MNS कार्यकर्ताओं ने मुंबई में दुकानदार से मारपीट की:इलाके में घुमाया, माफी मंगवाई; मराठी लोगों पर आपत्तिजनक पोस्ट की थी
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) कार्यकर्ताओं ने मुंबई में एक दुकानदार के साथ मारपीट की। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि दुकानदार ने सोशल मीडिया पर मराठी लोगों के बारे में आपत्तिजनक पोस्ट की थी।
MNS कार्यकर्ता बुधवार को विक्रोली इलाके स्थित दुकान पर पहुंचे और दुकानदार से गाली-गलौच की। दुकानदार को धमकाकर माफी मंगवाई और पकड़कर पूरे इलाके में घुमाया।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें दुकानदार हाथ जोड़कर माफी मांगता दिख रहा है।
घटना की 3 तस्वीरें…
मारपीट से जुड़ी 3 घटनाएं, जिसमें MNS कार्यकर्ता शामिल थे…
9 जुलाई: हिंदी भाषी ऑटो ड्राइवर से माफी मंगवाई
ठाणे जिले में हिंदी भाषी ऑटो ड्राइवर का एक मराठी पैसेंजर से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। बात मारपीट तक पहुंच गई।
इस विवाद में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) कार्यकर्ताओं ने दखल दिया। भिवंडी नगर अध्यक्ष मनोज गुलवी ने 9 जुलाई को ड्राइवर को माफी मांगने पर मजबूर किया।
गुलवी ने धमकी दी कि आगे अगर किसी किसी मराठी युवक को छूने की कोशिश की, तो देख लेना हाथ कहां जाएगा।
5 जुलाई: इन्वेस्टर केडिया के वर्ली ऑफिस में तोड़फोड़
MNS कार्यकर्ताओं ने 5 जुलाई को शेयर बाजार इन्वेस्टर सुशील केडिया के वर्ली स्थित ऑफिस में तोड़फोड़ की थी। पुलिस ने मामले में 5 लोगों को हिरासत में लिया था। हमला उद्धव और राज ठाकरे की संयुक्त रैली के कुछ घंटे पहले हुआ था। हमला केडिया की 3 जुलाई X पोस्ट को लेकर हुआ था। उन्होंने MNS चीफ राज ठाकरे को टैग करते हुए लिखा था-
मुंबई में 30 साल रहने के बाद भी मैं मराठी ठीक से नहीं जानता और आपके घोर दुर्व्यवहार के कारण मैंने यह संकल्प लिया है कि जब तक आप जैसे लोगों को मराठी मानुष की देखभाल करने का दिखावा करने की परमिशन नहीं दी जाती, मैं प्रतिज्ञा लेता हूं कि मैं मराठी नहीं सीखूंगा। क्या करना है बोल?

30 जून: गुजराती दुकानदार से मारपीट
ठाणे में ही MNS कार्यकर्ताओं ने गुजराती दुकानदार से मारपीट की थी। बहस दुकानदार के मराठी न बोलने पर हुई थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो 30 जून का था। कार्यकर्ता ने दुकानदार से कहा कि तुमने मुझसे पूछा कि मराठी क्यों बोलनी चाहिए? जब तुम्हें परेशानी थी, तब तुम MNS ऑफिस आए थे।
दुकानदार ने जवाब में कहा कि उसे नहीं पता था कि मराठी बोलना अब जरूरी हो गया है। इस पर एक कार्यकर्ता गाली देते हुए दुकानदार को धमकाता है कि उसे इस इलाके में कारोबार नहीं करने दिया जाएगा। बहस के दौरान दुकानदार से मारपीट की गई थी।
जब दुकानदार पूछता है कि उसे मराठी सीखनी पड़ेगी, तो एक कार्यकर्ता कहता है, ‘हां, ऐसा कहो। लेकिन ये क्यों पूछ रहे हो कि मराठी क्यों सीखनी चाहिए? ये महाराष्ट्र है। महाराष्ट्र में कौन-सी भाषा बोली जाती है?’
दुकानदार कहता है- ‘सभी भाषाएं’, तो एक कार्यकर्ता उसे थप्पड़ मार देता है। फिर कार्यकर्ता दुकानदार को दो बार थप्पड़ मारता है। दुकानदार कुछ समझाने की कोशिश करता है, लेकिन उसे चार बार और थप्पड़ मारे जाते हैं।
