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लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग:लेह में छात्रों का प्रदर्शन, भाजपा ऑफिस फूंका; सोनम वांगचुक 15 दिन से भूख हड़ताल पर

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लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग:लेह में छात्रों का प्रदर्शन, भाजपा ऑफिस फूंका; सोनम वांगचुक 15 दिन से भूख हड़ताल पर

लेह2 मिनट पहले
प्रदर्शनकारियों ने CRPF की गाड़ी में आग लगा दी और लेह में बीजेपी का ऑफिस फूंक दिया।

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर लेह में बुधवार को हिंसक प्रदर्शन हुआ। छात्रों की पुलिस और सुरक्षाबलों से झड़प हो गई। छात्रों ने भाजपा ऑफिस में आग लगा दी। पुलिस पर पत्थरबाजी की, CRPF की गाड़ी में आग लगा दी।

ये छात्र सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के समर्थन में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वांगचुक पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। मांगें पूरी न करने के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने आज बंद बुलाया था। वांगचुक के समर्थन में लोगों ने रैली निकाली।

वांगचुक के नेतृत्व में छात्रों की 4 मांगें हैं…

  • पहली- लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा मिले।
  • दूसरी- संवैधानिक सुरक्षा (6वीं अनुसूची के तहत) दी जाए।
  • तीसरी- कारगिल और लेह को लोकसभा सीट बनाएं।
  • चौथी- सरकारी नौकरी में स्थानीय लोगों की भर्ती हो।

इस मांगों को लेकर अगली बैठक दिल्ली में 6 अक्टूबर को होगी। साल 2019 में अनुच्छेद 370 और 35A हटाते समय जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्र शासित प्रदेश बनाए गए थे। सरकार ने उस समय ही राज्य के हालात सामान्य होने पर पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का भरोसा दिया था।

हिंसक प्रदर्शन की 5 तस्वीरें…

प्रदर्शनकारियों ने लेह में बीजेपी ऑफिस में आग लगा दी।
प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने CRPF की गाड़ी भी फूंक दी।
छात्रों ने प्रदर्शन रोकने आई पुलिस की गाड़ी पर भी पत्थरबाजी की।
सोनम वांगचुक के समर्थन में सैकड़ों स्थानीय लोग प्रदर्शन में शामिल हुए।

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प्रदर्शनकारियों का BJP ऑफिस में आग लगाने का VIDEO

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लेह में हिंसक प्रदर्शन, देखें VIDEO

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आर्टिकल 370 हटने के बाद लद्दाख में विरोध शुरू

केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाकर पूर्ण राज्य का दर्जा खत्म कर दिया था। इसके बाद जम्मू-कश्मीर एक अलग केंद्र शासित प्रदेश बना। लेह और कारगिल को मिलाकर लद्दाख अलग केंद्र शासित प्रदेश बना था।

इसके बाद लेह और कारगिल के लोग खुद को राजनीतिक तौर पर बेदखल महसूस करने लगे। उन्होंने केंद्र के खिलाफ आवाज उठाई। बीते दो साल में लोगों ने कई बार विरोध-प्रदर्शन कर पूर्ण राज्य का दर्जा और संवैधानिक सुरक्षा मांगते रहे हैं, जिससे उनकी जमीन, नौकरियां और अलग पहचान बनी रही, जो आर्टिकल 370 के तहत उन्हें मिलता था।

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