फरीदाबाद जिले के बादशाह खान सिविल अस्पताल में एक पाकिस्तानी महिला दुर्गा ने दो जुड़वां बच्चों को जन्म दिया है, जिनमें एक बेटा और एक बेटी शामिल हैं। महिला अपने पति पुरुषोत्तम और बच्चों के साथ टूरिस्ट वीजा पर पाकिस्तान से भारत आई थी। फिलहाल महिला और दोनों नवजात पूरी तरह स्वस्थ हैं और अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में हैं।
अब मामला केवल जन्म तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें नागरिकता, अवैध प्रवास और सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर सवाल भी उठ खड़े हुए हैं।
पाकिस्तान में उत्पीड़न का हवाला
दुर्गा ने बताया कि पाकिस्तान में हिंदू समुदाय पर हो रहे अत्याचारों से परेशान होकर भारत आई है और अब भारत में ही अपने बच्चों के साथ बसना चाहती है। भारत में उसे भेदभाव नहीं झेलना पड़ा, बल्कि उसके परिवार को सुरक्षा और सम्मान मिला है। इसलिए वह बेहतर भविष्य के लिए पाकिस्तान लौटना नहीं चाहती। उसका कहना है कि उसके दो बच्चे भारत में जन्मे हैं, इसलिए उन्हें भारत की नागरिकता मिलनी चाहिए।
बयानों में विरोधाभास, जांच का विषय
जब दुर्गा और उसके पति पुरुषोत्तम के बयानों की तुलना की गई, तो उनमें बड़ा विरोधाभास नजर आया। दुर्गा ने दावा किया कि पाकिस्तान से वह अपनी दो बेटियों और पति के साथ भारत आई थी और अब भारत में 20 जुलाई को दो बच्चों को जन्म दिया है। वहीं पुरुषोत्तम ने बताया कि उसकी पहले से पांच बेटियां थी और अब जुड़वा बच्चों के साथ सात बच्चे हो गए हैं।
दोनों के बयानों में अंतर को देखते हुए यह जांच का विषय बन चुका है कि कौन सच बोल रहा है।
भाटी माइंस में रह रहे हजारों पाकिस्तानी
पुरुषोत्तम ने बताया कि वह जाति से पंडित हैं और मेहनत-मजदूरी कर अपना गुजारा करते हैं। वे दिल्ली से सटे भाटी माइंस इलाके में अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनका दावा है कि वहां 10 हजार से अधिक पाकिस्तानी नागरिक रहते हैं, जिनमें कई को भारत सरकार की ओर से सुविधाएं और पेंशन तक मिल रही है।
दुर्गा की बुआ सास वजीरा ने भी स्वीकार किया कि वह लगभग 50 साल पहले पाकिस्तान से भारत आई थी और अब भारतीय नागरिक हैं। उनका दावा है कि वहां और भी कई पाकिस्तानी मूल के लोग रहते हैं, जिन्हें भारत की नागरिकता प्राप्त हो चुकी है।
वीजा समाप्त, फिर भी भारत में निवास
दुर्गा के पास जो टूरिस्ट वीजा था, वह 23 दिसंबर 2024 से 20 जून 2025 तक वैध था, लेकिन वीजा समाप्त होने के बावजूद वह पाकिस्तान वापस नहीं गई। इससे यह सवाल उठता है कि वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी वह भारत में कैसे रह रही है और इस पर अभी तक भारत सरकार या सुरक्षा एजेंसियों ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की।
