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गोगोई बोले- मणिपुर आने में देरी पर PM माफी मांगें:न्याय में देरी, न्याय न मिलने के बराबर; यहां हिंसा में अब तक 260 मौतें इम्फाल3 घंटे पहले गौरव गोगोई के साथ I.N.D.I. अलायंस के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी. सुंदर्शन रेड्डी और अन्य लोग। – Dainik Bhaskar गौरव गोगोई के साथ I.N.D.I. अलायंस के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी. सुंदर्शन रेड्डी और अन्य लोग। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, ‘PM मोदी की मणिपुर की संभावित यात्रा को किसी लक्ष्य का अंत नहीं मानना चाहिए, बल्कि राज्य में शांति, न्याय, सुलह और लोकतंत्र को वापस लाने की लंबी यात्रा की सिर्फ शुरुआत है।’ उन्होंने कहा- PM की संभावित यात्रा दो साल पहले होनी चाहिए थी। जैसा कि कहा जाता है कि न्याय में देरी होना, न्याय न मिलने के बराबर है, उसी तरह मणिपुर के लोगों को पीएम की यात्रा से बहुत लंबे समय तक वंचित रखा गया है। गोगोई ने कहा- जब PM आएंगे, तो उन्हें सबसे पहले पिछले 2 सालों में न आने के लिए मणिपुर के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। राज्य में अभी भी कई चुनौतियां बाकी हैं। दरअसल, शुक्रवार को गौरव गुवाहाटी पहुंचे थे। यहां I.N.D.I. अलायंस के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी के मीडिया इंट्रैक्शन में शामिल हुए थे। मई 2023 में मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई थी। इसमें अब तक 260 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। कार्यक्रम में इन मुद्दों पर भी बोले गोगोई असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख और उसके भारतीय साथियों के कथित संबंधों की जांच पर बनी SIT अपनी रिपोर्ट 10 सितंबर को सौंपेगी। इस पर गोगोई ने कहा कि पार्टी राज्य में भाजपा सरकार के अलग-अलग घोटालों को लगातार उजागर करती रहेगी। गोगोई ने ये भी कहा कि इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स (एग्जेम्प्शन) ऑर्डर, 2025 जैसे इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर पहले संसद में चर्चा होनी चाहिए थी। यह आदेश बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए अल्पसंख्यकों को धार्मिक उत्पीड़न से बचने के लिए 31 दिसंबर 2024 तक भारत में प्रवेश करने की अनुमति देता है। इन अल्पसंख्यकों में हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन और ईसाई शामिल हैं। मीडिया इंट्रैक्शन में मौजूद गौरव गोगई और अन्य कांग्रेस नेता। मीडिया इंट्रैक्शन में मौजूद गौरव गोगई और अन्य कांग्रेस नेता। PM मोदी 13 सितंबर को मणिपुर जा सकते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 सितंबर को मणिपुर जा सकते हैं। हालांकि अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। पीएम मिजोरम में रेलवे प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे। मणिपुर हिंसा के बाद मोदी का यह पहला मणिपुर दौरा है। मई 2023 में मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई थी। इस हिंसा में अब तक 260 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। दौरे की तैयारियों के बीच जिला मजिस्ट्रेट धरुण कुमार ने चुराचांदपुर जिले में गुरुवार को नो-ड्रोन जोन घोषित कर दिया है। आदेश के मुताबिक, अब जिले की सीमा में बिना सरकारी अनुमति के कोई भी ड्रोन, UAV, गुब्बारे या अन्य उड़ने वाले यंत्र उड़ाना प्रतिबंधित होगा। चुराचांदपुर कुकी बहुल है और मिजोरम से सटा हुआ है। मणिपुर को नगालैंड–पूर्वोत्तर से जोड़ने वाला नेशनल हाईवे खुलेगा मणिपुर में जारी जातीय हिंसा के बीच गुरुवार को कुकी-जो ( Kuki-Zo) काउंसिल राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (NH-2) को पूरी तरह खोलने को तैयार हो गई। अब इस मार्ग से लोगों और जरूरी सामान की आवाजाही बिना रुकावट हो सकेगी। गृह मंत्रालय (MHA) के मुताबिक, कुकी-जो काउंसिल सुरक्षा बलों के साथ NH-2 पर शांति बनाए रखने में सहयोग करेगी। यह हाईवे मणिपुर को नगालैंड और पूर्वोत्तर से जोड़ने वाली जीवन रेखा है, जो मई 2023 में भड़की मैतेई और कुकी समुदायों की हिंसा के बाद से बंद था। हालांकि कुकी जो काउंसिल (KZC) ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा कि नेशनल हाईवे-2 (इम्फाल-दीमापुर) को फिर से खोलने का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि सड़क को कभी बंद ही नहीं किया गया था। दिल्ली में गुरुवार को केंद्र सरकार, मणिपुर सरकार और कुकी संगठनों (कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन-KNO और यूनाइटेड पीपल्स फ्रंट-UPF) के बीच त्रिपक्षीय बैठक हुई। बैठक के अंत में नया सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (SoO) करार साइन किया गया। यह समझौता एक साल के लिए प्रभावी रहेगा और इसमें नई शर्तें जोड़ी गई हैं। क्यों महत्वपूर्ण है NH-2 हाईवे NH-2 हाईवे मणिपुर और पूरे पूर्वोत्तर के लिए बेहद जरूरी है। यह राजमार्ग नगालैंड के दीमापुर को मणिपुर की राजधानी इंफाल से जोड़ता है। हाईवे मणिपुर-नगालैंड-मिजोरम का शेष भारत से संपर्क बनाए रखता है। मणिपुर में जरूरतों, जैसे – खाने-पीने का सामान, दवा, ईंधन और व्यापार के सामान, इसी हाईवे से आते-जाते हैं। यह सेना और सुरक्षा बलों की आवाजाही के लिए भी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। पूर्वोत्तर के राज्यों के बीच व्यापार, पर्यटन और आपसी जुड़ाव बनाए रखने के लिए NH-2 जीवनरेखा की तरह काम करता है। 4 पॉइंट्स में समझिए मणिपुर हिंसा की वजह… मणिपुर की आबादी करीब 38 लाख है। यहां तीन प्रमुख समुदाय हैं- मैतेई, नगा और कुकी। मैतई ज्यादातर हिंदू हैं। नगा-कुकी ईसाई धर्म को मानते हैं। ST वर्ग में आते हैं। इनकी आबादी करीब 50% है। राज्य के करीब 10% इलाके में फैली इंफाल घाटी मैतेई समुदाय बहुल ही है। नगा-कुकी की आबादी करीब 34 प्रतिशत है। ये लोग राज्य के करीब 90% इलाके में रहते हैं। कैसे शुरू हुआ विवाद: मैतेई समुदाय की मांग है कि उन्हें भी जनजाति का दर्जा दिया जाए। समुदाय ने इसके लिए मणिपुर हाई कोर्ट में याचिका लगाई। समुदाय की दलील थी कि 1949 में मणिपुर का भारत में विलय हुआ था। उससे पहले उन्हें जनजाति का ही दर्जा मिला हुआ था। इसके बाद हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से सिफारिश की कि मैतेई को अनुसूचित जनजाति (ST) में शामिल किया जाए। मैतेई का तर्क क्या है: मैतेई जनजाति वाले मानते हैं कि सालों पहले उनके राजाओं ने म्यांमार से कुकी काे युद्ध लड़ने के लिए बुलाया था। उसके बाद ये स्थायी निवासी हो गए। इन लोगों ने रोजगार के लिए जंगल काटे और अफीम की खेती करने लगे। इससे मणिपुर ड्रग तस्करी का ट्राएंगल बन गया है। यह सब खुलेआम हो रहा है। इन्होंने नागा लोगों से लड़ने के लिए आर्म्स ग्रुप बनाया। नगा-कुकी विरोध में क्यों हैं: बाकी दोनों जनजाति मैतेई समुदाय को आरक्षण देने के विरोध में हैं। इनका कहना है कि राज्य की 60 में से 40 विधानसभा सीट पहले से मैतेई बहुल इंफाल घाटी में हैं। ऐसे में ST वर्ग में मैतेई को आरक्षण मिलने से उनके अधिकारों का बंटवारा होगा। सियासी समीकरण क्या हैं: मणिपुर के 60 विधायकों में से 40 विधायक मैतेई और 20 विधायक नगा-कुकी जनजाति से हैं। अब तक 12 CM में से दो ही जनजाति से रहे हैं।

लाल किला परिसर से ₹1 करोड़ के कलश चोरी, VIDEO:सोने पर हीरे-पन्ने जड़े थे; जैन समारोह की घटना, लोकसभा स्पीकर भी आए थे

नई दिल्ली4 घंटे पहले
घटना लाल किला परिसर में स्थित जैन शिविर में हुई। आरोपी का चोरी करते CCTV फुटेज सामने आया है।

दिल्ली के लाल किला परिसर में जैन धार्मिक आयोजन के दौरान दो स्वर्ण कलश और 1.5 करोड़ रुपए के सामान चोरी हो गए। घटना बुधवार, 3 सितंबर की है। इसका CCTV शनिवार को सामने आया है। इसमें एक चोर जैन पुजारी के वेश में आया और कीमती सामान से भरा बैग लेकर चला गया।

पुलिस ने कहा है कि संदिग्ध की पहचान कर ली गई है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एक स्वर्ण कलश पर लगभग 760 ग्राम का सोने का नारियल लगा था। 115 ग्राम के दूसरे कलश पर हीरे, पन्ने और माणिक जड़े थे। इन्हें जैन धर्म में पवित्र माना जाता है और ये अनुष्ठानों में काम आते हैं।

एक स्वर्ण कलश पर 760 ग्राम का सोने का नारियल लगा था। दूसरे पर हीरे, पन्ने, माणिक जड़े थे।

ओम बिरला के स्वागत की अफरातफरी के बीच कलश मंच से गायब

दरअसल, लाल किला परिसर के 15 अगस्त पार्क में 10 दिनों का धार्मिक आयोजन ‘दशलक्षण महापर्व’ आयोजित किया गया था। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, स्वर्ण कलश और कीमती सामान बिजनेसमैन सुधीर जैन के स्वामित्व में था।

वे अनुष्ठानों के लिए हर दिन ये कीमती सामान लाते थे। पिछले बुधवार भी वे अनुष्ठान के लिए कलश लाए थे। कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी शामिल हुए थे। ओम बिरला के स्वागत की अफरातफरी के बीच कलश मंच से गायब हो गया।

कलश चोरी का CCTV फुटेज

आरोपी आगे-पीछे देखते हुए जैन शिविर के किचन में धीरे-धीरे दाखिल हुआ।
उसने किचन स्लैब पर रखे एक बैग में हाथ डाला और कुछ ढूंढने की कोशिश की।
हालांकि, उसने वह बैग छोड़ दिया और स्लैब पर कोने में रखा बैग लेकर बाहर निकल गया।

हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब लाल किला में सुरक्षा में सेंध का मामला सामने आया है। इससे पहले, 2 अगस्त को लाल किले की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी एक डमी बम का पता नहीं लगा पाए थे।

स्वतंत्रता दिवस को लेकर सादे कपड़ों में पहुंची थी स्पेशल टीम

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम को लेकर स्पेशल सेल की एक टीम 2 अगस्त को सादे कपड़ों में मॉक ड्रिल के लिए पहुंची थी। वे अपने साथ एक नकली बम लेकर लाल किले में दाखिल हुए।

उस समय, लाल किले की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी बम डिटेक्ट नहीं कर सके। पुलिसकर्मियों को सुरक्षा में लापरवाही बरतने के कारण निलंबित कर दिया गया। लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह आयोजित होता है। इसमें पीएम मोदी देश को संबोधित करते हैं।

4 अगस्त: महिला कांग्रेस सांसद से चेन छीनी थी हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब लाल किला में सुरक्षा में सेंध का मामला सामने आया है। इससे पहले 4 अगस्त को दिल्ली के चाणक्यपुरी में मॉर्निंग वॉक के दौरान कांग्रेस सांसद सुधा रामकृष्णन से एक बदमाश ने चेन छीन ली थी।

घटना तमिलनाडु भवन के पास हुई थी। चेन खींचने की वजह से सांसद की गर्दन पर चोट आ गई थी। सुधा ने गृह मंत्री अमित शाह को लेटर लिखकर कहा था, ‘मेरी चार से ज्यादा सॉवरेन (करीब 32 ग्राम) वजन की सोने की चेन खो गई और मैं इस आपराधिक हमले से बहुत सदमे में हूं।’

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