न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCIL) देश में बिजली प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए 18 न्यूक्लियर पावर रिएक्टर और तैयार करेगा। इनकी बिजली पैदा करने की क्षमता 13,800 मेगावाट की होगी। जिससे 2031-32 तक ऊर्जा मिश्रण में एटोमिक पावर की कुल हिस्सेदारी 22,480 मेगावाट हो जाएगी।
रूस की सहायता से तमिलनाडु के कुडनकुलम में 1,000 मेगावाट के चार न्यूक्लियर पावर प्लांट बनाए जा रहे हैं। चार 700 मेगावाट के घरेलू निर्मित PHWR राजस्थान में रावतभाटा (RAPS 7 और 8) और हरियाणा के गोरखपुर गांव में (GHAVP 1 और 2) में तैयार किए जाएंगे।
हरियाणा में गोरखपुर में GHAVP 3 और 4, कर्नाटक में कारवार के पास कैगा जनरेटिंग स्टेशन 5 और 6, मध्य प्रदेश में चुटका (CMPAPP 1 & 2) और राजस्थान में माही बांसवाड़ा में चार बिजली यूनिट (MBRAPP 1, 2, 3 & 4) में 700 मेगावाट के दस PHWRs बनाने की मंजूरी दी गई है।
