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खड़गे बोले- मोदी झूठों के सरदार:कहते हैं मैं नॉन-बायोलॉजिकल, मुझे भगवान ने भेजा है; जाति-जनगणना होनी चाहिए, सिर्फ राहुल में यह कहने की हिम्मत

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में कांग्रेस के OBC सेल की तरफ से आयोजित ‘भागीदारी न्याय सम्मेलन’ का उद्घाटन किया। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झूठों के सरदार हैं। झूठ बोलना उनका काम है। वे संसद में भी झूठ बोलते हैं।’

खड़गे ने कहा, ‘PM मोदी सिर्फ तकरीर (भाषण) करते रहते हैं। खुद कहते हैं कि मैं नॉन-बायोलॉजिकल हूं, मुझे भगवान ने भेजा है। उन्होंने देश से झूठ बोला कि वे हर साल युवाओं को 2 करोड़ नौकरी देंगे। विदेश से कालाधन लाएंगे। सबको 15-15 लाख देंगे। उन्होंने किसानों को MSP देने और पिछड़े समुदायों की आमदनी बढ़ाने का झूठ बोला।’

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘मोदी खुद को OBC बोलते हैं, जबकि वो पहले अपर कास्ट में थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने अपनी कम्युनिटी को OBC लिस्ट में डाल दिया। OBC के लोगों के बीच कहते हैं कि मैं पिछड़ा वर्ग का हूं, मुझे सताया जाता है। लेकिन अब वो सबको सता रहे हैं।’

खड़गे ने कहा, ‘राहुल गांधी पिछड़ों-वंचितों का साथ देते हैं, उनका समर्थन करते हैं, उनके हक के लिए लड़ते हैं। OBC की जाति-जनगणना होनी चाहिए, ये कहने की हिम्मत सिर्फ राहुल गांधी ने दिखाई। हम सबको राहुल गांधी का साथ देना है।’

खड़गे के भाषण की अहम बातें…

  • अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 25 बार ये कहा कि मैंने भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर करवाया, लेकिन नरेंद्र मोदी जवाब नहीं दे रहे हैं। उनकी जुबान बंद क्यों है?
  • देश में जातिगत जनगणना कराना और आरक्षण में 50% की सीमा को ख़त्म करना हमारी मांग है। PM मोदी उन्हें आरक्षण नहीं देना चाहते, जो शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े हैं।

OBC सम्मेलन में अलग-अलग राज्यों से कांग्रेस नेता शामिल हुए कांग्रेस के ‘भागीदारी न्याय सम्मेलन’ में अलग-अलग राज्यों से पार्टी के टॉप लीडर्स शामिल हुए। सम्मेलन में सिर्फ रजिस्टर्ड प्रतिनिधियों को ही एंट्री दी गई थी। पार्टी की तरफ से राज्य और जिला स्तर पर OBC समिति सदस्यों को इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कहा गया था।

इस सम्मेलन का मकसद देश के सभी OBC नेताओं को एक साथ लाकर काम करना और OBC मुद्दों पर नियमित वर्कशॉप आयोजित करना है। इसमें हर राज्य की राजधानी में जाति सर्वेक्षण भी शामिल है। ताकि, पार्टी OBC समुदायों तक पहुंचना और चुनावी स्तरों पर अपनी विचारधारा पहुंचा सके।

देश में आजादी के बाद पहली बार जातिगत जनगणना होगी केंद्र सरकार ने 30 अप्रैल 2025 को जातिगत जनगणना कराने की घोषणा की थी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को बताया कि जातियों की गणना अब आने वाली मूल जनगणना में ही शामिल होगी।

अश्विनी वैष्णव ने कहा,

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1947 से जाति जनगणना नहीं की गई। कांग्रेस की सरकारों ने हमेशा जाति जनगणना का विरोध किया। 2010 में PM मनमोहन सिंह ने कहा था कि जाति जनगणना के मामले पर कैबिनेट में विचार किया जाना चाहिए। इसके लिए मंत्रियों का एक समूह बनाया गया था। ज्यादातर राजनीतिक दलों ने जाति जनगणना की सिफारिश की। इसके बावजूद भी कांग्रेस ने महज खानापूर्ति का ही काम किया। उसने सिर्फ सर्वे कराना ही उचित समझा।

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देश में अब तक कुल 8 बार जातीय जनगणना हुई है। 1872 से 1931 के बीच 7 बार ब्रिटिशकाल में और एक बार 2011 में आजाद भारत में। हालांकि, 2011 की जातीय जनगणना के आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए।

अगले साल अक्टूबर से शुरू होगी जनगणना गृह मंत्रालय ने 16 जून को जनगणना के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था। केंद्र सरकार दो फेज में जातीय कराएगी। नोटिफिकेशन के मुताबिक, पहले फेज की शुरुआत 1 अक्टूबर 2026 से होगी। इसमें 4 पहाड़ी राज्य- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख शामिल हैं। 1 मार्च 2027 से दूसरा फेज शुरू होगा। इसमें देश के बाकी राज्यों में जनगणना शुरू होगी।

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