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जयराम बोले- शाह का कश्मीर-मणिपुर में शांति का दावा निराधार:ये सरकार की बड़ी विफलताओं से ध्यान भटकाना; मणिपुर अभी भी जल रहा है

जयराम बोले- शाह का कश्मीर-मणिपुर में शांति का दावा निराधार:ये सरकार की बड़ी विफलताओं से ध्यान भटकाना; मणिपुर अभी भी जल रहा है

नई दिल्ली2 घंटे पहले

कांग्रेस ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में शांति स्थापित करने के दावे को विचित्र बताया।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा- शाह के जम्मू-कश्मीर-मणिपुर में शांति को लेकर किए गए दावे बेतुके और निराधार हैं। ये दावे वास्तव में उनकी अपनी बड़ी विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए किए गए हैं।

नरेंद्र मोदी सरकार के 11 साल पूरे होने पर 9 जून को अमित शाह ने X पोस्ट की थी। इसमें लिखा था- 11Years Of Seva, राष्ट्रीय सुरक्षा की दिशा में भी मील का पत्थर साबित हुआ है।

उन्होंने लिखा था कि देश में नक्सलवाद अपने अंतिम चरण में है, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में शांति स्थापित हुई है। भारत अब आतंकवादियों के घर में घुसकर आतंकवादी हमलों का जवाब देता है। यह मोदी सरकार के तहत भारत की बदलती तस्वीर को दर्शाता है।

रमेश के बयान की 4 मुख्य बातें…

  • मणिपुर अभी भी जल रहा है। यहां कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब है। राज्य में राष्ट्रपति शासन पूरी तरह विफल साबित हुआ है। आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और आजीविका की बदहाली ने उनमें पीड़ा, निराशा और गुस्सा पैदा किया है। जिसे हर जगह महसूस किया जा सकता है।
  • स्वतंत्र भारत के इतिहास में शायद ही कोई ऐसा केंद्रीय गृह मंत्री हुआ हो, जिसका पूरा कार्यकाल ज्यादातर शेखी बघारने और कम उपलब्धियों से भरा रहा हो। हां, अगर उन्होंने अपने बेटे के लिए जो कुछ भी किया है उसे उपलब्धि माना जाए, तो यह अलग बात है।
  • 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए बर्बर आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों को अभी तक न्याय के कटघरे में नहीं लाया गया है। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, जिनका अभी तक खंडन नहीं किया गया कि ये आतंकवादी दिसंबर 2023 में पुंछ और अक्टूबर 2024 में गगनगीर और गुलमर्ग में हुए आतंकी हमलों में भी शामिल थे।

शाह ने कहा था- भारत तेजी से आगे बढ़ रहा

शाह ने X पोस्ट में लिखा था- भारत अब आतंकवादियों के घर में घुसकर आतंकवादी हमलों का जवाब देता है। यह मोदी सरकार के तहत भारत की बदलती तस्वीर को दर्शाता है। मोदी 3.0 में नया भारत रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म की शक्ति के साथ विकास और आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। देशवासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाकर भारत को हर क्षेत्र में नंबर 1 बनाने की यह यात्रा ऐसे ही जारी रहेगी।

मणिपुर में राष्ट्रपति शासन जारी

3 मई 2023 को कुकी-मैतेई समुदाय के बीच संघर्ष शुरू हुआ था, जो आज भी जारी है। इन दो सालों में 300 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। 1500 से ज्यादा घायल हुए। 70 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित हैं। 6 हजार से ज्यादा FIR दर्ज हुई हैं।

मणिपुर में 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन है, लेकिन मौजूदा विधानसभा भंग नहीं हुई है, सिर्फ निलंबित है। हालांकि, 30 अप्रैल को 21 विधायकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भेजकर राज्य में तत्काल लोकप्रिय सरकार बनाने की मांग की थी। पत्र पर भाजपा के 14 विधायकों ने साइन किए हैं।

इसके बाद इंफाल राजभवन में 28 मई को NDA के 10 विधायकों ने राज्यपाल अजय भल्ला से मुलाकात की थी। इनमें से एक विधायक ने भास्कर को बताया था, ‘नई सरकार के ढांचे पर चर्चा हुई। ऐसे में उम्मीद है कि 15 जून तक एक सरकार बने।

जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाएं जारी

जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटे पूरे पांच साल हो गए। 5 अगस्त 2019 को संसद में आर्टिकल 370 हटने के बाद राज्य का स्पेशल स्टेटस खत्म हो गया था। साथ ही राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया गया था। सरकार ने दावा किया था कि इस कदम से जम्मू-कश्मीर में शांति और खुशहाली आएगी।

जम्मू-कश्मीर में इसके बावजूद आतंकी घटनाएं जारी हैं। ताजा हमला 22 अप्रैल को पहलगाम में हुआ था। आतंकियों ने 26 टूरिस्ट्स की गोली मारकर हत्या की थी। घटना के अंजाम देने वाले आतंकियों का अभी तक कोई सुराग नहीं है। आतंकियों की तस्वीरें भी सामने आई थीं।

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