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PM ने सोनमर्ग टनल का इनॉगरेशन किया:PM बोले- वादा निभाता हूं: उमर ने कहा- उम्मीद है जम्मू-कश्मीर के स्टेटहुड का वादा भी पूरा होगा

PM ने सोनमर्ग टनल का इनॉगरेशन किया:PM बोले- वादा निभाता हूं: उमर ने कहा- उम्मीद है जम्मू-कश्मीर के स्टेटहुड का वादा भी पूरा होगा

श्रीनगर5 घंटे पहलेलेखक: रउफ डार

यह टनल समुद्र तल से 2600 मीटर यानी 8652 फीट की उंचाई पर बनी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में जेड मोड़ टनल का इनॉगरेशन किया। श्रीनगर-लेह हाइवे NH-1 पर बनी 6.4 किलोमीटर लंबी डबल लेन टनल श्रीनगर को सोनमर्ग से जोड़ेगी। टनल बनने से लोगों को ऑल वेदर कनेक्टिविटी मिलेगी।

टनल का इनॉगरेशन करते हुए पीएम ने कहा, जम्मू-कश्मीर की लद्दाख की एक और बहुत पुरानी डिमांड आज पूरी हुई है। आप पक्का मानिये ये मोदी है वादा करता है तो निभाता है। हर काम का एक समय होता है और सही समय पर सही काम भी होने वाले हैं।’ उधर, राज्य के सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उम्मीद है जम्मू-कश्मीर के स्टेटहुड का वादा भी पूरा
पीएम मोदी ने जेड मोड़ टनल का जायजा लिया। वे खुली जीप में बैठकर टनल देखने गए।
श्रीनगर-लेह हाइवे NH-1 पर बनी 6.4 किलोमीटर लंबी डबल लेन का पीएम ने इनॉगरेशन किया।
श्रीनगर-लेह हाइवे NH-1 पर बनी 6.4 किलोमीटर लंबी डबल लेन का पीएम ने इनॉगरेशन किया।
जेड मोड़ टनल के इनॉगरेशन के बाद श्रीनगर-लेह हाइवे पर गगनगीर से सोनमर्ग के बीच एक घंटे की दूरी अब 15 मिनट में पूरी होगी। इसके अलावा गाड़ियों की स्पीड भी 30 किमी/घंटा से बढ़कर 70 किमी/घंटा हो जाएगी। दुर्गम पहाड़ी वाले इस इलाके को क्रॉस करने में पहले 3 से 4 घंटे का समय लगता था। अब यह दूरी मात्र 45 मिनट में पूरी होगी।

टनल इनॉगरेशन की 2 तस्वीरें…

पीएम मोदी ने प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी भी ली। इस दौरान जम्मू-कश्मीर के CM उमर अब्दुल्ला भी साथ खड़े दिखे।
पीएम मोदी ने प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी भी ली। इस दौरान जम्मू-कश्मीर के CM उमर अब्दुल्ला भी साथ खड़े
टनल के इनॉगरेशन के बाद पीएम मोदी ने इसे बनाने वाले मजदूरों से बात की।
PM की स्पीच, 5 पॉइंट में…

1. सोनमर्ग टनल से लोगों की जिंदगी आसान होगी
PM मोदी ने 27 मिनट के भाषण में कहा- जम्मू-कश्मीर की लद्दाख की एक और बहुत पुरानी डिमांड आज पूरी हुई है। इससे सोनमर्ग के साथ करगिल और लेह के लोगों की जिंदगी भी बहुत आसान होगी। अब बर्फबारी के दौरान एवलांच से या बरसात में होने वाली लैंड स्लाइड के कारण रास्ते बंद होने की परेशानी कम होगी।

2. टनल बनाने वाले श्रमिक न डिगे, न घर लौटे
पीएम मोदी ने कहा- देश की उन्नति के लिए, जम्मू-कश्मीर की उन्नति के लिए जिन श्रमिक भाइयों ने कठिन परिस्थितियों में काम किया, जीवन को संकट में डालकर काम किया, अपनी जान गंवाई, लेकिन संकल्प से डिगे नहीं। श्रमिक साथी डिगे नहीं, किसी ने घर वापस जाने की बात नहीं की। उन्होंने हर चुनौती को पार करते हुए इस काम को पूरा किया है। जिन 7 साथियों को हमने खोया है, मैं आज सबसे पहले उनका स्मरण करता हूं।

3. सोनमर्ग में टूरिस्ट को पंख लगने वाले हैं

आज भारत तरक्की की नई बुलंदी की तरफ बढ़ चला है। हर देशवासी 2047 तक भारत को डेवलप नेशन बनाने में जुटा है। ये तभी हो सकता है, जब हमारे देश का कोई हिस्सा कोई भी परिवार तरक्की से डेवलपमेंट से पीछे न छूटे। इसके लिए ही हमारी सरकार सबका साथ सबका विकास की भावना के साथ पूरे समर्पण से काम कर रही है। इस टनल से सोनमर्ग समेत पूरे इलाके में टूरिज्म को भी नए पंख लगने वाले हैं।

4. लाल चौक पर लोग अब आइसक्रीम खाते हैं
पहले के मुश्किल दिनों को पीछे छोड़कर हमारा कश्मीर धरती का स्वर्ग होने की पहचान वापस पा रहा है। आज लोग रात के समय लाल चौक पर आइसक्रीम खाने जा रहे हैं। चिनाब ब्रिज की इंजीनियरिंग देखकर दुनिया हैरत में है। यहां कुछ दिन पहले पैसेंजर ट्रेन का ट्रायल हुआ। यहां के प्रोजेक्ट्स 42 हजार करोड़ से ज्यादा के हैं। इन पर काम चल रहा है।

5. जम्मू-कश्मीर में गर्मजोशी ऐसी, ठंडक नहीं लगती
पीएम ने कहा- ये मौसम, बर्फ, बर्फ की चादर से ढंकी पहाड़ियां देखकर दिल प्रसन्न हो जाता है। यहां आता हूं तो बरसों पहले के दिन याद आने लग जाते हैं। जब मैं भाजपा के संगठन के कार्यकर्ता के रूप में काम करता था, तब अक्सर यहां आना होता था। इस एरिया में मैंने काफी समय बताया है।

6. 40 साल बाद कश्मीर में इंटरनेशनल क्रिकेट लीग हुई
कुछ महीने पहले श्रीनगर में इंटरनेशनल मैराथन हुई। उस मैराथन में मुख्यमंत्री जी ने भी हिस्सा लिया था। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था। मैंने विशेष रूप से मुख्यमंत्रीजी को बधाई दी थी। दिल्ली में मुलाकात के दौरान मैं उनका उत्साह देख रहा था। उन्होंने मैराथन के बारे में मुझे बताया था। ये नए जम्मू-कश्मीर का नया दौर है। हाल में ही 40 साल बाद कश्मीर में इंटरनेशनल क्रिकेट लीग हुई।

उमर अब्दुल्ला बोले- मोदी जी जम्मू-कश्मीर को जल्द राज्य का दर्जा दिलवाएंगे
इनॉगरेशन कार्यक्रम में शामिल जम्मू-कश्मीर के CM उमर अब्दुल्ला ने कहा- जम्मू-कश्मीर में चुनाव हुए और सबसे बड़ी बात ये रही कि कहीं भी किसी तरह की गड़बड़ी की शिकायत नहीं आई, सत्ता के दुरुपयोग की कोई शिकायत नहीं आई। इसका श्रेय आपको (पीएम मोदी), आपके सहयोगियों और भारत के चुनाव आयोग को जाता है। मेरा दिल कहता है कि बहुत जल्द आप (पीएम मोदी) राज्य का दर्जा बहाल करने का अपना वादा पूरा करेंगे।

12 साल में बनी टनल, चुनाव के कारण उद्घाटन टला

टनल प्रोजेक्ट की शुरुआत 2012 में हुई। बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन को इस टनल प्रोजेक्ट दिया गया, लेकिन बाद में प्राइवेट कंपनी को काम सौंपा गया।
PPP मॉडल के तहत बनी यह टनल अगस्त 2023 तक शुरू हो जानी थी, लेकिन कोरोना काल में कंस्ट्रक्शन में समय लगा।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता लगी और इसका उद्घाटन कुछ और दिन टला। प्रोजेक्ट पूरा होने में कुल 12 साल लगे।
2700 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट में 36 करोड़ रुपए भूमि अधिग्रहण और कंस्ट्रक्शन शुरू करने के पहले इंन्फ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग में लगे।
यह टनल समुद्र तल से 2600 मीटर यानी 5652 फीट की उंचाई पर बनी है। यह मौजूदा जेड शेप सड़क से करीब 400 मीटर नीचे बनी है।
NATM तकनीक से बनी टनल, इससे पहाड़ दरकने या एवलांच का खतरा नहीं
यह टनल न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड से बनी है। इस प्रोसेस में टनल खोदने के साथ-साथ ही उसका मलबा भी निकाला जाता है। जैसे-जैसे मलबा निकालकर अंदर की ओर रास्ता बनता है, वैसे-वैसे ही टनल वॉल भी तैयार की जाती है। इससे पहाड़ों के दरकने का खतरा खत्म हो जाता है।

NATM तकनीक में टनल का काम शुरू होने से पहले पहाड़, उसके आस-पास की जलवायु, मिट्टी की जांच की जाती है। अनुमान लगाया जाता है कि टनल प्रोसेस में एक समय में कितनी मशीनरी और कितने लोग अंदर काम कर सकेंगे, जिससे पहाड़ के बेस को नुकसान न पहुंचे और हादसा की स्थिति पैदा न हो।

टनल के इंट्री पॉइंट पर दोनों तरफ सुरक्षा में जवान 24 घंटे तैनात हैं।
2028 में यह एशिया की सबसे लंबी टनल होगी

जेड मोड़ टनल के आगे बन रही जोजिला टनल का काम 2028 में पूरा होगा। इसके तैयार होने के बाद ही बालटाल (अमरनाथ गुफा), कारगिल और लद्दाख को ऑल वेदर कनेक्टिविटी मिलेगी।

दोनों टनल के शुरू होने के बाद इसकी कुल लंबाई 12 किलोमीटर हो जाएगी। इसमें 2.15 किमी की सर्विस/लिंक रोड भी जुड़ जाएगी। इसके बाद यह एशिया का सबसे लंबी टनल बन जाएगी।

फिलहाल हिमाचल प्रदेश में बनी अटल टनल एशिया की सबसे लंबी टनल है। इसकी लंबाई 9.2 किलोमीटर है। यह मनाली को लाहौल स्पीति से जोड़ती है।

चीन से लगी लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल तक सेना के लिए रसद और हथियार पहुंचाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बर्फबारी के समय आर्मी पूरी तरह से एयरफोर्स पर निर्भर हो जाती है।

दोनों टनल प्रोजेक्ट के पूरे होने से आर्मी कम खर्च में अपना सामान LAC तक पहुंचा सकेगी। साथ ही चीन बॉर्डर से पाकिस्तान बॉर्डर तक बटालियन मूव करने में भी आसानी होगी।

पिछले साल मजदूरों पर आतंकी हमला भी हुआ था
20 अक्टूबर 2024 को आतंकियों ने टनल के कर्मचरियों पर हमला किया था। दो आतंकी गगनगीर में मजदूरों के कैंप में घुस गए और फायरिंग की थी। इस हमले में टनल का निर्माण कर रही इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के 6 मजदूरों सहित 7 लोग मारे गए थे। हमले में एक स्थानीय डॉक्टर की भी मौत हो गई थी।

अब ग्राफिक से समझिए टनल के बारे में…

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