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श्रीसीम यौन शोषण केस- चैतन्यानंद आगरा से गिरफ्तार:यूएन-ब्रिक्स के फर्जी विजिटिंग कार्ड मिले, पूछताछ जारी; 17 छात्राओं ने शिकायत दर्ज कराई थी

दिल्ली के वसंत कुंज स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट-रिसर्च के हेड स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थसारथी को दिल्ली पुलिस ने 27 सितंबर की रात आगरा से गिरफ्तार किया। चैतन्यानंद पर कई छात्राओं के यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगा है।

चैतन्यानंद फरार था और उसकी आखिरी लोकेशन आगरा में मिली थी। दिल्ली पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही थी। चैतन्यानंद को वसंत कुंज पुलिस स्टेशन लाया गया है, जहां पूछताछ जारी है।

दिल्ली पुलिस ने चैतन्यानंद के पास से 2 फर्जी विजिटिंग कार्ड बरामद किए हैं। एक कार्ड में उसे संयुक्त राष्ट्र में स्थायी राजदूत और दूसरे में ब्रिक्स संयुक्त आयोग का सदस्य और भारत का विशेष दूत बताया गया है।

शनिवार को आगरा पहुंचे थे चैतन्यानदं

आगरा के जिस होटल से स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को गिरफ्तार किया गया था, उसके रिसेप्शनिस्ट भरत ने बताया कि चैतन्यानंद शनिवार शाम करीब 4 बजे वहां पहुंचे। उन्होंने आगे बताया कि उनके ठहरने के दौरान उनसे मिलने कोई नहीं आया। भरत ने कहा कि नाइट शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारी ने उनकी एंट्री की थी।

रात में लगभग 3:30 बजे दो पुलिसकर्मी आए जिन्होंने खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बताया। दोनों ने बाबा से उनके कमरे में 10 मिनट तक बात की और उन्हें अपने साथ ले गए। बाबा ने हमें अपना नाम पार्थ सारथी बताया था।

आरोपी ने आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं को निशाना बनाया

पुलिस के मुताबिक आरोपी छात्राओं को धमकाकर, अश्लील मैसेज भेजकर और विदेश यात्रा का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। उसने कई बार स्टूडेंट को देर रात कमरे में बुलाया और कम ग्रेड देने की धमकी दी।

जांच के दौरान बरामद वॉट्सएप मैसेज में सामने आया था कि चैतन्यानंद छात्राओं को “बेबी”, “आई लव यू”, “आई अडोर यू” जैसे मैसेज भेजता था। इसके साथ ही उनके बालों और कपड़ों की भी तारीफ करता था।

पुलिस की जांच में ये भी सामने आया कि तीन महिला वार्डन और फैकल्टी भी आरोपी की मदद करती थीं। वे छात्राओं पर दबाव डालकर चैट्स डिलीट करवाती और उन्हें चुप रहने के लिए कहती थीं।

आरोपी ने ईडब्ल्यूएस कोटे की छात्राओं को टारगेट किया क्योंकि वे आर्थिक रूप से कमजोर थीं और स्कॉलरशिप पर पढ़ रही थीं। 32 छात्राओं से पूछताछ हुई, जिनमें से 17 ने सीधे यौन उत्पीड़न-मानसिक प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई।

अब तक 16 छात्राएं मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज करा चुकी हैं। यह भी खुलासा हुआ कि कुछ छात्राओं को आरोपी की ओर से विदेश टूर का झांसा भी दिया गया था।

छात्राओं को कमरे में बुलाता और कम ग्रेड देने की धमकी देता

पुलिस की जांच में सामने आया था कि चैतन्यानंद ने छात्राओं को डराने-धमकाने और लालच देने की रणनीति अपनाई। वह अक्सर अश्लील मैसेज भेजता था।

उसके मैसेज में लिखा होता- मेरे कमरे में आओ, मैं तुम्हें विदेश ले जाऊंगा, तुम्हें कुछ खर्च नहीं करना होगा, अगर मेरी बात नहीं मानी तो तुम्हें परीक्षा में फेल कर दूंगा। आरोपी रात में छात्राओं को अपने कमरे में बुलाता और मना करने पर उन्हें कम ग्रेड देने की धमकी देता।

आरोपी के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज

स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। 2009 में उसके खिलाफ दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी में धोखाधड़ी और छेड़छाड़ का एक मामला दर्ज किया गया था।

2016 में वसंत कुंज में एक महिला ने उसके खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया था। हालांकि चैतन्यानंद के निजी जीवन से जुड़ी ज्यादा जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

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