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ब्राह्मणों ने जिस कथावाचक को पीटा…अखिलेश ने उसे सम्मानित किया:इटावा में ब्राह्मणों ने कहा- यादव जाति छिपाई, महिलाओं से छेड़खानी की

ब्राह्मणों ने जिस कथावाचक को पीटा…अखिलेश ने उसे सम्मानित किया:इटावा में ब्राह्मणों ने कहा- यादव जाति छिपाई, महिलाओं से छेड़खानी की

लखनऊ2 घंटे पहले

यूपी के इटावा में कथावाचक की पिटाई का मामला यादव बनाम ब्राह्मण होता जा रहा है। अखिलेश यादव ने कथावाचक और उनके साथियों को लखनऊ बुलाया। उन्हें ढोलक और हारमोनियम गिफ्ट की, कथा भी कहलवाई। 21-21 हजार रुपए लिफाफे में दिए। हालांकि 51-51 हजार रुपए देने का ऐलान किया है।

अखिलेश ने कहा- प्रभुत्ववादी सीमाएं लांघ गए हैं। ये वर्चस्ववादी लोग सिर तक मुड़वा दे रहे हैं, रातभर पीटते हैं, ढोलक छीन लेते हैं और पैसों की मांग करते हैं। आखिर ये वर्चस्ववादी और प्रभुत्ववादी लोग ताकत कहां से पा रहे हैं? यह सरकार हार्टलेस है, हर असंवैधानिक काम का समर्थन करती है।

वहीं, इटावा में ब्राह्मण महासभा ने एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव से मुलाकात की। कथावाचकों ने अपनी जाति छुपाई। धार्मिक भावना भड़काई। महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया। चेतावनी दी कि यदि जल्द कथावाचकों पर पुलिस ने एक्शन नहीं लिया तो आंदोलन किया जाएगा। अब विस्तार से पढ़िए….

पहले लखनऊ में अखिलेश की प्रेस कॉन्फ्रेंस

लोग मर रहे, आप अपनी नजर उतरवा रहे: शाह पर तंज अखिलेश ने अमित शाह का बिना नाम लिए तंज कसा। कहा- नजर उतारने का तरीका तो हमने और आपने देखा ही। बस बच ही गया कोई, बिजली कटने से अस्पताल में लोग मर रहे और आप अपनी नजर उतरवा रहे हो। दरअसल, रविवार शाम अमित शाह, सीएम योगी के साथ वाराणसी के काल भैरव मंदिर पहुंचे थे। यहां दर्शन-पूजन के दौरान एक पुजारी ने शाह की दंड से नजर उतारी थी।

अखिलेश ने पीड़ित को हारमोनियम गिफ्ट की और कथा भी कहलवाई।

अखिलेश की 5 बड़ी बातें

1- कथावाचन के लिए कानून बना दो… इस सरकार का रवैया क्या है? इसका रास्ता क्या है? कई मौकों पर मैंने कहा है- सरकार हार्टलेस है। हर असंवैधानिक काम का समर्थन करती है। बाबा साहेब के संविधान की प्रस्तावना के हिसाब से फैसले लेने लगें तो जिनके साथ अन्याय हो रहा है, उन्हें न्याय मिलने लगे। सरकार में बैठे लोग लगातार अन्याय करा रहे हैं।

वर्चस्ववादी लोगों को इतनी तकलीफ है तो कह दें कि पिछड़ों की ओर से दिया गया दान कभी स्वीकार नहीं करेंगे। कथावाचन के लिए कानून बना दो कि यह सिर्फ वर्चस्ववादी लोग ही करेंगे। चंदा, दान, चढ़ावा स्वीकार न करें।

2- वे नहीं चाहते कि यह एकाधिकार छिने… जब सब सुन सकते हैं, तो सब बोल क्यों नहीं सकते? भागवत कथा भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी है। सच्चे कृष्ण भक्तों को भगवत कथा कहने से रोका जाएगा, तो कोई यह अपमान क्यों सहेगा? कुछ लोग कथावाचक में अपना एकाधिकार बनाए रखना चाहते हैं। वे नहीं चाहते कि यह एकाधिकार छिने। कथावाचन को जिन्होंने भावना की जगह व्यवसाय बना लिया है। असल समस्या वही है।

कभी घर और कभी मंदिर को धुलवाकर पीडीए का अपमान करते रहे हैं। अब तो ये वर्चस्ववादी लोग सीमाएं लांघ गए हैं। सिर तक मुड़वा दे रहे हैं। आखिर ये वर्चस्ववादी और प्रभुत्ववादी लोग ताकत कहां से पा रहे हैं? हमने सुना है कि देश की सर्वोच्च सीट पर बैठे लोगों के साथ भी अपमान हुआ। सच यह है कि पीडीए पर अत्याचार बढ़ रहा। पाल समाज की बेटी के साथ अन्याय हुआ। पिता पर मुकदमा लगाकर जेल भेज दिया, इनाम घोषित कर दिया गया।

अखिलेश ने कहा- भाजपा को लगता है कि कथावाचक पर किसी का एकाधिकार है, तो कानून बनाकर दिखा दें।

3- PDA समाज ने अलग से कथा कहनी शुरू की तो वर्चस्व खत्म हो जाएगा हमारी पार्टी के लोग जब जा रहे थे, पुलिस लगाकर रोक दिया गया। इसका असली कारण यह है कि उन्हें लगता है कि उनके पीछे सरकार खड़ी है। लेकिन अब पीडीए समाज इसका जवाब डटकर देगा। भाजपा को लगता है कि कथावाचक पर किसी का एकाधिकार है, तो कानून बनाकर दिखा दें। जिस दिन पीडीए समाज के लोगों ने अलग से कथा कहनी शुरू कर दी, उस दिन प्रभुत्ववादी समाज का वर्चस्व खत्म हो जाएगा।

4- 2500 लोग ही पूरी सरकार चला रहे सुल्तानपुर में महेंद्र प्रताप को गोली मार दी गई। महोबा में पिछले महीने दलित नवविवाहित जोड़े को अपमानित किया गया। घर के सामने से तभी गुजर सकते हैं, जब चप्पल उतारकर जाएंगे। नहीं तो अपमानित होना पड़ेगा।

एटा में शोभा यात्रा नहीं निकालने दी गई। अम्बेडकर नगर में दलित समाज के साथ अपमान हुआ, पुलिस ने उन्हें ही पीटा। यह सब इसलिए हो रहा है कि 2500 लोग ही पूरी सरकार चला रहे हैं। सरकार में बैठे लोग कुछ भी कर सकते हैं।

5- सरकार में लोग हिस्ट्रीशीटर… अखिलेश ने बागी विधायकों को लेकर कहा- अभी आप सपा के हैं, मंत्री बनाए जाएंगे, तो आप को इस्तीफा देना पड़ेगा। मंत्री सबको बनना था। पैकेज क्या मिला था। सरकार में लोग हिस्ट्रीशीटर हैं। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने अपने ऊपर से केस वापस नहीं लिया क्या?

इटावा में आज क्या हुआ, पढ़िए…

अरुण दुबे बोले- कथावाचक ने अपनी जाति छिपाई ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण दुबे ने मंगलवार को इटावा के शक्ति धाम गेस्ट हाउस में बैठक की। उन्होंने जाति छुपाने के आरोपी कथावाचक और उसके साथियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है।

इसके बाद अरुण दुबे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव से मुलाकात की। कथावाचक और उनके सहयोगियों के खिलाफ शिकायती पत्र सौंपा। आरोप लगाया कि कथावाचकों ने अपनी जाति छुपाई, धार्मिक भावना भड़काई और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।

ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण दुबे ने एसएसपी से मुलाकात की।

महिला ने कहा- कथावाचक ने अभद्र व्यवहार किया, पूजा खंडित की पीड़ित महिला रेनु तिवारी ने भी एसएसपी से मिलकर कथावाचकों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने ने बताया, मेरे घर कथा करने आए कथावाचक ने अभद्र व्यवहार किया। उनके झोले से बरामद आधार कार्ड में उनकी जाति अग्निहोत्री लिखी मिली, इससे उनकी जाति पर संदेह हुआ। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि कथावाचक द्वारा उनकी कथा को जानबूझकर खंडित किया गया।

आरोपी युवक मनु के चाचा सोनू तिवारी ने आरोप लगाया कि कथावाचकों ने न केवल जाति छुपाई, बल्कि जानबूझकर ग्रामीणों को भ्रमित किया। उन्होंने कहा कि कथावाचकों में से एक की बहन गांव के पास ही रहती है, जिससे जानकारी मिलने के बाद ही सच्चाई सामने आई।

SSP कार्यालय के बाहर पति जयप्रकाश के साथ रेनु तिवारी (नीले रंग की साड़ी में)। इनके घर में कथा हो रही थी

ब्राह्मण महासभा ने 2 सबूत दिए, जिसमें कथावाचक ने अपनी जाति ब्राह्मण लिखी थी

हैंडबिल पर कथावाचक ने अपना नाम आचार्य पंडित मुकटमणि छपवा रखा था।
यह निमंत्रण पत्र है, जिसे यजमान जयप्रकाश और रेनू ने छपवाया था।

सपा जिलाध्यक्ष बोले- ब्राह्मण महासभा के आरोप निराधार समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रदीप शाक्य ने ब्राह्मण महासभा के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने इटावा में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। कहा, अगर कथावाचकों से कोई आपत्ति थी तो पहले शिकायत क्यों नहीं की गई। यदि कथावाचकों पर गलत तरीके से कोई कार्रवाई की गई, तो सपा भी आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

इटावा के एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया-

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बकेवर प्रकरण को लेकर कुछ लोगों ने मुलाकात की है। उनकी बात सुनी गई है, लेकिन अब तक कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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अब पूरा मामला जानिए

इटावा के दादरपुर गांव में 22 जून को ब्राह्मणों ने यादव कथावाचक और उनके साथियों से मारपीट की थी, लेकिन इसका वीडियो कल सामने आया। कानपुर के कथावाचक मुकुट मणि सिंह के मुताबिक, ब्राह्मणों ने पहले उनकी जाति पूछी। जब उन्होंने बताया कि वे यादव बिरादरी से हैं, तो उन पर दलित होने का आरोप लगाते हुए धमकाया।

कहा- ब्राह्मणों के गांव में भागवत पाठ करने की हिम्मत कैसे की। इसके बाद उनकी चोटी काट दी और सिर मुंडवा दिया। एक महिला के पैर पर नाक रगड़वाई गई। उनके साथियों के साथ भी मारपीट की। उनका भी सिर मुंडवा दिया और हारमोनियम तोड़ दिया।

घटना के बाद कथावाचक सोमवार को सपा सांसद जितेन्द्र दोहरे के साथ एसएसपी से मिलने पहुंचे। SSP के आदेश पर कोतवाली में अतुल, मनीष, पप्पू बाबा और डीलर पर नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया है।

2 फोटो देखिए…

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