राहुल बोले-महाराष्ट्र की तरह बिहार में वोट चुराने की कोशिश:इलेक्शन कमीशन भाजपा का काम कर रहा; कहा- अडाणी ओडिशा सरकार चला रहे
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को ओडिशा में कहा- महाराष्ट्र की तरह बिहार में वोट चुराने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए इलेक्शन कमीशन ने नई साजिश शुरू की है। वह भाजपा के हिस्से का काम कर रहा है। अपना काम नहीं कर रहा है।
राहुल ने आगे कहा- महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा के बीच में 1 करोड़ नए वोटर आ गए। आज तक पता नहीं चल पाया कि ये वोटर्स कहां से आए। हमने इलेक्शन कमीशन से कई बार कहा कि आप हमें वोटर लिस्ट, वीडियोग्राफी दीजिए। उन्होंने नहीं दिया। हम इलेक्शन कमीशन और भाजपा को बिहार का चुनाव चोरी नहीं करने देंगे।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ओडिशा में भाजपा सरकार बनने के बाद पहली बार दौरे पर पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने भुवनेश्वर में आयोजित होने वाली ‘संविधान बचाओ समावेश’ सभा को संबोधित किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, महासचिव (संगठन) के. सी. वेणुगोपाल भी उनके साथ मौजूद रहे।
राहुल गांधी के संबोधन की 3 बड़ी बातें
- ओडिशा सरकार अडाणी चला रहे: अडाणी ओडिशा सरकार चलाते हैं। अडाणी नरेंद्र मोदी को चलाते हैं। जब ओडिशा में जगन्नाथ यात्रा निकाली जाती है, तो लाखों लोग इसे देखते हैं। फिर एक नाटक होता है कि अडाणी और उनके परिवार के लिए रथ रोक दिए जाते हैं। इससे आपको ओडिशा सरकार के बारे में सब कुछ समझ में आ जाएगा। यह ओडिशा सरकार नहीं है, यह अडाणी जैसे 5-6 अरबपतियों की सरकार है। इसका लक्ष्य आपकी जमीन, जंगल और भविष्य को चुराना है।
- भाजपा सरकार गरीबों को पैरा चुरा रही: सरकार ओडिशा की गरीब जनता का पैसा चुराने का काम करती है। एक तरफ ओडिशा की गरीब जनता दलित, आदिवासी, कमजोर, किसान और मजदूर है और दूसरी ओर 5-6 अरबपति और भाजपा सरकार। इस लड़ाई में कांग्रेस पार्टी का कार्यकर्ता ही ओडिशा की जनता के साथ मिलकर जीत सकता है। भाजपा पूरे देश में संविधान पर आक्रमण कर रही है।
- कंपनियों को पैसा दिया जा रहा: ओडिशा में ये(भाजपा) 5-6 बड़ी कंपनियों को आपका सारा धन दे रहे हैं। जल, जंगल और जमीन आदिवासियों की है और आदिवासियों की ही रहेगी। आदिवासियों को बिना पूछे जमीन से हटा दिया जाता है। ये सभी चीजें उनकी है।
दिनभर ओडिशा में रहेंगे राहुल
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने बताया कि राहुल गांधी समेत कांग्रेस के तीन नेता शुक्रवार सुबह 11.30 बजे भुवनेश्वर एयरपोर्ट पहुंचेंगे और वहां से सीधे बरमुंडा मैदान जाएंगे। वह दोपहर 12 बजे जनसभा को संबोधित करेंगे। बैठक समाप्त होने के बाद उनका किसानों के दो प्रतिनिधिमंडलों से भी मिलने का कार्यक्रम है।
वह दोपहर 3 बजे कांग्रेस भवन में राजनीतिक मामलों की समिति के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद विधायकों और पीसीसी कार्यकर्ताओं से चर्चा करेंगे। वे शाम पांच बजे दिल्ली लौट जाएंगे।
चरण दास बोले- राहुल की रैली रोकने के लिए हड़ताल की गई
ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने भक्त चरण दास ने कहा, “राज्य सरकार ड्राइवर यूनियन के जरिए राहुल गांधी की रैली को असफल करने की कोशिश कर रही है। लाखों लोग कार्यक्रम में आना चाहते हैं, लेकिन परिवहन हड़ताल की वजह से उन्हें दिक्कत हो रही है।’
दास ने कहा- हम ड्राइवरों की मांगों का समर्थन करते हैं, लेकिन उनसे अपील करते हैं कि वे आज के दिन के लिए हड़ताल रोक दें। अगर वे हमारे कार्यक्रम में अड़चन डालेंगे, तो जब उनके नेता राज्य में आएंगे, हम भी उसी तरह जवाब देंगे।
27 मार्च-कांग्रेस ने 14 विधायकों के निलंबन का विरोध किया था
ओडिशा विधानसभा का घेराव करने पहुंचे कांग्रेस नेताओं पर 27 मार्च को पुलिस ने लाठियां बरसाईं और वाटर कैनन चलाईं। दर्जनों कार्यकर्ता घायल हो गए। कांग्रेस 14 MLA के निलंबन का विरोध कर रही थी। 25 मार्च को कांग्रेस के 12 विधायक निलंबित कर दिए गए थे। इसके बावजूद विधायक प्रदर्शन करते रहे और पूरी रात सदन में बिताई। विधानसभा के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदर्शन करते रहे।
अगले दिन यानी 26 मार्च को कांग्रेस कार्यकर्ता और निलंबित विधायक विधानसभा के बाहर प्रदर्शन करते रहे। वे विधानसभा की बढ़े तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद जमकर धक्का-मुक्की हुई। सदन के भीतर कांग्रेस के बचे हुए दो विधायकों तारा प्रसाद बाहिनीपति और रमेश जेना ने इस मुद्दे पर प्रदर्शन किया। दोनों सदन की वेल में आकर प्रदर्शन कर रहे थे इसलिए उन्हें भी निलंबित कर दिया गया था।
सदन के भीतर कांग्रेस के बचे हुए दो विधायकों तारा प्रसाद बाहिनीपति और रमेश जेना ने इस मुद्दे पर प्रदर्शन किया। दोनों सदन की वेल में आकर प्रदर्शन कर रहे थे इसलिए उन्हें भी निलंबित कर दिया गया था।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की 2 तस्वीरें…
भाजपा ने 24 साल 99 दिन का पटनायक राज खत्म किया
जून, 2024 में लोकसभा के साथ हुए विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा ने पहली बार ओडिशा में सरकार बनाई। इससे पहले नवीन पटनायक 5 बार यानी 24 साल 99 दिन तक ओडिशा के CM रहे थे। वे 5 मार्च 2000 को पहली बार मुख्यमंत्री बने थे।
अगर इस बार उनकी सरकार बनती तो वे देश में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री होने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लेते। अभी ये रिकॉर्ड सिक्किम के पवन चामलिंग के नाम है। वे 24 साल 165 दिन तक इस पद पर रहे।
अटल बिहारी वाजपेयी के समय भाजपा और BJD का केंद्र और राज्य में गठबंधन था। 2000 और 2004 में BJD-BJP गठबंधन की सरकार थी। 2009 विधानसभा चुनाव से पहले BJD ने भाजपा सेगठबंधन तोड़ लिया था।
