गए।
उससे पहले की सरकार कोई रिकॉर्ड नहीं है। 19 पोकलेन मशीन ली गई। लेकिन पहले की सरकारों ने उस समय के ठेकेदारों से काम करवाया। 1000 करोड़ इरीगेशन स्कैम में हुआ है। वहीं, उन्होंने सरकार द्वारा बाढ़ से निपटने के लिए उठाए गए कदमों को बताया है। सारे अफसरों व नेताओं ने काम किया। हम ऐसे नहीं है कि एक दिन बंबूकार्ट पर चढ़े और पैरों को मिट्टी तक निकलने दी।
डीसिल्टिंग चार जगह पर होनी है। रावी के पास इंटरनेशनल बॉर्डर के पास है। लेकिन केंद्र ओर आर्मी अनुमति नहीं देती है। हमारी सरकार कई बार बार पत्र लिख चुकी है। लेकिन कोई रिस्पांस नहीं है। आज खुद लड़ने की जरूरत नहीं, बल्कि आज केंद्र को घेरने की जरूरत है।
ब्यास ने भी बाढ़ से तबाही मचाई, 29 अगस्त 2017 को रामसर कंजर्वेशन साइट घोषित की थी। जिसमें ब्यास का तलवाड़ा से लेकर हरिके का 260 किलोमीटर का एरिया शामिल कर लिया गया। ऐसे में वहां पर डीसिल्टिंग नहीं हो सकती थी। ऐसे में ब्यास की वजह से जहां तबाही हुई है। उसके लिए कांग्रेस जिम्मेदार है। हरिके में डीसिल्टिंग करनी थी, तो राजस्थान ने हाथ खड़े कर दिए है। राजस्थान को पंजाब से पानी पूरा चाहिए लेकिन वह भुगतान के लिए तैयार नहीं हैं।
अरोड़ा बोले- कांग्रेस मंत्री ने पब्लिक मीटिंग बंद कर दी थीं
मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि लीडर वही है जो दुख में आगे और सुख में पीछे रहे। जब कोरोना आया था तो तत्कालीन मंत्री बलबीर सिद्धू ने घर के बाहर लिखकर लगा दिया था कि कोरोना खत्म होने तक कोई पब्लिक मीटिंग नहीं होगी।
मंत्री अरोड़ा ने बाजवा पर बंबूकार्ट का तंज कसा
मंत्री अमन अरोड़ा ने नेता विपक्ष प्रताप बाजवा पर तंज कसा कि हम ऐसे नहीं हैं कि बंबूकार्ट पर बैठकर गए और पैरों में मिट्टी भी नहीं लगने दी। बाढ़ आने से पहले ही मंत्रियों के ग्रुप बन चुके थे। कांग्रेस सरकार के मुकाबले हमने डी-शिल्टिंग पर ज्यादा पैसा खर्च किया है।
चंडीगढ़ में भाजपा ने जनता की विधानसभा लगाई
MLA जीवनजोत ने कहा- केंद्र जल्दी राशि जारी करे
अमृतसर से विधायक जीवनजोत कौर ने कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान के मुकाबले 1600 करोड़ की रकम कुछ भी नहीं है। हमारी केंद्र से मांग है कि यह राशि तुरंत जारी करे और 20 हजार करोड़ की मांग पूरी करे।
भाजपा ने सेक्टर 37 में जनता की विधानसभा लगाई
वित्तमंत्री बोले- भाजपा चर्चा से भागी
वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि भाजपा चर्चा से भाग गई है। वह समानांतर सेशन चलाकर संविधान का मजाक उड़ा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायकों को विधानसभा में आकर अपना स्टैंड स्पष्ट करना चाहिए।
MLA जाखड़ बोले- पंजाब सरकार मुआवजा खुर्द-बुर्द कर देगी
कांग्रेस MLA संदीप जाखड़ ने कहा कि केंद्र सीधे किसानों को मुआवजा क्यों दे रही है, इसकी वजह ये है कि किसानों ने केंद्रीय टीमों को कहा कि पंजाब सरकार मुआवजा खुर्द-बुर्द कर देगी। यह पंजाब सरकार को सोचना चाहिए कि किसानों ने ऐसा क्यों कहा।
विधानसभा में ये 6 बिल पेश होंगे
