IPL फाइनल कल, क्लोजिंग सेरेमनी की थीम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ होगी:सेना के तीनों प्रमुख आएंगे या नहीं शाम तक तय होगा, शंकर महादेवन का लाइव कॉन्सर्ट
IPL का फाइनल मंगलवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। फाइनल की क्लोजिंग सेरेमनी की थीम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ होगी। कार्यक्रम में तीनों सेनाओं के प्रमुख शामिल हो सकते हैं।
हालांकि, अब तक इनके ऑफिस से सेरेमनी शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है। पूरे स्टेडियम को तिरंगे रंग की लाइट से सजाया जाएगा और इस दौरान सिंगर शंकर महादेवन का लाइव कॉन्सर्ट होगा।
बीसीसीआई सेक्रेटरी सचिव देवजीत सैकिया ने कहा-
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जश्न मनाने के लिए हमने सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह के साथ-साथ अन्य सेना प्रमुखों, अधिकारियों और जवानों को अहमदाबाद में आईपीएल फाइनल मैच देखने के लिए आमंत्रित किया है।

सैकिया ने कहा- समापन समारोह हमारे सैनिकों को समर्पित बीसीसीआई देश के सशस्त्र बलों की बहादुरी, साहस और निस्वार्थ सेवा को सलाम करता है। सेना के प्रति आभार के प्रतीक के रूप में हमने समापन समारोह सशस्त्र बलों को समर्पित करने और हमारे नायकों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। भले ही क्रिकेट एक राष्ट्रीय जुनून रहा है, लेकिन हमारे राष्ट्र की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा से बढ़कर कुछ भी नहीं है।
एक हफ्ते के लिए रोक दिया गया था IPL
8 मई को धर्मशाला में पंजाब-दिल्ली का मैच पाकिस्तान के ड्रोन हमले के कारण बीच में ही रोक दिया गया था। अगले ही दिन बीसीसीआई ने आईपीएल को एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया था। सीजफायर के ऐलान के बाद बीसीसीआई ने आईपीएल के बाकी बचे 16 मैचों के कार्यक्रम की घोषणा की।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद ज्यादातर मैचों में राष्ट्रगान बजाया गया
- ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही BCCI ने लगातार सशस्त्र बलों के साथ एकजुटता दिखाई है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद IPL के 16 मैच खेले गए। अधिकांश मैचों में राष्ट्रगान बजाया गया। साथ ही स्टेडियम के अंदर विशाल स्क्रीन पर ‘धन्यवाद, सशस्त्र बल’ संदेश भी दिखाया गया था। पहले IPL में राष्ट्रगान नहीं बजाया जाता था।
- IPL के मैचों में भी राष्ट्रगान बचाने की मांग काफी पहले से होती रही है। IPL की टीम किंग्स इलेवन पंजाब के सहमालिक नेस वाडिया ने भी 2019 में यह मांग उठाई थी। इतना ही नहीं, उन्होंने इस बारे में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को लेटर भी लिखा था।
22 अप्रैल की दोपहर हुआ था पहलगाम में आतंकी हमला
22 अप्रैल की दोपहर करीब 2 बजे, जगह- कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी। देश के अलग-अलग राज्यों से 40 से ज्यादा लोगों का ग्रुप यहां घूमने आया था। सभी टूरिस्ट खुले मैदान में थे। आसपास ही 4 से 5 छोटी-छोटी दुकानें हैं। कुछ टूरिस्ट दुकानों के बाहर लगी कुर्सियों पर बैठ गए। कुछ टूरिस्ट आसपास मैदान में बैठे थे।
तभी जंगल की तरफ से दो लोग आए। उन्होंने एक टूरिस्ट से नाम पूछा। टूरिस्ट ने अपना नाम बताया। जंगल से आए लोगों में से एक टूरिस्ट की ओर इशारा करके बोला- ये मुस्लिम नहीं है। इसके बाद पिस्टल निकाली और टूरिस्ट के सिर में गोली मार दी। करीब 10 मिनट तक गोली चलाते रहे। टूरिस्ट्स और दुकानदारों को समझ आ गया कि ये आतंकी हमला है। शुरुआत में एक टूरिस्ट के मरने की खबर आई। रात के 11 बजते-बजते मौतें बढ़कर 27 हो गई थी।
