आज का एक्सप्लेनर:रोड एक्सीडेंट होने पर घायलों का 7 दिन तक मुफ्त इलाज; गडकरी की घोषणा पर वो सबकुछ जो जानना जरूरी है
13 घंटे पहलेलेखक: जाहिद अहमद
देशभर में हुए सड़क हादसों में पिछले साल यानी 2024 में 1 लाख 80 हजार मौतें हुई हैं। मृतकों में 66% लोग 18 से 34 साल के युवा थे। अगर समय पर इलाज मिल जाता तो इनमें से कई लोगों को बचाया जा सकता था। इसी को ध्यान में रखते हुए 7 जनवरी को दिल्ली के भारत मंडपम में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कैशलेस ट्रीटमेंट योजना की घोषणा की है।
गडकरी ने कहा- यह योजना किसी भी तरह की सड़क दुर्घटनाओं पर लागू होगी। जो पेशेंट एडमिट होगा उसको 7 दिन तक ट्रीटमेंट का खर्च या ट्रीटमेंट के लिए अधिकतम 1.5 लाख रुपए तुरंत देंगे। ये कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम क्या है, कब लॉन्च होगी, किसे फायदा मिलेगा और अप्लाई करने का प्रोसेस क्या है; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में…
सवाल-1: केंद्र सरकार की कैशलेस ट्रीटमेंट योजना क्या है?
जवाब: 14 मार्च 2024 को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने चंडीगढ़ में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को कैशलेस इलाज देने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था। इस प्रोजेक्ट के तहत सड़क हादसों में घायल हुए लोगों को समय रहते मेडिकल सुविधा मुहैया कराना था। चंडीगढ़ में यह प्रोजेक्ट कामयाब रहा।
चंडीगढ़ के बाद इस योजना को 5 और राज्यों तक बढ़ाया गया। इनमें राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश शामिल हैं।
7 जनवरी 2025 को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस योजना को देशभर में ऑफिशियली लॉन्च करने की घोषणा की। इससे देश में कहीं भी रोड एक्सीडेंट होने पर घायल व्यक्ति को इलाज के लिए भारत सरकार की ओर से अधिकतम 1.5 लाख रुपए की मदद दी जाएगी। जिससे वह 7 दिनों तक अस्पताल में इलाज करा सकेगा।
सवाल-2: एक्सीडेंट होने पर इस योजना का फायदा कैसे मिलेगा?
जवाब: केंद्र सरकार ने कैशलेस ट्रीटमेंट योजना का फायदा लेने के लिए 3 स्टेप्स बताए हैं…
सवाल-3: 1.5 लाख रुपए कैसे मिलेंगे और इसमें क्या-क्या इलाज हो सकेगा?
जवाब: कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम के तीनों स्टेप्स फॉलो करने के बाद घायल को 1.5 लाख रुपए जारी कर दिए जाएंगे। जिससे एक्सीडेंट होने के दिन से अगले 7 दिनों तक 1.5 लाख रुपए का फ्री इलाज किया जाएगा।
सवाल-4: ये स्कीम सिर्फ घायलों के लिए है या निधन पर भी कुछ मिलेगा?
जवाब: इस योजना के तहत रोड एक्सीडेंट से मौत होने पर परिजनों को 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। भारत सरकार ने मुख्य रूप से हिट एंड रन जैसे मामलों में 2 लाख रुपए देने का प्रावधान बनाया है। इसके लिए परिवार वालों को 4 स्टेप्स फॉलो करने होंगे।
एक्सीडेंट होने के 24 घंटे के अंदर पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज करनी होगी।
पुलिस रिपोर्ट की कॉपी और सक्सेशन सर्टिफिकेट समेत सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स तैयार करने होंगे।
सड़क और परिवहन मंत्रालय के ऑफिस में सभी डॉक्यूमेंट्स जमा करके अप्लाई करना होगा।
इसके बाद तय दिनों के भीतर 2 लाख रुपए की राशि मृतक के परिजनों को मिल जाएगी।
सवाल-5: कैशलेस ट्रीटमेंट योजना कब तक लॉन्च होगी?
जवाब: नितिन गडकरी ने 7 जनवरी को बताया कि केंद्र सरकार मार्च 2025 तक कैशलेस ट्रीटमेंट योजना लागू कर देगी। देशभर में इसे लागू करने के लिए संशोधन किए जाएंगे। इसके लिए आईटी प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा। यह प्लेटफॉर्म सड़क परिवहन विभाग, पुलिस, अस्पतालों और राज्य स्वास्थ्य एजेंसियों के बीच कोऑर्डिनेशन बनाएगा। जिससे इस योजना का इम्प्लिमेंटेशन आसान हो जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार की दो मोबाइल एप्स की मदद ली जाएगी।
e-DAR एप्लिकेशन: इसे 10 जुलाई 2023 को लॉन्च किया गया था। यह एप्लिकेशन एक्सीडेंट्स की रिपोर्टिंग और डेटा कलेक्ट करने का काम करेगी।
NHA का ट्रांजैक्शन मैनेजमेंट सिस्टम: इसे मार्च 2024 में लॉन्च किया गया था। यह प्लेटफॉर्म राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) का ट्रांजैक्शन मैनेजमेंट सिस्टम के साथ मर्ज होगा, जिससे कैशलेस इलाज की प्रोसेस को आसान और इंपैक्टफुल बनाया जा सकेगा।
7 जनवरी को भारत मंडपम में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी।
7 जनवरी को भारत मंडपम में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी।
सवाल-6: क्या इसके लिए अलग से कोई कार्ड या डॉक्यूमेंट्स बनवाने होंगे?
जवाब: नहीं। दूसरी योजनाओं की तरह इस योजना का फायदा लेने के लिए अलग से कोई कार्ड या डॉक्यूमेंट्स नहीं बनवाने होंगे। इस योजना के तहत दुर्घटना होने पर घायल को सीधे अस्पताल ले जाकर भर्ती करवाना होगा। इसके बाद डॉक्यूमेंटेशन की प्रोसेस पूरी करने के बाद योजना का फायदा मिलना शुरू हो जाएगा।
सवाल-7: क्या आयुष्मान कार्डधारकों को अलग से इस योजना का फायदा मिलेगा?
जवाब: केंद्र सरकार ने इस योजना के तहत आयुष्मान कार्डधारकों को अलग से फायदा देने पर कोई बयान नहीं दिया है। हालांकि नितिन गडकरी ने कहा है कि कैशलेस ट्रीटमेंट योजना सभी लोगों के लिए लॉन्च की जाएगी। इससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि आयुष्मान कार्डधारकों को इस योजना का अलग से फायदा मिलेगा।
सवाल-8: हर रोज भारत में कितने एक्सीडेंट होते हैं और मौत के आंकड़े क्या हैं?
जवाब: 12 दिसंबर 2024 को नितिन गडकरी ने कहा था,
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दुनिया में सड़क हादसों को लेकर सबसे खराब रिकॉर्ड हमारा है। जब भी मैं किसी अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में शामिल होने जाता हूं और वहां सड़क हादसों को लेकर बात होती है, तो मैं अपना मुंह छुपाने की कोशिश करता हूं।
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दिसंबर 2024 में सड़क और परिवहन मंत्रालय ने ‘रोड एक्सीडेंट इन इंडिया 2022’ रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 5 साल में सड़क हादसों में 7.77 लाख मौतें हुई। उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 1.08 लाख मौतें हुई। इसके बाद तमिलनाडु 84 हजार मौत और महाराष्ट्र 66 हजार मौत के साथ दूसरे और तीसरे नंबर पर है। 2021 में देश में सड़क हादसों में 1,53,972 मौतें हुई थीं, जो 2022 में बढ़कर 1,68,491 हो गईं।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में देश में कुल 4,61,312 सड़क हादसे दर्ज किए गए। इनमें से 1,55,781 (33.8%) हादसे जानलेवा थे। इन हादसों में 1,68,491 लोगों की मौत हुई और 4,43,366 लोग घायल हुए। 2021 की तुलना में 2022 में कुल सड़क हादसों में 11.9% का इजाफा हुआ। सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या में 9.4% और घायलों की संख्या में 15.3% की बढ़ोतरी हुई।
रिपोर्ट में बताया गया कि देश के कुल सड़क नेटवर्क का सिर्फ 5% हिस्सा हाईवे है। इन पर 55% से ज्यादा हादसे होते हैं। जिनमें कुल मौतों में से 60% से ज्यादा मौतें होती हैं। 2022 में, कुल दुर्घटनाओं का 32.9% और कुल मौतों का 36.2% नेशनल हाईवे पर हुईं।
सवाल-9: एक्सीडेंट होने पर जान बचाने वाला गोल्डन आवर क्या होता है?
जवाब: 1980 में अमेरिकी सैन्य सर्जन आर एडम काउली ने ‘गोल्डन आवर’ शब्द को मशहूर किया था। इस शब्द का ज्यादातर इस्तेमाल मेडिकल इमरजेंसी में किया जाता है। गोल्डन आवर का मतलब है- एक्सीडेंट या गंभीर चोट लगने के बाद पहला घंटा। इस दौरान अगर समय रहते इलाज शुरू कर दिया जाए, तो घायल की जान बचने के चांस बढ़ जाते हैं। अगर कहीं सड़क हादसा हो जाए, तो इन 4 बातों का हमेशा ध्यान रखें…
किसी भी दुर्घटना में घायल व्यक्ति को फौरन एम्बुलेंस या हॉस्पिटल में ले जाने की कोशिश करें।
घायल व्यक्ति के घावों से बहते हुए खून को रोकने की कोशिश करें। दवाइयां लगाकर साफ कपड़े से घाव को बांध दें।
अगर घायल को सांस लेने में परेशानी हो रही है, तो उसे CPR दें।
घायल व्यक्ति को ज्यादा सुरक्षित स्थान पर ले जाएं और कोशिश करें कि घायल व्यक्ति ज्यादा हाथ-पैर न हिलाए।
किसी घायल व्यक्ति के लिए गोल्डन आवर संजीवनी का काम करता है। समय रहते इलाज मिलने पर वायरल या फिजिकल डैमेज से बचा जा सकता है। इसलिए हादसे के पहले घंटे में घायल को सही इलाज मुहैया कराना बेहद जरूरी है।
