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सेंट्रल फोर्स की 8 और कंपनियां मणिपुर पहुंचीं:एक कंपनी महिला बटालियन की; मणिपुर कांग्रेस की खड़गे को चिट्‌ठी- चिदंबरम पर एक्शन लें

सेंट्रल फोर्स की 8 और कंपनियां मणिपुर पहुंचीं:एक कंपनी महिला बटालियन की; मणिपुर कांग्रेस की खड़गे को चिट्‌ठी- चिदंबरम पर एक्शन लें

इंफाल8 घंटे पहले
केंद्र सरकार ने हाल ही में घोषणा की थी कि मणिपुर में CAPF की 50 नई कंपनियां तैनात की जाएंगी।
केंद्र सरकार ने हाल ही में घोषणा की थी कि मणिपुर में CAPF की 50 नई कंपनियां तैनात की जाएंगी।
मणिपुर में हिंसा बढ़ने के बीच केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 8 और कंपनियां बुधवार को राजधानी इंफाल पहुंच गईं। एक दिन पहले ही CAPF की 11 कंपनियां मणिपुर पहुंची थीं।

अधिकारियों के मुताबिक CAPF और BSF की चार-चार कंपनियों को राज्य के संवेदनशील और सीमांत इलाकों में तैनात किया जाएगा। CAPF की इन कंपनियों में से एक महिला बटालियन की है।

केंद्र सरकार ने हाल ही में घोषणा की थी कि मणिपुर में CAPF की 50 नई कंपनियां तैनात की
सिक्योरिटी फोर्सेस राज्य में अलग-अलग वाहनों की चेकिंग भी कर रही हैं।
राज्य कांग्रेस की अपील- चिदंबरम पर कार्रवाई करें खड़गे
मणिपुर कांग्रेस ने बुधवार को पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से विवादास्पद पोस्ट करने वाले पी चिदंबरम के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की है। चिदंबरम ने क्षेत्रीय स्वायत्तता की वकालत की थी। खड़गे को लिखे लैटर में नेताओं ने कहा, “पी चिदंबरम के पोस्ट की हम निंदा करते हैं। राज्य में बढ़ते तनाव, सार्वजनिक शोक और राजनीतिक संवेदनशीलता के मौजूदा माहौल को देखते हुए उनकी भाषा और भावनाएं अनुचित थीं।”

इससे खड़गे ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मणिपुर मुद्दे पर दखल देने की मांग की। मंगलवार को लिखे दो पेज के पत्र में उन्होंने आरोप लगाया कि 18 महीने में केंद्र और राज्य की सरकार मणिपुर में शांति स्थापित करने में असफल रही है। आप संविधान की संरक्षक हैं, इसलिए दखल दें।

NDA की मीटिंग से गायब रहे 18 विधायक, सभी को नोटिस
राज्य में बिगड़ने हालातों पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह द्वारा बुलाई गई NDA की बैठक में 18 विधायक नहीं पहुंचे। इनमें से 7 ने तबीयत खराब होने की बात कही, जबकि बाकी 11 बिना किसी कारण अनुपस्थित रहे। इसलिए इन्हें CM सचिवालय ने उन्हें नोटिस जारी किया है।

कुकी उग्रवादियों के समर्थन में निकाला ताबूत मार्च
मणिपुर में 11 नवंबर को सुरक्षाबलों से मुठभेड़ में मारे गए 10 कुकी उग्रवादियों के लिए न्याय की मांग करते हुए कुकी समुदाय लगातार प्रदर्शन कर रहा है। मंगलवार को भी जिरिबाम और चुराचांदपुर जिले में सैकड़ों लोगों ने 10 खाली ताबूत लेकर मार्च निकाला।

रैली जॉइंट फिलैंथ्रॉपिक ऑर्गनाइजेशन (JPO) ने आयोजित की थी।
रैली जॉइंट फिलैंथ्रॉपिक ऑर्गनाइजेशन (JPO) ने आयोजित की थी।
पिछले हफ्ते जिरिबाम के बोरोबेकरा पुलिस स्टेशन और पास के जकुराधोर में CRPF कैंप पर वर्दीधारी उग्रवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की थी। इसके बाद सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में दस संदिग्ध उग्रवादी मारे गए। हालांकि, कुकी समुदाय का कहना है कि वे लोग विलेज वॉलंटियर्स थे।

मणिपुर में दोबारा हालात क्यों बिगड़े

11 नवंबर: सुरक्षाबलों ने जिरिबाम में 10 कुकी उग्रवादियों को मार गिराया था। मुठभेड़ के दौरान कुकी उग्रवादियों ने 6 मैतेई (3 महिलाओं, 3 बच्चों) को किडनैप किया था।
15-16 नवंबर: किडनैप हुए छह लोगों में से पांच के शव बरामद हुए।
16 नवंबर: CM एन बीरेन सिंह और भाजपा विधायकों के घरों पर हमले हुए थे। वहीं, कुछ मंत्रियों सहित भाजपा के 19 विधायकों ने CM बीरेन सिंह को हटाने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को पत्र लिखा
17 नवंबर: रात में जिरिबाम जिले में पुलिस की गोली से मैतेई प्रदर्शनकारी की मौत हो गई थी, जिसके बाद से हालात और बिगड़ गए। CRPF के डीजी अनीश दयाल सिंह 17 नवंबर को हिंसा का जायजा लेने के लिए मणिपुर पहुंचे।
18 नवंबर: अगवा हुई आखिरी महिला का शव मिला।
मणिपुर में नवंबर में हुईं हिंसक घटनाएं

11 नवंबर: मणिपुर के याइंगंगपोकपी शांतिखोंगबन इलाके में खेतों में काम कर रहे किसानों पर उग्रवादियों ने पहाड़ी से गोलीबारी की थी, जिसमें एक किसान की मौत हुई थी और कई घायल हुए थे।
9-10 नवंबर: इंफाल पूर्वी जिले के सनसाबी, सबुंगखोक खुनौ और थमनापोकपी इलाकों में 10 नवंबर को गोलीबारी की घटना हुई थी। 9 नवंबर को बिष्णुपुर जिले के सैटन में उग्रवादियों ने 34 साल की महिला की हत्या कर दी थी। घटना के वक्त महिला खेत में काम कर रही थी।
8 नवंबर: जिरीबाम जिले के जैरावन गांव में हथियारबंद उग्रवादियों ने 6 घर जला दिए थे। ग्रामीणों का आरोप था कि हमलावरों ने फायरिंग भी की थी। घटना में एक महिला की मौत हुई थी। मृतक महिला की पहचान जोसंगकिम हमार (31) के रूप में हुई थी। उसके 3 बच्चे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि हमलावर मैतेई समुदाय के थे। घटना के बाद कई लोग घर से भाग गए।
7 नवंबर: हमार जनजाति की एक महिला को संदिग्ध उग्रवादियों ने मार डाला था। उन्होंने जिरीबाम में घरों को भी आग लगा दी। पुलिस केस में उसके पति ने आरोप लगाया कि उसे जिंदा जलाने से पहले उसके साथ रेप किया गया था। एक दिन बाद, मैतेई समुदाय की एक महिला की संदिग्ध कुकी विद्रोहियों ने गोली मार दी थी।

मणिपुर में हिंसा के 560 दिन
कुकी-मैतेई के बीच 560 से ज्यादा दिनों से हिंसा जारी है। इस दौरान 237 मौतें हुईं, 1500 से ज्यादा लोग जख्मी हुए, 60 हजार लोग घर छोड़कर रिलीफ कैंप में रह रहे हैं। करीब 11 हजार FIR दर्ज की गईं और 500 लोगों को अरेस्ट किया गया।

इस दौरान महिलाओं की न्यूड परेड, गैंगरेप, जिंदा जलाने और गला काटने जैसी घटनाएं हुईं। अब भी मणिपुर दो हिस्सों में बंटा हैं। पहाड़ी जिलों में कुकी हैं और मैदानी जिलों में मैतेई। दोनों के बीच सरहदें खिचीं हैं, जिन्हें पार करने का मतलब है मौत।

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