मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने बुधवार को 8 पाकिस्तानी नागरिकों को 20 साल जेल की सजा सुनाई है। दोषियों को 10 साल पहले ड्रग्स की तस्करी करते हुए गिरफ्तार किया गया था। स्पेशल जज शशिकांत बांगर ने सभी दोषियों पर 2-2 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
दरअसल, 2015 में इंडियन कोस्ट गार्ड ने गुजरात तट पर एक बोट से पाकिस्तानी नागरिकों को 232 किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। हेरोइन की कीमत 6.96 करोड़ रुपए थी।
कोस्ट गार्ड के जहाज ‘संग्राम’ के तत्कालीन कमांडिंग ऑफिसर ने स्पेशल कोर्ट में घटना का पूरा ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के कराची से आ रही ‘अल यासिर’ बोट को भारतीय समुद्र सीमा में पकड़ा गया था। उन्होंने कहा कि कोर्ट में मौजूद आरोपी वही हैं जिन्हें पाकिस्तानी बोट से गिरफ्तार किया गया था।
दोषियों के नाम
दोषियों के नाम अलीबख्शा सिंधी, मक्सूद मासिम, मोहम्मद नाथो, मोहम्मद अहमद इनायत, मोहम्मद यूसुफ गगवानी, मोहम्मद यूनुस सिंधी, मोहम्मद गुलहसन सिंधी और गुलहसन सिद्दीक सिंधी हैं।
सरकारी वकील ने मामले में अधिकतम सजा की मांग की थी। हालांकि बचाव पक्ष के वकील ने कम सजा देने का आग्रह किया था। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपियों को अधिकतम सजा सुनाई। नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्स्टांसेस एक्ट (NDPS) के मामलों में अधिकतम सजा 20 साल की है।
अप्रैल में ड्रग्स के साथ 16 पाकिस्तानी पकड़ाए थे
28 अप्रैल को पाकिस्तान से बोट के जरिए 600 किलो ड्रग्स लाई जा रही थी।
इंडियन कोस्ट गॉर्ड और गुजरात एटीएस ने बीते साल 28 अप्रैल को पोरबंदर के समुद्र तट से 600 किलो ड्रग्स जब्त की थी। जिसकी कीमत 600 करोड़ रुपए से ज्यादा थी। टीम ने 14 पाकिस्तानी पैडलर्स को भी गिरफ्तार किया था। अगले दिन 29 अप्रैल को अरब सागर की भारतीय सीमा में 163 किलो ड्रग्स के साथ 2 पाकिस्तानी नागरिकों पकड़ाए थे। ये मछलियों की आड़ में ड्रग्स छिपाकर ला रहे थे। पूरी खबर
