Headlines

वसुंधरा ने पीड़ित परिवार को चेक-जॉइनिंग लेटर सौंपा:पूर्व CM की गोद में सिर रखकर रोए परिजन, झालावाड़ में 7 बच्चों का अंतिम संस्कार

वसुंधरा ने पीड़ित परिवार को चेक-जॉइनिंग लेटर सौंपा:पूर्व CM की गोद में सिर रखकर रोए परिजन, झालावाड़ में 7 बच्चों का अंतिम संस्कार

अकलेरा (झालावाड़)3 घंटे पहले

राजस्थान के झालावाड़ में सरकारी स्कूल की बिल्डिंग के नीचे दबकर जान गंवाने वाले सातों बच्चों के परिवार वालों को 10 लाख रुपए और संविदा पर नौकरी मिलेगी। साथ ही, नए स्कूल भवनों में बनने वाले क्लास रूम (कक्षा कक्ष) का नाम मृतक बच्चों के नाम पर रखा जाएगा।

पीड़ित परिवारों से मिलने शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पिपलोदी पहुंचीं। उनकी गोद में सिर रखकर परिवार वाले फूट-फूट कर रोए। इस दौरान उन्होंने चेक और संविदा पर नौकरी का जॉइनिंग लेटर सौंपा।

25 जुलाई को मनोहरथाना ब्लॉक के पिपलोदी सरकारी स्कूल की बिल्डिंग का हिस्सा गिर गया था। इस हादसे में 7 बच्चों की जान चली गई थी, 21 बच्चे घायल हुए थे। इसमें से 9 की हालत गंभीर है।

झालावाड़ में सरकारी स्कूल की बिल्डिंग के नीचे दबकर जान गंवाने वाले बच्चों के परिवार से पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने शनिवार को मुलाकात की थीं।

शनिवार सुबह 6 बच्चों के शव पिपलोदी और एक बच्चे का शव चांदपुर भीलन पहुंचा दिया गया था। भाई-बहन (कान्हा और मीना) का शव एक ही अर्थी पर ले जाया गया था। सभी बच्चों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

दूसरी ओर, नरेश मीणा को रिहा करने की मांग को लेकर उनके समर्थकों ने बारां-झालावाड़ मेगा हाईवे के पास बापावरकलां कस्बे के पास जाम लगा दिया था। दोपहर करीब साढ़े बारह बजे से हाईवे पर गाड़ियों की दोनों तरफ एक-एक किलोमीटर लंबी लाइन लगी थी।

हादसे में 7 बच्चों की मौत हो गई, जबकि 21 से ज्यादा घायलों का इलाज चल रहा है।

गांवों में मातम, हर आंख में आंसू…

शनिवार को झालावाड़ के मनोहरथाना ब्लॉक के पिपलोदी गांव में भाई-बहन (कान्हा और मीना) का शव एक ही अर्थी पर ले जाया गया था।
शनिवार को झालावाड़ के मनोहरथाना के पीपलोदी गांव के एक ही श्मशान में 5 बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया था।
नरेश मीणा को रिहा करने की मांग को लेकर समर्थकों ने बापावरकलां कस्बे के पास बारां-झालावाड़ मेगा हाईवे को जाम कर दिया था।
रेस्क्यू करने वाले लोगों ने बताया कि कई बच्चे भारी पट्टियों के नीचे दबे हुए थे।

7 बच्चों की चिता ठंडी नहीं हुई, मंत्री स्वागत में लगे:भरतपुर में बैंड-बाजों से स्वागत करवाया, मालाएं पहनीं; पूछा तो बोले-माला पहने 36 साल हो गए

घर पर पेन लेने गया था, इसलिए बच गया बच्चा:झालावाड़ स्कूल हादसे में 4 बच्चे किस्मत से बचे; दो बच्चियां झाड़ू लगाने से बची

​​​​​​​पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग देखिए….

अपडेट्स

04:24 PM26 जुलाई 2025

कांग्रेस विधायक बोले- शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें

पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे खानपुर से कांग्रेस विधायक सुरेश गुर्जर ने कहा – यह कोई हादसा नहीं, बल्कि हत्या है। जिन अधिकारियों की लापरवाही से यह घटना हुई, उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। जब प्लेन क्रैश पीड़ितों को एक-एक करोड़ रुपए दिए जा सकते हैं, तो यहां गरीबों को मात्र 10 लाख देकर उनके आंसू पोंछने का दिखावा क्यों किया जा रहा है? यह मुआवजे के नाम पर पीड़ित परिवारों के साथ अन्याय है।

ऐसे समय में सरकार को हर संभव मदद करनी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय पीड़ित परिजनों पर लाठीचार्ज कर दिया गया। यह सरकार का अमानवीय और शर्मनाक कृत्य है। शिक्षा मंत्री सिर्फ वादे और घोषणाएं करते हैं, लेकिन इस भयावह हादसे की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।

02:51 PM26 जुलाई 2025

स्कूल हादसे पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने रिपोर्ट मांगी

झालावाड़ स्कूल हादसे में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने इस मामले में मुख्य सचिव के साथ ही झालावाड़ कलेक्टर और एसपी को नोटिस जारी कर तीन दिन प्रशासन की ओर से की गई जांच और कार्रवाई पर रिपोर्ट मांगी है।

02:36 PM26 जुलाई 2025

पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने कहा- सरकार की लापरवाही से हादसा हुआ

नरेश मीणा की रिहाई की मांग करने के​ लिए उनके समर्थक बारां-झालावाड़ मेगा हाईवे पर धरना दे रहे हैं। शनिवार दोपहर बाद पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा भी मीणा के समर्थकों के बीच पहुंचे। वे बोले- ये हादसा सरकार की लापरवाही की वजह से हुआ है।

02:11 PM26 जुलाई 2025

करौली में स्कूल खुलने से पहले हादसा, छत गिरी

करौली के सपोटरा में राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल इनायती की जर्जर छत शनिवार को भरभराकर गिर गई। गनीमत रही की हादसा स्कूल खुलने से पहले हुआ, जिससे बड़ी जनहानि टल गई।

स्कूल के हेडमास्टर संतराम मीणा ने हादसे की जानकारी तुरंत शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को दी। हैरानी की बात यह रही कि सूचना के बावजूद कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Budget 2024