जम्मू-कश्मीर में रहस्यमयी बीमारी से एक और बच्ची की मौत:मरने वालों की संख्या 15 हुई, इसमें से 12 बच्चे; सरकार ने SIT बनाई
जम्मू2 घंटे
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी 25 दिसंबर को श्रीनगर के अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात की थी।
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के बधाल गांव में बुधवार रात को 9 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। राजौरी जिले में रहस्यमय बीमारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है, जिसमें 12 बच्चे हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मौतों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
बधाल गांव में 7 से 16 दिसंबर 2024 के बीच 2 परिवारों के 9 सदस्यों की मौत हुई थी। इसके बाद 11 जनवरी को मोहम्मद असलम के 6 बच्चे बीमार हुए, जिनमें से 4 की मौत हो गई थी। 12 जनवरी को 10 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई थी।
जम्मू-कश्मीर की स्वास्थ्य मंत्री सकीना मसूद ने बधाल गांव में हुई इन मौतों की वजह रहस्यमय बीमारी होने की संभावना से इनकार किया। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश के अंदर और बाहर किए गए सभी जांच के रिजल्ट नेगेटिव आए हैं।
मंत्री सकीना मसूद ने कहा कि किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले पूरी जांच होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि वे जिला विकास आयुक्त और सीनियर पुलिस अधीक्षक से लगातार संपर्क में हैं।
मृतकों के नमूनों में न्यूरोटॉक्सिन मिला
मत्री सकीना मसूद ने कहा कि अगर ये मौतें किसी बीमारी के कारण हुई होतीं तो ये तेजी से फैल जाती और केवल तीन परिवारों तक सीमित नहीं रहती। हालांकि कुछ हेल्थ एक्सपर्ट्स ने मृतकों के नमूनों में ‘न्यूरोटॉक्सिन’ पाए जाने की बात कही है।
फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि सरकार ने नेशनल और इंटरनेशनल हेल्थ इंस्टीट्यूट की मदद ली है जिनमें पुणे का भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR), दिल्ली का राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC), ग्वालियर का रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और पीजीआई चंडीगढ़ शामिल हैं।
इनमें से किसी भी जांच में कोई नेगेटिव रिजल्ट सामने नहीं आया है। साथ ही पानी और फूड आइटम्स के नमूनों की जांच भी की गई है, लेकिन किसी भी जहरीले पदार्थ का पता नहीं चला है।
SIT की अध्यक्षता करेंगे वजाहत हुसैन
राजौरी के सीनियर पुलिस अधीक्षक गौरव सिकरवार ने कहा कि मृतकों के मामलों में हुई जांच को देखते हुए 11 सदस्यों की SIT बनाई गई है। इसकी अध्यक्षता बुधल के पुलिस अधीक्षक वजाहत हुसैन करेंगे। इस विशेष टीम का उद्देश्य मौतों की वजह का जल्द से जल्द पता लगाना है।
