कर्नाटक में शिवाजीनगर स्टेशन का नाम ‘सेंट-मैरी’ करने का प्रस्ताव:फडणवीस बोले- ये छत्रपति महाराज का अपमान, कांग्रेस नेहरू के समय से शिवाजी के खिलाफ
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को कहा कि बेंगलुरु के शिवाजीनगर मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर सेंट मैरी रखने का प्रस्ताव छत्रपति शिवाजी महाराज का सीधा अपमान है।
फडणवीस के बयान के बाद शिवाजीनगर मेट्रो स्टेशन का नाम बदलने का विवाद बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि वे प्रार्थना करते हैं कि भगवान सिद्धारमैया को सही समझ दें ताकि वे इस धार्मिक आधार पर लिए गए गलत फैसले को आगे न बढ़ाएं।
उन्होंने कहा- छत्रपति शिवाजी महाराज का नाम हटाकर किसी धार्मिक आधार पर स्टेशन का नाम रखना अस्वीकार्य है। कांग्रेस का यह पुराना रवैया है, नेहरू के समय से ही शिवाजी का अपमान किया जाता रहा है।
दरअसल, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा था कि उनकी सरकार इस प्रस्ताव पर विचार कर सकती है। यह मांग सेंट मैरी बेसिलिका में वार्षिक पर्व के दौरान कांग्रेस विधायक रिजवान अरशद ने की थी। डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने भी कहा था कि ऐसी सामुदायिक मांगों पर विचार करना सामान्य बात है।
भाजपा बोली- तुष्टिकरण कांग्रेस की पहली पसंद
- कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाड़ी नारायण स्वामी ने कहा- ‘क्या वे शिवाजीनगर नाम हटा देंगे? उन्हें अपनी सीमा से आगे नहीं जाना चाहिए। तुष्टिकरण कांग्रेस की पहली पसंद बन गया है।’ उन्होंने कहा- तुष्टिकरण के कारण उनकी पार्टी बर्बाद हो गई। फिर भी, वे तुष्टिकरण की राजनीति जारी रखे हुए हैं। हम ऐसा नहीं होने देंगे।
- महाराष्ट्र विधान परिषद में भाजपा सदस्य चित्रा वाघ ने कहा कि शिवाजी महाराज के प्रति कांग्रेस की घृणा उजागर हो गई है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी नाम बदलने के लिए केंद्र सरकार को एक प्रस्ताव भेजा है। क्या महाराष्ट्र कांग्रेस इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करेगी या चुप रहेगी?
शिवसेना (UBT) बोली- BJP आग न भड़काए
- महाराष्ट्र में कांग्रेस की सहयोगी शिवसेना (उद्धव गुट) ने कहा है कि वह मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पत्र लिखकर मेट्रो स्टेशन का नाम छत्रपति शिवाजी के नाम पर रखने का आग्रह करेगी।
- पार्टी प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा, ‘जनभावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। राजनीति से बचना चाहिए। भाजपा को शिवाजी महाराज के बारे में बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। पीएम मोदी ने अरब सागर में शिवाजी की मूर्ति की नींव रखी थी। उसके बाद से कोई प्रगति नहीं हुई। भाजपा को आग नहीं भड़कानी चाहिए। हम कांग्रेस से बात करेंगे और कोई समाधान निकालेंगे।’
फडणवीस बोले- मराठा आरक्षण पर गलतफहमियां फैलाई जा रहीं
मराठा आरक्षण को लेकर भी फडणवीस ने स्पष्ट किया कि हाल ही में जारी सरकारी प्रस्ताव (GR) को लेकर फैलाई जा रही गलतफहमियां ठीक नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि हैदराबाद गजट का मतलब यह नहीं है कि सभी मराठाओं को कुणबी जाति का प्रमाणपत्र मिल जाएगा। केवल वही लोग प्रमाणपत्र पाएंगे जिनके पास कुणबी दस्तावेज या सबूत मौजूद होंगे और पूरी तरह जांच के बाद ही प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे।
