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गहलोत बोले- शाह-शेखावत-प्रधान ने हमारी पार्टी में पैसे बांटे थे:मेरे पास इसके सबूत हैं, मेरी सरकार गिराने की साजिश रची थी

गहलोत बोले- शाह-शेखावत-प्रधान ने हमारी पार्टी में पैसे बांटे थे:मेरे पास इसके सबूत हैं, मेरी सरकार गिराने की साजिश रची थी

जोधपुर3 घंटे पहले

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा- नरेंद्र मोदी सरकार में अमित शाह, धर्मेंद्र प्रधान और गजेंद्र सिंह शेखावत ने मिलकर राजस्थान सरकार को गिराने का षड्यंत्र किया था, जिसे विफल कर दिया गया। हिंदुस्तान में एकमात्र हमारी सरकार थी, जिसे नहीं गिरा पाए। गहलोत ने गुरुवार को जोधपुर में मीडिया से ये बात कही।

पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने बताया-

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मध्यप्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र में सरकारें बदल दीं, लेकिन राजस्थान में नाकाम रहे। इन लोगों ने हमारी पार्टी के अंदर पैसे बांटे। इसके प्रूफ मेरे पास हैं। जिस प्रकार के हालात उन्होंने बनाए, क्या वह संविधान के अनुरूप है? आज यही लोग संविधान दिवस मना रहे हैं।

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हॉर्स ट्रेडिंग का जिक्र करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा- महाराष्ट्र, कर्नाटक और मध्यप्रदेश में विधायकों को खरीदने के लिए कितना पैसा बांटा होगा, आप कल्पना नहीं कर सकते। कोई 25 करोड़ कह रहा है, कोई 35 करोड़ और कोई 50 करोड़ की बात कर रहा है। महाराष्ट्र के मामले में तो कोई सोच भी नहीं सकता। देश कहां जा रहा है? ऐसे लोकतंत्र कैसे बचेगा?

जोधपुर में गहलोत ने कहीं ये 4 बड़ी बातें…

1. सरकारें गिरा रहे हैं, डेमोक्रेसी कैसे बचेगी गहलोत ने कहा हर नागरिक का कर्तव्य है, हमारे बोलने से काम नहीं चलेगा। खाली हिंदू-हिंदू की बात करके राजनीति करोगे तो देश बर्बाद हो जाएगा।

2. कुछ गलतियां हुईं, कांग्रेस ने माफी मांग ली थी गहलोत ने कहा- इमरजेंसी लगाई, कुछ गलतियां हुईं माफी मांग ली कांग्रेस ने। सजा मिल गई हम लोगों को, हमारी पार्टी सरकार नहीं बना पाई, हार गई, इंदिरा गांधी खुद चुनाव हार गई, दो साल में उनकी आंधी चली, वापस कुछ तो कारण होगा। मैं खुद भी हार गया था 1977 में चुनाव।

पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा-

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ठीक है, आंधी चलना दो साल के अंदर इतनी भयंकर कि भारी बहुमत से हम जीत कर वापस आए, मैं भी एमपी बना उसके बाद में, पचास साल हो गए, आप मुझे बताइए आंधी क्यों चली वापस, इमरजेंसी की गलती हुई, सॉरी फील कर लिया, खेद प्रकट कर लिया। कुछ गलती हुई होगी, पर उसमें लोग तारीफ भी करते हैं, इतना अनुशासन आ गया टाइम पर लोग ऑफिस जाते थे।

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3. इमरजेंसी में हुए सकारात्मक काम गहलोत ने कहा- संजय गांधी, इंदिरा गांधी का ट्वेंटी फाइव प्रोग्राम आ गया। लोग उनकी तारीफ भी करते हैं, पर फिर भी क्योंकि इमरजेंसी लग गई थी, उस वक्त तो घोषित इमरजेंसी थी, अब अघोषित इमरजेंसी है। अभी पत्रकारों, साहित्यकारों,लेखकों, कितने लोग तो जेल में बंद हैं, आपको हमको मालूम ही नहीं है, ये तो आंकड़े छिपाते हैं।

4. जनता दुखी, प्रशासन बेलगाम

गहलोत ने कहा- जनता दुखी है, ये बात मुख्यमंत्री नहीं समझ पा रहे हैं। उनको कंट्रोल करना चाहिए, जो ऑथोरिटी है मुख्यमंत्री की, उसको पूरी तरह पकड़ करनी चाहिए, जिससे की ये जो नीचे हो रहा है, वो बंद हो जाए। पब्लिक को राहत मिले।

पूर्व सीएम गहलोत ने कहा-

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एमएलए को अधिकारी ने कह दिया, ऐसे ही चलेगा, आप मेरा ट्रांसफर करवा दीजिए, इतनी हिम्मत होना बहुत बड़ी बात है। पहले अफसरों में इतना भय था कि अगर ढंग से बात नहीं की, तो ये रात को ट्रेन में बैठेगा, जाएगा और 8 सिविल लाइंस में मेरी शिकायत कर देगा।

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अब किसके पास जाए? जयपुर में तो सबके दरवाजे बंद हैं। मुख्यमंत्री की बात छोड़ो, मंत्री तक नहीं मिलते, स्थितियां बहुत नाजुक हो गई, मैं मानता हूं।

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