पृथ्वी पूरी एक दिखती है। स्पेस से कोई बॉर्डर नहीं दिखते।’, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन जाने वाले पहले भारतीय नागरिक शुभांशु शुक्ला का स्टेटमेंट NCERT कक्षा 5वीं की किताब में शामिल किया गया है। ये किताब विशु अधाना ने तैयार की है।
शुभांशु ने पीएम मोदी को बताया था एक्सपीरियंस
ये कोट ग्रुप कैप्टैन शुभांशु शुक्ला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बातचीत का हिस्सा है। इसे इन्वायर्नमेंटल स्टडीज की किताब के ‘अवर शेयर्ड होम’ चैप्टर में शामिल किया गया है।
स्पेस से पृथ्वी को देखने का अपना एक्सपीरियंस बताते हुए शुभांशु शुक्ला ने कहा था, ‘ऐसा लगता है कि कोई बॉर्डर नहीं है। कोई स्टेट नहीं हैं। कोई देश नहीं हैं। हम सभी मानवता का हिस्सा हैं और पृथ्वी हमारा एक घर है।’
NEP 2020 के तहत हुआ बदलाव
NEP 2020 के अनुसार TWAU यानी ‘द वर्ल्ड अराउंड अस’ टेक्स्टबुक बच्चों की पढ़ाई में एक बदलाव का हिस्सा है। इसमें साइंस, सोशल साइंस और एनवायरन्मेंटल स्टडीज को एक साथ शामिल किया गया है। इससे बच्चों में एथिकल रीजनिंग, ऑब्जर्वेशन और इनक्वायरी की क्षमता डेवलप होगी।
कलाम, भगत सिंह की कहानियां भी शामिल हुईं
इसके अलावा 5वीं के सिलेबस में एपीजे अब्दुल कलाम, भगत सिंह, रानी लक्ष्मीबाई और छत्रपति शिवाजी जैसे राष्ट्रीय प्रतीकों की कहानियां भी शामिल की गई हैं। ‘कुछ अनोखी कहानियां’ शीर्षक वाले चैप्टर में सुंदरबन, उत्तर-पूर्व भारत, पर्यावरण-अनुकूल वास्तुकला, लोकल इनोवेशन और जैव विविधता के बारे में बताया गया है।
इसके अलावा असम के भूत जोलोकिया, केरल के कॉयर शिल्प और महाराष्ट्र के कैलाशनाथ मंदिर का उल्लेख भी किताब में जोड़ा गया है।
