असम खदान हादसा, छठे दिन 3 शव मिले:5 मजदूर अब भी 300 फीट गहरी खदान में फंसे; वाटर लेवल 6 मीटर घटा, रेस्क्यू जारी
दीमा हसाओ2 घंटे
उमरांगसो की कोयला खदान में मजदूर 6 जनवरी को उतरे थे। रेस्क्यू ऑपरेशन का आज छठा दिन है।
असम के दीमा हसाओ जिले में 300 फीट गहरी कोयला खदान से शनिवार को तीन शव निकाले गए। इनमें एक सुबह और दो दोपहर में मिले। अब तक चार मजदूरों के शव मिल चुके हैं।
इनमें से 2 की पहचान नहीं हो सकी है। शनिवार सुबह 27 साल के लिजान मगर का शव पानी पर तैरता मिला था। वह दीमा हसाओ के कलामती गांव नंबर 1 का निवासी था। इससे पहले बुधवार को नेपाल के रहने वाले गंगा बहादुर श्रेठ का शव मिला था।
NDRF की टीम शनिवार सुबह पानी का लेवल चेक करने गई थी, तभी उन्हें लिजान मगर का शव तैरता दिखा। उसे सुबह करीब 7:30 बजे बाहर निकाला गया। खदान में पानी का लेवल 6 मीटर कम हो गया है। 5 पंप से रात भर पानी निकाला गया।।
इधर, असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा का कहना है कि यह अवैध खदान नहीं थी, बल्कि 12 साल पहले बंद कर दी गई थी। तीन साल पहले तक असम खनिज विकास निगम के अधीन थी। 6 जनवरी को पहली बार मजदूर खदान में घुसे थे।
3 किलो उमरांगसो में बनी इस खदान में 6 जनवरी को पानी भर गया था। जिससे वहां काम कर रहे रैट होल माइनर्स फंस गए। बाकी बचे 5 मजदूर के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन आज भी जारी है।
हादसे के दिन से आज तक की 6 तस्वीरें…
6 जनवरी -दीमा हसाओ जिले के 3 किलो उमरांगसो में बनी इस खदान में रैट होल माइनर्स कोयला निकालने गए थे।
7 जनवरी- असम के सीएम की मांग पर रेस्क्यू ऑपरेशन में भारतीय सेना भी जुड़ी, नेवी के गोताखोर खदान में
8 जनवरी- हादसे के तीसरे दिन नेपाल के मजदूर गंगा बहादुर का शव बाहर निकाला गया।
9 जनवरी- कोल इंडिया ने महाराष्ट्र के नागपुर से 500 GPM मशीन मंगाई, इससे हर मिनट 500 गैलन पानी निकाला जाएगा।
10 जनवरी- खदान में पानी निकालने के लिए 12 पंप लगाए गए हैं, जिससे पानी का लेवल 6 मीटर कम हो गया है।
11 जनवरी- खदान से सुबह से दोपहर के बीच 2 मजदूरों के शव बाहर निकाले गए।
उमरांगसो कोयला खदान में फंसे मजदूरों के नाम
हुसैन अली, बागरीबारी, थाना श्यामपुर, जिला: दर्रांग, असम
जाकिर हुसैन, 4 नंबर सियालमारी खुटी, थाना दलगांव, जिला: दर्रांग, असम
सर्पा बर्मन, खलिसनिमारी, थाना गोसाईगांव, जिला: कोकराझार, असम
मुस्तफा शेख, बागरीबारी, पीएस दलगांव, जिला: दर्रांग, असम
खुसी मोहन राय, माजेरगांव, थाना फकीरग्राम, जिला: कोकराझार, असम
संजीत सरकार, रायचेंगा, जिला: जलपाईगुड़ी, पश्चिम बंगाल
सरत गोयारी, थिलापारा, बताशीपुर, डाकघर पनबारी, जिला: सोनितपुर, असम
इस लिस्ट में दो उन लोगों के नाम भी है, जिनके शव आज मिले हैं, लेकिन पहचान नहीं हो सकी है।
खदान हादसे में 2 गिरफ्तारियां, 2 पर FIR; कांग्रेस की मांग- SIT बनाएं
असम पुलिस ने खदान हादसे के सिलसिले में एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इसका नाम हनान लस्कर है। हनान को खदान मालिक ने मैनेजर बनाया था। यही मजदूरों का पेमेंट भी देखता था। घटना के तुरंत बाद हनान भाग गया था। गुरुवार रात एक तलाशी अभियान के बाद हनान को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में पुलिस ने इस मामले में पहले पुनुश नुनिसा को गिरफ्तार किया था।
कांग्रेस की दिमा हसाओ यूनिट के कोम केम्पराई और पितुश लंगथासा ने उत्तरी कछार हिल्स स्वायत्त परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य (सीईएम) देबोलाल गोरलोसा और उनकी पत्नी कनिका होजाई के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। इसमें गोरलोसा और होजाई की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई है। दावा है कि ये दोनों खदान में अवैध खनन करवा रहे थे।
वहीं लोकसभा सांसद गौरव गोगोई ने खदान हादसे को लेकर PM मोदी के नाम चिट्ठी लिखी है और मामले की जांच के लिए SIT बनाने की मांग की है। गौरव ने लिखा- पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए और यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।
2018 में भी मारे गए थे 15 रैट होल माइनर्स
ऐसा ही एक हादसा मेघालय की ईस्ट जयंतिया हिल्स में 2018 में हुआ था। जहां 15 मजदूर कोयला खदान में फंसकर मारे गए थे। 13 दिसंबर को इस खदान में 20 खनिक 370 फीट गहरी खदान में घुसे थे, जिसमें से 5 मजदूर पानी भरने से पहले बाहर निकल आए थे। 15 मजदूरों को बचाया नहीं जा सका था।
