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दिल्ली में वोटर आईडी के लिए पाकिस्तानी हिंदुओं का आवेदन:CAA के तहत इसी साल नागरिकता मिली थी; बेरोजगारी और स्थायी निवास अहम मुद्दे

सिटीजनशिप अमेंडमेट एक्ट (CAA) के तहत नागरिकता मिलने के बाद करीब 300 पाकिस्तानी हिंदुओं ने दिल्ली चुनाव में वोटर आईडी कार्ड बनाने का आवेदन किया है। इन्हें इसी साल मई में नागरिकता दी गई थी

शहर में मजनू का टीला और आदर्शनगर इलाकों में पाकिस्तान छोड़कर आए हिंदुओं की बस्तियां हैं। ऐसी ही एक बस्ती के प्रधान धर्मवीर सोलंकी ने बताया कि बस्ती में 217 परिवार हैं, जिनमें लगभग 1000 लोग हैं।

ऐसी ही एक बस्ती के प्रधान धर्मेंद्र सोलंकी ने बताया कि करीब 300 लोगों ने वोटर आईडी कार्ड के लिए अप्लाई किया है। हमारे पास आधार कार्ड है और जल्द ही राशन कार्ड मिलने की उम्मीद है।

वहीं, दिल्ली के मुख्य निर्वाचन कार्यालय ने सोमवार को बताया कि 29 नवंबर से अब तक 4.8 लाख लोगों ने वोटर के रूप में रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया है। वोटर लिस्ट अपडेट करने के बाद 6 जनवरी, 2025 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।

बेरोजगारी बड़ा मुद्दा, खेती के लिए जमीन की मांग
बस्ती के लोग नागरिकता मिलने से खुश हैं, लेकिन बेराजगारी बड़ा मुद्दा है। लोग मजदूरी या मोबाइल एक्सेसरीज बेचने जैसे काम करते हैं। इसके अलावा स्थायी निवास भी का मामला भी अहम है।

निवासियों की मांग है कि सरकार यमुना के किनारे पट्टे पर जमीन उपलब्ध कराए ताकि वे सम्मानजनक जीवन बिता सकें।

ऐसे ही एक निवासी नानकी ने कहा- मुझे घर या मुफ्त चीजें नहीं चाहिए। उम्मीद है कि सरकार हमें पट्टे पर जमीन देगी ताकि हम काम कर सकें और कमा सकें। अगर हम कमाएंगे, तो हम खुद घर बना सकते हैं।

अगस्त, 2024 में जारी हुआ था CAA का नया नोटिफिकेशन

केंद्र सरकार ने इसी साल अगस्त में CAA के तहत नागरिकता के लिए जरूरी कागजातों पर स्पष्टीकरण जारी किया था। इस कानून के तहत नागरिकता लेने के लिए ऐसा कागजात पेश करना जरूरी है, जो साबित करता हो कि आवेदक के माता-पिता, दादा-दादी, या परदादा-परदादी पाकिस्तान, अफगानिस्तान या बांग्लादेश के रहने वाले थे।

हालांकि यह तय नहीं था कि इसके प्रूफ के लिए किस तरह के कागजात की जरूरत होगी। नए नोटिफिकेशन में यह साफ किया गया कि केंद्र सरकार, राज्य सरकार या किसी ज्यूडीशियल बॉडी से जारी कोई आदेश जैसै लैंड रिकॉर्ड, ज्यूडीशियल ऑर्डर आदि सभी इसके लिए मान्य होगें।

केंद्र सरकार ने 11 मार्च 2024 को देशभर में CAA लागू किया था। CAA के तहत 31 दिसंबर 2014 से पहले पाकिस्तान, बांग्लादेश अफगानिस्तान से आए गैर- मुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता देने का प्रावधान है। CAA के तहत इसी साल मई में पहली बार 14 लोगों को भारत की नागरिकता दी गई थी।

नागरिकता संशोधन कानून की 3 बड़ी बातें…

1. किसे मिलती है नागरिकता: 31 दिसंबर 2014 से पहले पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश से धार्मिक आधार पर प्रताड़ित होकर भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को नागरिकता दी जा सकती है। इन तीन देशों के लोग ही नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं।

2. भारतीय नागरिकों पर असर: भारतीय नागरिकों से CAA का कोई सरोकार नहीं है। संविधान के तहत भारतीयों को नागरिकता का अधिकार है। CAA या कोई कानून इसे नहीं छीन सकता।

3. आवेदन कैसे करते हैं: CAA के तहत नागरिकता के लिए आवेदन ऑनलाइन करना होता है। आवेदक को बताना होता है कि वे भारत कब आए। पासपोर्ट या अन्य यात्रा दस्तावेज न होने पर भी आवेदन कर कर सकते हैं। इसके तहत भारत में रहने की अवधि 5 साल से अधिक रखी गई है। इस कानून से इतर नागरिकता हासिल करने के लिए यह अवधि 11 साल से अधिक है।

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