अहमदबाद विमान हादसा के बाद केंद्र सरकार एयरलाइंस के साथ ऑपरेशन से जुड़े मुद्दों पर रेगुलर मीटिंग करेगी। यह फैसला गुरुवार को नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने देश भर के सभी एयरपोर्ट डायरेक्टर्स के साथ मीटिंग में लिया।
नायडू ने सभी एयरपोर्ट डायरेक्टर्स को निर्देश दिया कि वे फ्लाइट्स के रीशेड्यूल होने पर यात्रियों के लिए जरूरी जमीनी तैयारियों और असिस्टेंट मेक्निज्म की समीक्षा करें। ये फैसला विशेष तौर से उन परिस्थितियों को लेकर है, जिनमें दुर्घटना के बाद की जांचें, मौसम में बदलाव, राजनीतिक-सैन्य और रणनीतिक कारण होते हैं।
अहमदाबाद में 12 जून को लंदन जाने वाली एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171 उड़ान भरने के तुरंत बाद क्रैश हो गई थी। इसमें सवार 241 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि एक यात्री की जान बच गई थी। वहीं, इस घटना में कुल 275 लोग मारे गए थे।
सरकार ने 5 आदेश दिए
- एयरलाइनों के साथ करीबी समन्वय बनाएं। जिससे यात्रियों की समस्याओं का तत्काल और मौके पर ही समाधान किया जा सके।
- फ्लाइट में देरी या भीड़भाड़ की स्थिति में टर्मिनल्स पर भोजन, पीने का पानी और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।
- यात्रियों की शिकायतों को दूर करने और महत्वपूर्ण स्थानों पर पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती आवश्यक है।
- एयरपोर्ट डायरेक्टर्स को यात्रियों को हर संभव सहायता करने का निर्देश दिया गया है।
- एयरपोर्ट के सुरक्षित और संरक्षित बनाए रखने के लिए एयरपोर्ट डायरेक्टर्स को पक्षियों और आवारा जानवरों को एयर स्ट्रीप या रनवे से दूर रखने पर काम करने को कहा गया।
एअर इंडिया CEO बोले- ड्रीमलाइनर विमान का रखरखाव अच्छा था एअर इंडिया के CEO और मैनेजमेंट डायरेक्टर कैंपबेल विल्सन ने गुरुवार को कहा कि दुर्घटनाग्रस्त बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान अच्छी तरह से रखरखाव में था। आखिरी जांच जून 2023 में की गई थी। अगली जांच दिसंबर 2025 में होनी थी।
विल्सन के मुताबिक बोइंग के दोनों इंजन की नियमित निगरानी की जाती थी। उड़ान से पहले इनमें किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं थी। एयरलाइन और एविएशन इंडस्ट्री इस दुखद दुर्घटना के कारणों को समझने के लिए आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
उन्होंने कहा कि एअर इंडिया अपने बोइंग 787 और 777 फ्लीट पर उड़ान से पहले की सुरक्षा जांचों को और अधिक सख्त कर रही है।
एअर इंडिया कल से 15% अंतरराष्ट्रीय उड़ानें घटाएगी इधर, एअर इंडिया अंतरराष्ट्रीय वाइड बॉडी विमानों की उड़ान 15% कम करेगा। व्यवस्था 20 जून से लागू होगी और जुलाई मध्य तक जारी रहेगी। यह निर्णय AI171 विमान हादसे के छह दिन बाद लिया गया है।
इसका मकसद विमान फ्लीट की सुरक्षा जांच और तकनीकी निरीक्षण है। इससे कंपनी के पास इंटरनेशनल रिजर्व एयरक्राफ्ट की उपलब्धता रहेगी, ताकि इमरजेंसी होने पर उन्हें उपयोग में लाया जा सके।
कंपनी ने कहा है कि जिन यात्रियों की उड़ानें प्रभावित होंगी, उन्हें ऑप्शनल उड़ानों से भेजेंगे या पूरा रिफंड देंगे।
