तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने बुधवार को कोयंबटूर में क्रिसमस सेलिब्रेशन में कहा कि मुझे ईसाई होने पर गर्व है। मैंने पिछले साल ऐसा कहा था तो कई संघी इससे चिढ़ गए थे। लेकिन आज मैं फिर इसे दोहरा रहा हूं। मैं सभी धर्मों का प्रतिनिधित्व करता हूं।
उदयनिधि ने कहा कि अगर आप सोचते हैं कि मैं ईसाई हूं, तो मैं हूं। अगर आप सोचते हैं कि मैं मुस्लिम हूं, तो मैं मुस्लिम हूं। अगर आप सोचते हैं कि मैं हिंदू हूं, तो मैं हिंदू हूं। मैं सभी धर्मों को मानता हूं। सभी धर्म प्यार करने की सीख देते हैं।
उदयनिधि बोले- AIADMK भाजपा की गुलामी कर रही
उदयनिधि ने BJP-AIADMK पर धर्म का राजनीतिक इस्तेमाल कर संविधान विरोधी कार्य करने का आरोप लगाया। उन्होंने धार्मिक भावनाएं भड़काकर नफरत फैलाने वालों की निंदा की। उन्होंने कहा, “हाल ही में इलाहाबाद के एक जज ने मुस्लिमों के खिलाफ भड़काऊ बयान दिया। हमने सवाल उठाया कि क्या ऐसे व्यक्ति को न्यायाधीश बने रहना चाहिए।”
उदयनिधि ने कहा कि उस जज को पद से हटाने का प्रस्ताव लोकसभा में लाने के लिए कांग्रेस और DMK ने साइन किए, लेकिन AIADMK के सांसदों ने इस पर साइन नहीं किया। AIADMK ने संविधान विरोधी जज को हटाने के प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया क्योंकि वह भाजपा की गुलाम बन गई है। भाजपा और AIADMK के बीच अघोषित गठबंधन है।
पहले सनातन धर्म को बीमारी बता चुके हैं उदयनिधि
उदयनिधि ने इससे पहले सनातन धर्म के खिलाफ विवादास्पद बयान देकर विवाद खड़ा किया था, जिसके चलते उनके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। उदयनिधि स्टालिन ने 2 सितंबर 2023 को एक कार्यक्रम में सनातन धर्म को बीमारी बताया था और इसे खत्म करने की बात कही थी। जिसके बाद उन्होंने 7 सितंबर को सफाई दी थी। उन्होंने कहा था, ‘मैं किसी भी धर्म का दुश्मन नहीं हूं। मेरे बयान का गलत मतलब निकाला गया।
तब उन्होंने कहा था कि मैं हिंदू धर्म नहीं सनातन प्रथा के खिलाफ हूं। तमिलनाडु में पिछले 100 सालों से सनातन धर्म के खिलाफ आवाजें उठ रही हैं। हम अगले 200 सालों तक भी इसके खिलाफ बोलना जारी रखेंगे। अतीत में कई मौकों पर अंबेडकर, पेरियार भी इसके बारे में बोलते रहे हैं। पूरी खबर पढ़े…
