सुप्रीम कोर्ट में कक्षा 12वीं की स्टूडेंट काव्या मुखर्जी साहा ने जनहित याचिका दायर की। याचिका में मांग की गई है कि NCERT और SCERT अपनी किताबों के सेक्स एजुकेशन वाले हिस्से में जरूरी बदलाव कर उसे जेंडर सेंसिटिव बनाएँ। किताबों को इस तरह से डिजाइन किया जाए जिससे बच्चे ट्रांसजेंडर्स के बारे में जागरूक हों।
कोर्ट ने आज इस याचिका पर सुनवाई के बाद NCERT, केंद्र सरकार और 6 राज्यों से इस विषय पर उनकी राय मांगी है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस बी. आर. गवई की अध्यक्षता वाली बेंच कर रही थी।
याचिका में यह भी कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट इस विषय पर 2014 में ही निर्देश जारी कर चुका है, पर अभी तक उन निर्देशों को लागू नहीं किया गया है।
2024 में एक आरटीआई के जवाब में NCERT ने कहा कि उसके पास जेंडर सेंसिटिविटी और ट्रांसजेंडर्स को किताबों में लाने के बारे में जानकारी नहीं है।
