पहलगाम हमले के आतंकी पाकिस्तानी थे, लोकल नहीं:दावा-सिक्योरिटी एजेंसियों ने 6 सबूत पाकिस्तान के डेटाबेस से मैच किए; सेना बोली-हमने जानकारी नहीं दी
ऑपरेशन महादेव में 28 जुलाई को मारे गए तीन आतंकी लोकल नहीं, पाकिस्तानी थे। यह जानकारी सुरक्षा एजेंसी के अधिकारी ने सबूतों के आधार पर न्यूज एजेंसी PTI को दी है। अधिकारी ने बताया कि आतंकियों और एनकाउंटर साइट से मिले 6 सबूत से स्पष्ट हुआ है कि वे पाकिस्तान से थे।
एनकाउंटर साइट से सुरक्षाबलों को आतंकियों के पास से पाकिस्तानी वोटर ID समेत अन्य सबूत मिले थे। सुरक्षा एजेंसी ने इन सबूतों को पाकिस्तान के नेशनल डेटाबेस एंड रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी (NADRA) से मैच किया।
आतंकियों के वोटर आईडी, बायोमेट्रिक रिकॉर्ड पाकिस्तान सरकार की ओर से जारी डिटेल्स से मैच हुए। इनमें सैटेलाइट फोन और जीपीएस डेटा भी शामिल हैं। अधिकारी ने कहा- ये सबूत आतंकवादियों की पाकिस्तानी नागरिकता साबित करते हैं।
हालांकि, रक्षा मंत्रालय के इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (IDS) ने कहा- सोशल मीडिया पर पहलगाम हमलावरों की पहचान और बैकग्राउंड को लेकर एक रिपोर्ट फैलाई जा रही है। यह रिपोर्ट सेना की ओर से जारी नहीं हुई है। आर्मर्ड फोर्सेज के किसी अधिकारी या प्रवक्ता ने यह जानकारी नहीं दी है।
ऑपरेशन महादेव- पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड समेत 3 आतंकी मारे थे
जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के दाचीगाम नेशनल पार्क के पास हरवान इलाके में 28 जुलाई को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में तीन पाकिस्तानी आतंकवादी मारे गए थे। सेना ने यह कार्रवाई ऑपरेशन महादेव के तहत की थी।
बाकी दो आतंकियों की पहचान जिबरान और हमजा अफगानी के रूप में हुई थी। जिबरान 2024 के सोनमर्ग सुरंग प्रोजेक्ट पर हुए हमले में शामिल था। आतंकियों के पास से अमेरिकी M4 कार्बाइन, AK-47, 17 राइफल और ग्रेनेड मिले हैं। पूरी खबर पढ़ें…
भास्कर ने एक दिन पहले ही बताए आतंकियों के नाम और पहचान
भास्कर ने अपनी एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में कश्मीर के लिडवास एरिया के जंगलों में मारे गए आतंकियों की पहचान और पहलगाम हमले में उनके शामिल होने की जानकारी दी थी।
इसमें बताया था कि सुलेमान के साथ मारे गए बाकी दो आतंकी जिब्रान और अफगान हैं। तीनों पाकिस्तान के रहने वाले थे। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
लोकसभा में शाह ने बताया था- पहलगाम के आतंकी मारे गए
एनकाउंटर के अगले दिन 29 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में पहलगाम हमले के आतंकियों के मारे जाने की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि जिन आतंकियों ने पहलगाम के बायसरन घाटी में हमारे 26 पर्यटकों को मारा था, उन्हें 28 जुलाई को ऑपरेशन महादेव में ढेर कर दिया गया था।
शाह ने बताया, ‘इन आतंकियों के नाम सुलेमान, अफगान और जिब्रान हैं। ये तीनों आतंकी पहलगाम हमले में शामिल थे। सुरक्षाबलों ने पाकिस्तानी वोटर ID-चॉकलेट से पहलगाम के आतंकियों की पहचान की।’ पूरी खबर पढ़ें…
