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ऑपरेशन सिंदूर पर संसद में पहली बार बोली सरकार:कहा- यह आतंकी हमले का जवाब था, पाकिस्तान की रिक्वेस्ट पर युद्ध विराम हुआ

ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर के सवालों पर गुरुवार को सरकार ने संसद में पहली बार जवाब दिया। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में लिखित जवाब में कहा- ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों की ओर से किए गए बर्बर आतंकी हमले के जवाब में शुरू हुआ था।

कीर्ति वर्धन सिंह ने आगे कहा- ऑपरेशन सिंदूर के तहत 7 मई को भारत ने पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया। इसके बाद PAK ने भारतीय सैन्य ठिकानों और नागरिकों को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन इसका कड़ा जवाब दिया गया। पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान पहुंचाया।

सीजफायर के सवाल पर उन्होंने कहा- 10 मई को पाकिस्तान के मिलिट्री ऑपरेशन डायरेक्टर जनरल (DGMO) ने भारतीय समकक्ष से संपर्क कर गोलीबारी और सैन्य गतिविधियों को रोकने का अनुरोध किया। उसी दिन बाद में संघर्ष विराम पर सहमति बनी।

विदेश राज्य मंत्री ने ये सभी जवाब सपा सांसद रामजी लाल सुमन के सवालों पर दिया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर अंतरराष्ट्रीय दबाव में शुरू हुआ, अचानक युद्धविराम की घोषणा का सेना पर असर और ऑपरेशन सिंदूर की वास्तविक स्थिति को लेकर सवाल पूछे थे।

21 जुलाई से संसद का मानसून सत्र चल रहा है। ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष का हंगामा जारी है।

सवाल- क्या भारत ने पाकिस्तान को ग्लोबल मंच पर अलग-थलग करने की कोशिश की? जवाब- विदेश राज्य मंत्री ने बताया कि भारत ने लगातार पाकिस्तान से होने वाले सीमा पार आतंकवाद के खतरे को ग्लोबल मंच पर उठाया है। इसके बाद कई पाकिस्तान बेस्ड आतंकवादियों और संगठनों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 1267 प्रतिबंध कमेटी और FATF की ग्रे लिस्ट में शामिल किया गया।

पहलगाम हमले के बाद UNSC ने भी इसकी कड़ी निंदा की और हमले के जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की बात कही। अमेरिका ने हाल ही में लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी संगठन द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) को विदेशी आतंकी संगठन और वैश्विक आतंकी घोषित किया है।

सवाल- भारत ने अमेरिका के साथ पाकिस्तान को दी जाने वाली सैन्य मदद पर क्या किया? जवाब- कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा- भारत पाकिस्तान की सभी सैन्य और सुरक्षा से जुड़े घटनाक्रमों पर नजर रखता है। इस पर अपनी चिंताओं को अमेरिका सहित अन्य साझेदारों के साथ उठाता है। भारत का स्पष्ट रुख है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा हैं, थे और हमेशा रहेंगे। भारत और अमेरिका के बीच आतंकवाद विरोधी सहयोग एक मजबूत स्तंभ है। दोनों देश समय-समय पर आतंकवाद को खत्म करने के लिए जरूरी कदम उठाते हैं।

ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर- 2 ग्राफिक्स में समझिए…

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