ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान पर 50 से कम हथियार दागे:एयर मार्शल बोले- इतने में ही PAK घबरा गया, सीजफायर के लिए कहने लगा
ऑपरेशन सिंदूर के तीन महीने बाद वायुसेना उप प्रमुख ने नया खुलासा किया है। एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी ने कहा कि पाकिस्तान को युद्धविराम की मेज पर लाने के लिए भारतीय वायुसेना ने 50 से भी कम हथियार दागे।
एनडीटीवी डिफेंस समिट में बोलते हुए एयर मार्शल ने कहा कि मौजूदा ऑप्शन की लिस्ट में हमारे पास बड़ी संख्या में टारगेट थे। आखिरकार हम 9 तक पहुंचे। हमारे लिए मुख्य बात यह थी कि 50 से भी कम हथियारों के साथ हम सीजफायर हासिल करने में सफल हुए।
उन्होंने कहा, ‘युद्ध शुरू करना बहुत आसान है, लेकिन उसे खत्म करना उतना आसान नहीं है और यह एक महत्वपूर्ण बात थी, जिसे ध्यान में रखना जरूरी था, ताकि हमारी सेनाएं सक्रिय रहें, तैनात रहें और किसी भी संभावित स्थिति के लिए तैयार रहें।’
दरअसल, सेना ने 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में 7 मई को पाकिस्तान स्थित 9 आतंकवादी ठिकानों को तबाह कर दिया था। इसके बाद पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारत के डीजीएमओ से सीजफायर की गुहार लगाई थी।
तीनों सेनाओं को मिले थे ये निर्देश
उन्होंने बताया कि नई दिल्ली से मिले निर्देश तीन मुख्य बातों पर केंद्रित थे। पहला, दुश्मन के खिलाफ हर कार्रवाई सख्त और दंडात्मक होनी चाहिए। दूसरा, ऐसा संदेश दिया जाए जिससे भविष्य में हमले करने की हिम्मत न हो। तीसरा, सशस्त्र बलों को पूरी परिचालन स्वतंत्रता दी जाए और साथ ही इस बात की तैयारी भी रहे कि कहीं संघर्ष पारंपरिक युद्ध का रूप न ले ले।
IACCS बनी ऑपरेशन की रीढ़
एयर मार्शल ने भारत की इंटीग्रेडेट एयर कमांड और कंट्रोल सिस्टम (IACCS) की तारीफ की। उन्होंने बताया कि चार दिन चले संघर्ष के दौरान ये सिस्टम आक्रामक और रक्षात्मक दोनों ऑपरेशन की रीढ़ साबित हुई। IACCS की मदद से भारत शुरुआती हमलों को झेल सका और पाकिस्तान को करारा जवाब दिया, जिसके बाद पाकिस्तान तनाव कम करने के लिए तैयार हो गया।
एयरफोर्स चीफ बोले-ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के 5 जेट गिराए
एयर फोर्स चीफ एपी सिंह ने 9 अगस्त को कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के 5 लड़ाकू विमान गिराए गए थे। इसके अलावा एक सर्विलांस एयरक्राफ्ट को लगभग 300 किलोमीटर की दूरी से मार गिराया। यह सतह से हवा में टारगेट हिटिंग का अभी तक का रिकॉर्ड
समित में रक्षा मंत्री बोले- टैरिफ पर भारत समझौता नहीं करेगा
इस समिट में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल हुए। उन्होंने अमेरिकी टैरिफ पर विवाद के बीच कहा कि कोई भी देश परमानेंट दोस्त या दुश्मन नहीं होता है। सिर्फ परमानेंट इंटरेस्ट होता है। राजनाथ ने यह बात एनडीटीवी डिफेंस समिट में शनिवार को कही।
उन्होंने कहा कि दुनिया में ट्रेड वॉर जैसे हालात हैं। विकसित देश तेजी से संरक्षणवादी हो रहे हैं। भारत किसी को अपना दुश्मन नहीं मानता, लेकिन हम राष्ट्रीय हित और लोगों के हितों से समझौता नहीं करेंगे।
राजनाथ के इस बयान को ट्रम्प के टैरिफ के खिलाफ भारत, रूस और चीन के करीब आने की खबरों से जोड़कर देखा जा रहा है। पीएम मोदी आज ही जापान से चीन के दौरे पर रवाना हुए हैं। वे यहां एससीओ समिट में दोनों देश के राष्ट्रपति से मिलेंगे।
सिंह ने कहा,
हमारे लिए अपने लोगों का, किसानों का, छोटे व्यापारियों का, देशवासियों का हित सबसे ऊपर है। चाहे कितना भी दबाव डाला जाए, लेकिन भारत किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा।

सिंह बोले- भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट 24 हजार करोड़
- “दुनिया भारत की रक्षा क्षमताओं की गवाह है। जिस तरह से हमारी सेनाओं ने स्वदेशी उपकरणों के साथ पाकिस्तान पर सटीक हमले किए, उससे पता चलता है कि कोई भी मिशन बिना दूरदर्शिता और तैयारी के सफल नहीं हो सकता।”
- “2014 में हमारा डिफेंस एक्सपोर्ट 700 करोड़ रुपए से कम था। आज यह बढ़कर लगभग 24 हजार करोड़ रुपए हो गया है, जो एक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। यह दर्शाता है कि भारत अब केवल खरीदार नहीं रहा बल्कि निर्यातक बन रहा है।”
भारत पर अमेरिका ने 50% टैरिफ लगाया, 27 अगस्त से लागू
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया है, जो 27 अगस्त से लागू हो गया है। ट्रम्प प्रशासन ने 6 अगस्त को रूस से तेल खरीद पर जुर्माने के तौर पर इस टैरिफ का ऐलान किया था। वहीं, व्यापार घाटे का हवाला देकर 7 अगस्त से भारत पर 25% टैरिफ लगा दिया था। अब अमेरिका निर्यात होने वाले भारतीय सामानों पर कुल टैरिफ 50% तक हो जाएगा।
भारत, चीन के बाद रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार है। पिछले दो साल से भारत हर साल 130 अरब डॉलर (11.33 लाख करोड़ रुपए) से ज्यादा का रूसी तेल खरीद रहा
पीएम मोदी ने कहा था- भारत के पास दबाव झेलने की ताकत
पीएम नरेंद्र मोदी ने 25 अगस्त को अहमदाबाद में टैरिफ विवाद को लेकर कहा था, ‘मेरे देश के छोटे उद्यमी हों, किसान हों, या पशुपालक हों, सभी के लिए, मैं आपसे बार-बार वादा करता हूं, आपका हित मोदी के लिए सर्वोपरि है। मेरी सरकार छोटे उद्यमियों, किसानों और पशुपालकों पर कभी कोई आंच नहीं आने देगी। चाहे कितना भी दबाव आए, हम झेलने की अपनी ताकत बढ़ाते रहेंगे।’
