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बिहार में बिजली गिरने से 24 घंटे में 17 मौतें:पटना में गंगा खतरे के निशान से पार, राजस्थान में सैलाब में फंसे 7 लोग बचाए गए

बिहार में बिजली गिरने से 24 घंटे में 17 मौतें:पटना में गंगा खतरे के निशान से पार, राजस्थान में सैलाब में फंसे 7 लोग बचाए गए

नई दिल्ली3 घंटे पहले

बिहार में पिछले 24 घंटों में बिजली गिरने से 17 लोगों की मौत हो गई। सबसे ज्यादा 5 मौतें नालंदा में हुईं। वैशाली में 4, बांका और पटना 2-2 लोगों की जान चली गई। पटना में गंगा नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है।

राजस्थान के राजसमंद में एक वैन में तीन बच्चों समेत सात लोग सैलाब में फंस गए। वैन से निकले कुछ लोग किनारे आने की कोशिश में पेड़ पर फंस गए थे। करीब 2 घंटे के रेस्क्यू के बाद सभी को बचा लिया गया।

यूपी के वाराणसी में गंगा उफान पर हैं। नदी का जलस्तर हर घंटे 1 सेमी बढ़ रहा है। इसके अलावा वरुणा नदी भी उफान पर है। करीब 30 हजार घरों ने बाढ़ का पानी आने से पहले ही पलायन की तैयारी शुरू दी है। बलिया में गंगा नदी ने खतरे के निशान को पार कर लिया है।

वहीं, हिमाचल प्रदेश में बारिश से जुड़ी दुर्घटनाओं में अब तक 110 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 1200 करोड़ रुपए की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।

एक दिन के ब्रेक के बाद अमरनाथ यात्रा शुक्रवार फिर से शुरू कर दी गई है। पिछले कुछ दिनों से जम्मू-कश्मीर में हुई भारी बारिश और 16 जुलाई को बालटाल रूट पर लैंडस्लाइड के बाद यात्रा रोक दी गई थी।

राज्यों में मौसम की तस्वीरें…

राजस्थान के अजमेर में सड़क पर भी पानी भर गया। इस दौरान ई-रिक्शा चालक उसकी छत पर चढ़ गया।
राजस्थान के कुंभलगढ़ में बरसाती नाले के कारण कुंभलगढ़-सायरा रोड बंद हो गई।
वाराणसी में वरुणा नदी में भी बाढ़ के हालात हो गए हैं। नदी का पानी कॉलोनियों के पास पहुंच रहा है।
गुरुवार को बरारी मार्ग और रायलपथरी के बीच भारी बारिश और भूस्खलन के बाद फंसे अमरनाथ तीर्थयात्रियों को चिनार कॉर्प्स के जवानों ने सुरक्षित निकाला।
वाराणसी में गुरुवार को लगातार बारिश के बाद गंगा नदी में पानी का लेवल बढ़ने से नमो घाट डूब गया।
कर्नाटक के मंगलुरु में सर्किट हाउस के पास भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन के बाद मलबा हटाने का काम जारी है।

हिमाचल में भारी बारिश से लैंडस्लाइड, NH-707 बंद, 9 जिलों में बाढ़ की चेतावनी

गुरुवार को हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश हुई। सिरमौर के लोहरा इलाके में भूस्खलन के कारण NH-707 ब्लॉक हो गया। मौसम विभाग ने 9 जिलों के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ के खतरे की चेतावनी दी है।

राज्य भारी बारिश से जूझ रहा है, जिसके कारण कई जगह भूस्खलन हुआ है और अचानक बाढ़ आई है। 20 जून से अब तक राज्य को 1,220 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। NH समेत 170 सड़कें अभी भी बंद हैं।

सूत्रों ने बताया कि राजमार्ग 30 घंटे से ज्यादा समय से बंद है और इसे अभी तक वाहनों के आवागमन के लिए बहाल नहीं किया जा सका है, क्योंकि पहाड़ से गिरता मलबा सड़क साफ करने के काम में दिक्कत दे रहा है।

इस मानसून में हिमाचल प्रदेश में अब तक 31 बार अचानक बाढ़ आ चुकी है। 22 जगह बादल फटने की घटनाएं हुईं। जबकि 19 जगह भूस्खलन हुए हैं।

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