भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बुधवार को बताया कि पीएम मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से फोन पर 35 मिनट बातचीत हुई। पीएम ने ट्रम्प को ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी जानकारी दी।
मिसरी के इस बयान के बयान कांग्रेस ने कहा- पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिफ मुनीर आज राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ लंच करेंगे। यह भारत की कूटनीति के तिहरा झटका है। मुनीर पाकिस्तानी सरकार के मुखिया नहीं है। उनके भड़काऊ भाषणों ने पहलगाम हमले की जमीन तैयार की थी।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा- अमेरिकी सेंट्रल कमांड के चीफ जनरल माइकल कुरिल्ला ने आतंक विरोधी अभियानों में पाकिस्तान को शानदार सहयोगी बताया। पाकिस्तान जिसने ओसामा बिन लादेन को शरण दी, वो शानदार सहयोगी कैसे बन सकता है? पाकिस्तान शानदार अपराधी है। अपराधी को सहयोगी कहना भारत के लिए झटका है।
रमेश ने कहा- तीसरा झटका राष्ट्रपति ट्रम्प के ऑपरेशन सिंदूर को रोकने और भारत-पाकिस्तान के बीज सीजफायर का 14 बार श्रेय लेना है। ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने व्यापार को साधन के तौर पर इस्तेमाल किया। पीएम मोदी ने 10 मई के बाद से कुछ नहीं कहा। इसलिए ये भी झटके की तरह है।
रमेश ने मांग करते हुए कहा- पीएम मोदी के अपने तीन देशों के लौटकर सर्वदलीय बैठक करें। ट्रंप के साथ उनकी बातचीत को सभी के सामने रखें। उन्हें राष्ट्र को विश्वास में लेना चाहिए।
पीएम ने 37 दिनों तक कुछ नहीं कहा
रमेश ने कहा कि पीएम मोदी ने 37 दिनों तक प्रधानमंत्री ने कुछ नहीं कहा है। आज हमें बताया गया है कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ 35 मिनट तक बात की। उन्होंने व्हाइट हाउस से एक बयान भी जारी किया है। दोनों बयानों में अंतर है। प्रधानमंत्री सर्वदलीय बैठक क्यों नहीं बुला सकते और संसद में वही बात क्यों नहीं कह सकते जो उन्होंने ट्रंप से कहीं। पीएम विपक्षी नेताओं को विश्वास में लेकर वही बात क्यों नहीं कह सकते हैं।
पीएम को दौरे से लौटने के बाद सर्वदलीय बैठक करनी चाहिए
जयराम रमेश ने कहा- पीएम मोदी को अपने तीन देशों के दौरे से लौटने के तुरंत बाद ही सर्वदलीय बैठक करनी चाहिए। ताकि देश को जानकारी दी जा सके कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति से क्या कहा। उन्हें राष्ट्र को विश्वास में लिया जाए।पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ट्रंप के साथ लंच करेगें। पीएम को ट्रम्प से बातचीत के दौरान इस पर भी भारत की नाराजगी दर्ज करानी चाहिए थी। अगर इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री होतीं तो वह निश्चित तौर पर अपनी नाराजगी दर्ज करातीं।
रमेश ने कहा कि दी सरकार की कूटनीति दिखावे पर कम और तथ्य पर अधिक निर्भरता होनी चाहिए। केंद्र सरकार को कारगिल समीक्षा समिति की तर्ज पर पहलगाम समीक्षा समिति बनानी चाहिए।
भाजपा ने कहा- जयराम रमेश राहुल गांधी की तरह झूठे
रमेश के बयान पर भाजपा आईटी सेल चीफ अमित मालवीय ने X पोस्ट में कहा- जयराम रमेश लंबे समय से फर्जी बयानबाजी के लिए जाने जाते हैं। यहां तक कि उनकी अपनी पार्टी के कई लोगों ने भी इसे खुलेआम स्वीकार किया है। लेकिन इस बा वे तिजोरी में हाथ डाले पकड़े गए हैं।
