जयपुर LPG ब्लास्ट- आज 1 और युवक ने दम तोड़ा:अजमेर हाईवे पर जिंदा जलने वालों की संख्या 19 पहुंची, 3 अभी भी वेंटिलेटर पर
जयपुर28 मिनट पहले
जयपुर LPG टैंकर ब्लास्ट में गंभीर रूप से झुलसे 1 और व्यक्ति ने गुरुवार सुबह 9:20 बजे सवाई मान सिंह (SMS) हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। इसी के साथ इस हादसे में मरने वालों की संख्या 19 हो गई है। इसमें एक पूर्व IAS भी शामिल हैं। जयपुर-अजमेर हाईवे पर 20 दिसंबर की सुबह दिल दहलाने वाली घटना हुई थी।
SMS हॉस्पिटल के डॉक्टर राकेश जैन से बताया – 28 साल के लालाराम 60 फीसदी झुलस गए थे। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। उनकी आज सुबह मौत हो गई। अभी भी SMS हॉस्पिटल के बर्न वॉर्ड में गंभीर रूप से झुलसे 20 मरीजों का इलाज चल रहा है। इन मरीजों में 3 वेंटिलेटर पर हैं। लालाराम की बॉडी SMS हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवा दी गई है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम होने के बाद शव परिजनों को दिया जाएगा।
रुक नहीं रहा मौतों का सिलसिला
जयपुर-अजमेर हाईवे पर हुए हादसे के शिकार लोगों की मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। SMS हॉस्पिटल में इलाज के दौरान बुधवार (25 दिसंबर) को 3 और मंगलवार (24 दिसंबर) को 2 मरीजों की मौत हो गई थी। 3 मरीजों को 23 दिसंबर को और 2 को 24 दिसंबर को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया गया था।
25 दिसंबर की सुबह करीब 4 बजे विजिता मीणा (22) निवासी प्रतापगढ़ (राजस्थान) और सुबह करीब साढ़े नौ बजे विजेंद्र (36) निवासी भुरीबड़ाज, पावटा (जयपुर) ने दम तोड़ दिया था। इसके बाद दोपहर एक बजे के आसपास घायल बंशीलाल (35) निवासी भीलवाड़ा की भी मौत हो गई थी। विजेता और विजेंद्र क्रमश: 70-70 प्रतिशत झुलसे थे।
24 दिसंबर को भी 2 लोगों की मौत हुई थी। इसमें एटा (यूपी) के रहने वाले नरेश बाबू और नूंह (हरियाणा) के यूसुफ शामिल हैं।
20 दिसंबर की सुबह जयपुर-अजमेर हाईवे इसी तरह सुलग रहा था। करीब 40 गाड़ियां आग की चपेट में आ गई थीं।
हाईवे पर 4 जिंदा जल गए थे, 9 ने उसी दिन हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया था
जयपुर के अजमेर रोड पर भांकरोटा (DPS के पास) में 20 दिसंबर को हुए हादसे में 4 लोग मौके पर ही जिंदा जल गए थे। 8 लोगों ने उसी दिन सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में इलाज के दौरान दम तोड़ा था। 1 मौत जयपुरिया हॉस्पिटल में हुई थी।
टैंकर से निकली गैस आग का गोला बनकर हाईवे पर फैली थी
पुलिस को जयवीर सिंह (LPG टैंकर ड्राइवर) ने बताया कि हादसे के दौरान टैंकर में वह अकेले था। बिना समय गंवाए मैं भागने लगा। टैंकर से निकली गैस आग का गोला बन कर सड़क पर फैलने लगी। तब तक मैं रिंग रोड पर आ चुका था। मैंने फोन कर ट्रक मालिक अनिल कुमार को घटना की जानकारी दी। इसके बाद मोबाइल को बंद कर लिया।
हादसे में आग की चपेट में आने जली गाड़ियों को क्रेन की मदद से घटनास्थल से हटाया गया था।
हादसे में आग की चपेट में आने जली गाड़ियों को क्रेन की मदद से घटनास्थल से हटाया गया था।
40 गाड़ियों और फैक्ट्री में लगी थी आग
आग इतनी तेजी से फैली थी कि 40 से ज्यादा गाड़ियां उसकी चपेट में आ गई थी। टैंकर के ठीक पीछे चल रही एक स्लीपर बस और हाईवे किनारे मौजूद पाइप फैक्ट्री भी जल गई थी। एक्सीडेंट की वजह से बस का दरवाजा एक ट्रक से चिपक गया। इस कारण उसमें सवार 34 लोगों को बाहर निकलने की जगह ही नहीं मिली। बड़ी मुश्किल से ड्राइवर वाले गेट से लोगों को बाहर निकाला गया। आग बुझने के बाद कई शवों को पोटली में डालकर अस्पताल ले जाया गया था।
तस्वीरों में देखिए दिल दहलाने वाला हादसा…
हादसे के बाद रेस्क्यू टीमों ने गाड़ियों में फंसे शवों को कपड़ों, कट्टों व पोटलियों में समेटकर निकाला।
रेस्क्यू टीमों ने घटनास्थल पर एक टैंकर पर पानी डालकर उसको फटने से बचाया।
घटनास्थल पर धुएं के चलते रेस्क्यू टीम को काफी परेशानी आ रही थी।
घटनास्थल के आसपास इस तरह के कपड़े के ढेर मिले। जलने के बाद लोगों ने जैसे-तैसे अपने कपड़े उतार कर फेंक दिए थे।
