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केजरीवाल ने 1000 वोटर्स पर लगाए 12 कार्यकर्ता:रेवड़ी पर चर्चा से बस्तियों में फ्री बिजली-इलाज का वादा, अमीरों के लिए अलग प्लान

दिल्ली चुनाव 2025
केजरीवाल ने 1000 वोटर्स पर लगाए 12 कार्यकर्ता:रेवड़ी पर चर्चा से बस्तियों में फ्री बिजली-इलाज का वादा, अमीरों के लिए अलग प्लान

नई दिल्ली10 घंटे पहलेलेखक: संध्या द्विवेदी

दिल्ली में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता हर रोज दो टीमें बनाकर निकलते हैं। एक टीम ऐसे इलाके में जाती है, जहां जरूरतमंद लोग रह रहे हों। उनके बीच जाकर कार्यकर्ता सरकारी स्कीम जैसे फ्री बिजली-पानी और इलाज की बातें करते हैं।

दूसरी टीम ऐसे इलाकों में जाती है, जहां अमीर लोग रहते हैं और उन्हें फ्री स्कीम से फर्क नहीं पड़ता। वहां कार्यकर्ता पार्टी चीफ अरविंद केजरीवाल के IIT से पढ़े होने, उनकी इंटेलिजेंस, परिवारवाद न करने का जिक्र करते हैं।

ये विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी की स्ट्रैटजी है। इस बार पार्टी का फोकस ‘रेवड़ी पर चर्चा’ कैंपेन पर है। क्या बोलना है, कितना बोलना है, इसके लिए बाकायदा कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग दी गई है। हर बूथ पर करीब 12 लोग लगाए गए हैं। इनका काम बूथ के लगभग एक हजार वोटर्स तक पहुंचना है।

दिल्ली के पूर्व CM अरविंद केजरीवाल ने 22 नवंबर को ‘रेवड़ी पर चर्चा’ कैंपेन शुरू किया था। इसके तहत कार्यकर्ता गली-गली जाकर सरकार की योजनाओं का प्रचार कर रहे हैं।
इस स्ट्रैटजी समझने के लिए हमने पार्टी के पदाधिकारियों से लेकर बूथ लेवल के कार्यकर्ताओं से बात की। इससे समझ आया कि AAP का फोकस BJP की तरह बूथ मैनेजमेंट मजबूत करने पर है। इसलिए उसने BJP के चाय पर चर्चा की तर्ज पर रेवड़ी पर चर्चा कैंपेन शुरू किया है।

70 सीटों वाली दिल्ली विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 23 फरवरी, 2025 को खत्म हो रहा है। 2020 में हुए चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 62 और 2015 में 67 सीटें जीती थीं। दिल्ली में जल्द ही विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो सकता है।

रेवड़ी लेकर गली-गली पहुंच रहे कार्यकर्ता
अरविंद केजरीवाल ने 22 नवंबर को रेवड़ी पर चर्चा कैंपेन शुरू किया था। BJP आम आदमी पार्टी की योजनाओं को मुफ्त की रेवड़ी बताकर अटैक करती है। अरविंद केजरीवाल ने इसी पर चुनावी कैंपेन शुरू कर दिया।

बूथ लेवल के एक कार्यकर्ता बताते हैं, ‘2020 के चुनाव में हमने प्रोग्राम चलाया था, विधायक आपके द्वार। ये खूब हिट हुआ था। इसका आइडिया पार्टी के सीनियर लीडर गोपाल राय ने दिया था। इस बार गली-गली तक रेवड़ी लेकर पहुंचने का आइडिया अरविंद केजरीवाल ने दिया है। उनकी टीम ने इस पर पूरा प्लान बनाया।’

कार्यकर्ताओं को 80 मिनट की ट्रेनिंग
त्रिलोकपुरी में बूथ लेवल के एक कार्यकर्ता बताते हैं, ‘कैंपेन के लिए नवंबर में कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग दी गई। पंजाब के राज्यसभा सांसद संदीप पाठक ने ट्रेनिंग का फॉर्मेट तैयार किया। करीब 80 मिनट की ट्रेनिंग में बताया गया कि कैंपेन का मकसद क्या है। गलियों में जाकर कैसे प्रचार करना है। लोगों को समझाना है कि अरविंद केजरीवाल का जीतना क्यों जरूरी है। इसके लिए कुछ टिप्स भी दिए गए।

जिस बूथ पर भी रेवड़ी पर चर्चा होनी होती है, वहां कार्यकर्ता लोगों को ऐसे कार्ड देते हैं।
5 पॉइंट में समझिए कैंपेन का मकसद

लोगों के बीच अरविंद केजरीवाल की भाई और बेटे की इमेज बनाना।
इमोशनल अपील के साथ हर योजना के बारे में बताना।
ये बताना कि कैसे अरविंद केजरीवाल लोगों को VIP की तरह ट्रीट कर रहे हैं।
सबसे जरूरी, लोगों का गुस्सा शांत करना, यानी एंटी इनकम्बेंसी के असर को कम करना।
ये बात दिमाग में बिठाना कि अगर AAP की सरकार गई, तो फिर मुफ्त वाली योजनाएं भी बंद हो जाएंगी।
बैठक में रेवड़ियों के साथ केजरीवाल का इमोशनल लेटर
गली में बैठक से पहले बूथ लेवल का कार्यकर्ता लोगों के घर में जाकर उन्हें अरविंद केजरीवाल के नाम से निमंत्रण पत्र देता है। बैठक शुरू होते ही सभी को अरविंद केजरीवाल के नाम से लेटर और रेवड़ी का पैकेट दिया जाता है। इसमें 6 रेवड़ियां होती हैं।

बैठक के दौरान लोगों को रेवड़ी का पैकेट दिया जाता है। हर योजना का फायदा समझाने के बाद उन्हें एक रेवड़ी खिलाई जाती है।
रेवड़ी पर चर्चा नाम से एप, हर बैठक का डेटा एनालिसिस
AAP की बैठकों का साइंटिफिक डेटा एनालिसिस भी हो रहा है। मंडल स्तर के एक कार्यकर्ता ने बैठक का डेटा बेस दिखाते हुए बताया, ‘रेवड़ी पर चर्चा नाम का एक इंटरनल एप बना है। बैठक में कितने लोग आए, कितनी शिकायतें हुईं, इसका डेटा एप में फीड किया जाता है। इसमें सब्जेक्टिव और ऑब्जेक्टिव दोनों तरह का डेटा है।’

‘ऑब्जेक्टिव डेटा में लोगों की संख्या होती है। सब्जेक्टिव डेटा में लोगों की शिकायतें किस तरह की हैं और बैठक के आखिर में उनका मूड कैसा लगा, इस तरह का डेटा होता है। ये डेटा आईटी एक्सपर्ट्स की टीम के पास जाता है। ये टीम डेटा का एनालिसिस करती है, ताकि हम सही स्थिति का अंदाजा लगा सकें। अभी चुनाव में वक्त है। डेटा समझकर स्थिति को कितना और सुधारना है, ये इस एनालिसिस का मकसद है।’

हाईप्रोफाइल लोगों के लिए अलग प्लान
AAP के कार्यकर्ता एक पैम्फलेट दिखाते हुए कहते हैं, ‘ये देखिए अरविंद केजरीवाल ही क्यों नाम से ये पैम्फलेट है। ये साउथ दिल्ली जैसे पॉश इलाकों के लिए है। इसमें अरविंद केजरीवाल को सुपर इंटेलिजेंट और विजनरी लीडर बताया गया है।’

‘दिल्ली की सड़कों को यूरोप जैसा बनाने और यमुना को साफ करने का मास्टर प्लान होने का दावा किया गया है। सफाई भी दी गई है कि दो साल कोरोना की वजह से यमुना की सफाई में रुकावट आई।’

दिल्ली के पॉश एरिया में AAP के कार्यकर्ता ऐसा पैम्फलेट बांट रहे हैं। इसमें अरविंद केजरीवाल को विजनरी लीडर बताया गया है।
AAP के एक और कार्यकर्ता बताते हैं, ‘हाई प्रोफाइल इलाकों में विधायक लोगों से मिल रहे हैं। यहां भाषण और रैलियों के लिए अलग टीम बनाई गई है। कुछ इलाकों में अरविंद केजरीवाल और सेंट्रल टीम के लोग भी जाएंगे।’

AAP में हमारे सोर्स बताते हैं कि पॉश एरिया के लिए स्ट्रैटजी के तहत अलग तरह के पैम्फलेट बनाए गए हैं। इसमें बार-बार अरविंद केजरीवाल की पढ़ाई, उनकी इंटेलिजेंस और नेताओं से अलग हटकर सूझबूझ से काम करने का जिक्र किया गया है। इन रैलियों और भाषण का मकसद अरविंद केजरीवाल की ईमानदार और हर मुश्किल को पार करके काम करा लेने वाले लीडर की इमेज बनाना है।’

सोर्स कहते हैं…

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यहां केजरीवाल की इमेज भाई-बाप-बेटा की नहीं, बल्कि ऐसे नेता की है, जिसकी समझ अधिकारियों जैसी है। जो सुपर इंटेलिजेंट तो है ही, सुपर एक्टिव भी है।

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हर बूथ पर अध्यक्ष और 12 लोगों की टीम
एक विधानसभा सीट पर 6 से 8 मंडलों में रेवड़ी पर चर्चा कैंपेन चल रहा है। एक मंडल पर तीन पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं। मंडल प्रभारी, मंडल अध्यक्ष, मंडल संगठन मंत्री। हर मंडल में 5 से 6 बूथ हैं। बूथ पर एक अध्यक्ष है और उसके नीचे 10-12 मेंबर। एक बूथ पर करीब 1000 वोट हैं।

हर बूथ में 4 से 5 गलियां होती हैं। हर गली में रेवड़ी पर चर्चा के तहत बैठक की जा रही है। यानी हर बूथ पर 4 से 5 कार्यक्रम होंगे। हर गली में 50 परिवारों तक पहुंचने का टारगेट रखा गया है। इसी तरह पॉश एरिया में भी टीमें काम कर रही हैं। इस लिहाज से हर मंडल में 50 से 60 लोगों की टीम काम कर रही है। इसमें विधायक और उनकी टीमें शामिल नहीं हैं।

ये कोंडली विधानसभा सीट का गणित है। इसमें सिर्फ लोअर मिडिल क्लास आबादी वाला एरिया कवर किया गया है।

कोंडली में हुई मीटिंग से समझिए, ये टीमें कैसे काम कर रहीं

रेवड़ी पर चर्चा मीटिंग में एक कार्यकर्ता
‘आपका भाई, आपका बेटा केजरीवाल, आपको VIP बनाने में लगा है। आप पूछेंगे कैसे। तो सुनिए, क्या और कोई राज्य है, जहां 24 घंटे बिजली आती है। देख लीजिए, बगल में यूपी है। VIP इलाकों में हमेशा से 24 घंटे लाइट आती है, लेकिन पूरी दिल्ली में आपके बेटे, आपके भाई ने इस नामुमकिन काम को मुमकिन किया। अगर हम सच बोल रहे तो एक रेवड़ी खाइए।’

लोग एक रेवड़ी खाते हैं।

कार्यकर्ता कहता है, ‘आपका बेटा ज्यादा कमाता है, बोनस मिलता है, तो सबसे पहले अपने बच्चों और पत्नी को गोवा या मनाली लेकर जाता है। बुजुर्ग मां-बाप को तीर्थ कराना है, ये ख्याल बाद में आता है। आपका बेटा केजरीवाल आपको फ्री में तीर्थ यात्रा करा रहा है। अगर सच है तो खाओ एक और रेवड़ी।’

लोग ठहाके लगाते हैं। कुछ शिकायत भी करते हैं। कार्यकर्ता उनकी शिकायत ध्यान से सुनते हैं और नोट कर लेते हैं। शिकायत के समाधान का भरोसा देते हैं।

एक शख्स थोड़ा झल्लाकर कहता है, ‘भाईसाहब, पानी गंदा आता है।’

कार्यकर्ता हाथ जोड़कर कहता है, ’एक हफ्ते में साफ पानी आने लगेगा।’

शिकायत करने वाला शख्स चुप हो जाता है, तो एक कार्यकर्ता कहता है, ‘आपका गुस्सा बिल्कुल ठीक है। पर आपको क्या लगता है आपके भाई केजरीवाल ने आपके लिए संघर्ष किया?’

जवाब मिलता है- ‘हां, लेकिन जो शिकायत है, वो तो करेंगे ही न।’

कार्यकर्ता कहता है, ‘आपके भाई हैं, खूब शिकायत कीजिए, पर उनका साथ भी दीजिए।’

एक कार्यकर्ता पूछता है, ‘मुफ्त दवा और इलाज क्या पहले मिलता था, मोहल्ला क्लिनिक थी क्या?

जवाब मिला- ‘ये तो AAP के राज में ही हुआ।’

कार्यकर्ता आवाज और ऊंची करता है, ‘आपको पता है, जब मोहल्ला क्लिनिक का प्रस्ताव एलजी के पास गया, तो DDA ने जमीन देने से मना कर दिया था। बहुत संघर्ष किया। आपके अरविंद केजरीवाल ने हार नहीं मानी, उसका भी तोड़ निकाला।’

‘आज करीब 90% मोहल्ला क्लिनिक नालों के ऊपर बनी हैं। यहीं कुछ दूर एक मोहल्ला क्लिनिक है, जो नाले के ऊपर बनी है। अगर आपको लगता है कि ये सच है, तो खाइए एक रेवड़ी।

इस बार ठहाकों के साथ नहीं, लोग गंभीरता से रेवड़ी खाते हैं। ये सब करीब 45 मिनट चलता है। लोगों का गुस्सा भी बीच-बीच में निकलता है।

बैठक में शामिल एक शख्स ने बताया, ‘कमियां तो हर सरकार में हैं। AAP में भी हैं। कम से कम उनके कार्यकर्ता हमें सुनने तो आए। शिकायतें नोट तो कीं। ये सच है कि केजरीवाल ने मुफ्त में बहुत कुछ दिया। जो कमियां हैं, वो आगे पूरी करेंगे।’

इस बैठक में 40-45 लोग थे। ऐसी ही बैठकें दिल्ली की दूसरी गलियों में हो रही हैं। एक कार्यकर्ता ने बताया, ‘मकसद है बूथ में आने वाली 4-5 गलियों के 200-250 वोटरों को साधो, ताकि बूथ सधे। अगर बूथ सध गए तो चुनाव तो सध ही जाएगा।’

कोंडली विधायक बोले- हमारी स्कीम रेवड़ी नहीं, लोगों का हक
रेवड़ी पर चर्चा कैंपेन पर हमने कोंडली से AAP विधायक कुलदीप कुमार से बात की। वे कहते हैं, ‘BJP ने हम पर तंज किया कि हम रेवड़ी बांटते हैं। हमने कहा- हां, दिल्ली की जनता को रेवड़ी बांटी है। हमने उनके टैक्स के पैसों के बदले उन्हें रेवड़ी दी है।’

वे आगे कहते हैं, ‘रेवड़ी क्या हैं, 24 घंटे बिजली, 200 यूनिट फ्री बिजली, 20 हजार लीटर तक मुफ्त पानी, बुजुर्गों को मुफ्त तीर्थ यात्रा, महिलाओं को फ्री में बस का सफर। ये जनता का हक है।’

वहीं, कोंडली में रहने वाले AAP कार्यकर्ता संजय चौधरी कहते हैं, ‘हम पूरे जोश के साथ प्रचार में लगे हैं। अब तो महिलाओं को 2100 रुपए देने वाली योजना घर-घर लेकर जा रहे हैं।’

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