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परभणी हिंसा- राहुल गांधी मृतक सोमनाथ के परिवार से मिले:बोले- ये 100% हिरासत में मौत, CM फडणवीस ने विधानसभा में झूठ बोला

परभणी हिंसा- राहुल गांधी मृतक सोमनाथ के परिवार से मिले:बोले- ये 100% हिरासत में मौत, CM फडणवीस ने विधानसभा में झूठ बोला

मुंबई1 घंटे पहले

हिंसा के 12 दिन बाद राहुल परभणी पहुंचे। उन्होंने पुलिस कस्टडी में मारे गए सोमनाथ सूर्यवंशी को राहुल गांधी ने श्रद्धांजली दी।
महाराष्ट्र के परभणी में 10 दिसंबर को अंबेडकर स्मारक में तोड़फोड़ हुई थी। घटना के 12 दिन बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी सोमवार को परभणी पहुंचे।

उन्होंने यहां मृतक सोमनाथ सूर्यवंशी और विजय वाकोडे को श्रद्धांजली दी। साथ ही उनके परिवारों से मुलाकात की। सोमनाथ सूर्यवंशी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसकी 15 दिसंबर को पुलिस कस्टडी में मौत हुई थी।

राहुल ने कहा, ‘मैं अभी पीड़ित परिवार से मिला, उन लोगों ने मुझे पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फोटो-वीडियो दिखाए, सोमनाथ की मौत 100 % कस्टोडियल (हिरासत में मौत) डेथ है, पुलिस ने इनकी हत्या की है। चीफ मिनिस्टर ने पुलिस को मैसेज देने के लिए असेंबली में झूठ बोला है।’

राहुल ने कहा- सोमनाथ को इसलिए मारा गया क्योंकि वो दलित है और संविधान की रक्षा कर रहा था। RSS की विचारधारा संविधान को खत्म करने की है। हम चाहते हैं कि ये मुद्दा सुलझाया जाए, जिन लोगों ये किया उनको सजा मिले।

सोमनाथ के परिवार से राहुल की मुलाकात की 3 तस्वीरें…

पीड़ित परिवार से राहुल गांधी ने मुलाकात की।
राहुल गांधी से लिपटकर रोती सोमनाथ के परिवार की महिला।

राहुल गांधी ने कहा है कि सोमनाथ की मौत कस्टोडियल डेथ है।

तारीखों में जानिए परभणी में क्या हुआ

10 दिसंबर: सोपन दत्ताराव पवार नाम के व्यक्ति ने परभणी रेलवे स्टेशन के सामने अंबेडकर स्मारक में संविधान की रेप्लिका पर लगा कांच तोड़ा था। भीड़ ने पवार को पीटा था। बाद में उसे पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक आरोपी मानसिक रोगी है।

11 दिसंबर: अंबेडकर स्मारक में तोड़फोड़ के विरोध में परभणी बंद बुलाया गया था। लोगों की मांग आरोपी को फांसी देने की थी। बंद के दौरान हिंसा भड़की। तोड़फोड़ और आगजनी हुई। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े थे और लाठीचार्ज किया था।

हिंसा मामले में उसी रात पुलिस ने 50 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें सोमनाथ सूर्यवंशी भी शामिल था। दो दिन पुलिस कस्टडी में रखने के बाद उसे ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा था।

15 दिसंबर: पुलिस ने बताया कि सीने में दर्द की शिकायत पर सोमनाथ को अस्पताल लाए थे, यहां उसकी हार्ट अटैक से मौत हुई। राज्य सरकार ने सोमनाथ के परिवार को 10 लाख रुपए मदद की घोषणा की।

16 दिसंबर: सोमनाथ की मौत को लेकर परभणी में विरोध प्रदर्शन हुआ था। इसमें शामिल अंबेडकरी आंदोलन के नेता विजय वाकोड़े की हार्ट अटैक से मौत हुई थी।

सोमनाथ सूर्यवंशी का कॉलेज आईडी, जहां से वे लॉ की पढ़ाई कर रहे थे।
फडणवीस बोले- पुलिस यातना नहीं, सोमनाथ को सांस लेने में परेशानी थी

21 दिसंबर को महाराष्ट्र विधानसभा में सीएम देवेंद्र फडणवीस परभणी घटना पर जवाब दिया था। उन्होंने कहा था कि सोमनाथ को सांस लेने में तकलीफ और अन्य बीमारियां थीं। मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने पर उसने किसी भी तरह की पुलिस यातना की शिकायत नहीं की थी।

सीएम ने कहा था कि सोमनाथ की मौत के मामले में ज्यूडिशियल जांच के आदेश दिए गए हैं। हिंसा की भी ज्यूडिशियल जांच कराई जाएगी। अंबेडकर किसी जाति तक सीमित नहीं हैं, वे सभी के हैं।

महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष और राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा- राहुल गांधी का दौरा नाटक है। उन्हें इस तरह के नाटक करने के जगह इसपर ध्यान देना चाहिए कि समाज को कैसे लाभ पहुंचाया जाए।

परिवार का आरोप सोमनाथ को बस्ती से उठाया

परिवार और लोगों का आरोप है कि सोमनाथ को दलित बस्ती से उठाया गया था। इसके बाद से वो पुलिस कस्टडी में था। 15 दिसंबर को उसकी मौत की खबर आई। पुलिस ने हार्ट अटैक की बात कही।

सोमनाथ की मां विजय ने कहा- बेटे से आखिरी बात 9 दिसंबर को हुई थी। इसके बाद उसका परिवार से किसी भी तरह का कॉन्टैक्ट नहीं हुआ था। बेटे की मौत की खबर के बाद परिवार परभणी जा रहा था, तब बताया कि शव पोस्टमॉर्टम के लिए औरंगाबाद भेजा गया है।

पुलिस के मुताबिक हिंसा की आशंका के चलते शव परभणी नहीं ले जा सकते, जिसकी पीड़ित परिवार मांग कर रहा था। पुलिस ने विजया से कहा था कि अगर स्थिति बगड़ी तो क्या वे इसकी जिम्मेदारी लेंगी। इस पर विजया ने पुलिस से कहा था- क्या वे (पुलिस) मेरे बेटे की मौत की जिम्मेदारी लेतें हैं?

10 और 11 दिसंबर की तस्वीरें…

10 दिसंबर: अंबेडकर स्मारक में तोड़फोड़ करने वाले आरोपी को लोगों ने पीटा था।
11 दिसंबर: परभणी बंद के दौरान भीड़ ने आगजनी की थी।
11
11 दिसंबर: परभणी में हिंसा के दौरान दुकानों में तोड़फोड़ करती भीड़।

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