एक्सपर्ट बोले-उत्तराखंड के धराली में बादल फटने का डेटा नहीं:वहां महज 27mm बारिश दर्ज; कल बाढ़ में गांव बहा, 5 मौतें, 100 लापता
उत्तराखंड के उत्तरकाशी के धराली गांव में आई आपदा के पीछे की वजह बादल फटना बताया जा रहा था, लेकिन मौसम विभाग (IMD) के वैज्ञानिक रोहित थपलियाल ने कहा कि हमारे पास बादल फटने का कोई डेटा नहीं है।
थपलियाल ने बताया कि बादल फटना तब कहा जाता है, जब अचानक 20 से 30 वर्ग किलोमीटर के इलाके में एक घंटे या उससे कम समय में 100mm या उससे ज्यादा बारिश हो जाए, लेकिन 6 अगस्त को उत्तरकाशी में केवल 27mm बारिश दर्ज की गई, जो बहुत कम है।
इधर, आपदा के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी प्रभावित इलाकों धराली, हर्षिल और सुखी टॉप में सर्च ऑपरेशन जारी है। त्रासदी में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। 100 से ज्यादा लोग लापता हैं। SDRF, NDRF, ITBP और आर्मी बचाव कार्य में जुटी हैं। ITBP के प्रवक्ता कमलेश कमल ने बताया,
400 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू किया गया है। 100 से ज्यादा अभी भी फंसे हैं। सेना के 11 लापता जवानों का रेस्क्यू कर लिया गया है।

बुधवार सुबह पीएम मोदी ने उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की। इसके बाद धामी ने धराली और दूसरी जगहों का एरियल सर्वे किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर मीटिंग भी की।
गंगोत्री तीर्थयात्रियों के प्रमुख पड़ाव धराली गांव के बाजार-मकान, होटल बह गए खीर गंगा नदी में पहाड़ों से बहकर आए मलबे से बहे, सिर्फ 34 सेकेंड में ये बर्बादी हुई।
मैप से समझिए घटनास्थल को…
तबाही के बाद की 5 तस्वीरें…
