प्रदूषण के कारण राजस्थान के स्कूलों में छुट्टी:बीकानेर, खैरथल और करौली में 300 के पार पहुंचा AQI, अब दिन का भी गिरने लगा पारा
जयपुर2 घंटे पहले
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए खैरथल-तिजारा जिले के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है। 20 से 23 नवंबर तक पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चे स्कूल नहीं जाएंगे। मंगलवार को इसका आदेश खैरथल के कलेक्टर किशोर कुमार ने जारी किया है।
उधर, उत्तर भारत में पिछले दिनों हुई बर्फबारी के बाद हवा ने राजस्थान में सर्दी बढ़ा दी है। रात और दिन में कई शहरों का तापमान औसत से नीचे आ गया है। सुबह-शाम ठिठुरन बढ़ने लगी है।
कलेक्टर किशोर कुमार ने खैरथल-तिजारा में स्कूलों में पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों की छुट्टी घोषित की है।
कलेक्टर किशोर कुमार ने खैरथल-तिजारा में स्कूलों में पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों की छुट्टी घोषित की है।
बीकानेर में भी हालात ठीक नहीं
बढ़ती ठंड के साथ ही राजस्थान में प्रदूषण भी खतरे के स्तर को पार कर गया है। मंगलवार को भिवाड़ी (खैरथल), करौली और बीकानेर में 300 से ज्यादा AQI दर्ज किया गया। बुधवार को भिवाड़ी का AQI 326 दर्ज किया गया। सोमवार को AQI 454 था। प्रदूषण नियंत्रण को लेकर कलेक्टर किशोर कुमार ने अधिकारियों के साथ बैठक कर ग्रेप-4 नियमों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए। वायु प्रदूषण से हालात इतने खराब हुए हैं कि बीकानेर के स्कूलों में तो बच्चे मास्क लगाकर जा रहे हैं।
26 जिलों में AQI 200 से ज्यादा
मंगलवार को राजस्थान के कुल 26 जिलों में AQI 200 से ज्यादा था। सबसे साफ हवा दक्षिणी राजस्थान में दर्ज की गई, जिसमें सिरोही, प्रतापगढ़, सीकर, राजसमंद, बाड़मेर, अजमेर शामिल हैं।
आंखों में जलन, सांस लेने में हो रही दिक्कत
18 नवंबर को ही सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड( CPCB) ने खैरथल-तिजारा जिले में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) की चौथी स्टेज लागू कर दी है। ऐसे में शहर में धूल कंट्रोल के लिए पानी का छिड़काव और स्मॉग गन का इस्तेमाल शुरू हो गया है। भिवाड़ी शहर में प्रदूषण के कारण मंगलवार को पूरे दिन आसमान में धुंध नजर आई और विजिबिलिटी घट गई। लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ा।
भिवाड़ी में तीन फायर ब्रिगेड गाड़ियों और दो टैंकर से रोजाना पानी का छिड़काव किया जा रहा है।
भिवाड़ी में तीन फायर ब्रिगेड गाड़ियों और दो टैंकर से रोजाना पानी का छिड़काव किया जा रहा है।
दिन में चल रही ठंडी हवा
बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, जालोर को छोड़ दें तो मंगलवार को सभी शहरों में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक भी नहीं पहुंचा। जयपुर, अलवर, सीकर, गंगानगर समेत कई शहरों में मंगलवार को दिन में हल्की गति से ठंडी हवा चली। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने विशेषज्ञों ने बताया- उत्तर भारत में जेट विंड्स का आना शुरू हो गया है। इससे उत्तर भारत समेत मध्य भारत के राज्यों में तापमान गिरने लगा है।
पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक तापमान बाड़मेर में 31.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जैसलमेर में कल अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस, जोधपुर, जालोर में 30.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। शेष सभी जिलों में कल अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। जयपुर में अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जयपुर, सीकर, झुंझुनूं, अलवर में भी कल दिन में हल्की ठंडी हवाएं चली।
माउंट आबू में न्यूनतम तापमान लगातार 10 डिग्री के नीचे बना हुआ है।
माउंट आबू में न्यूनतम तापमान लगातार 10 डिग्री के नीचे बना हुआ है।
सीकर की सबसे सर्द रात
राजस्थान में न्यूनतम तापमान भी 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गए। बाड़मेर, जैसलमेर को छोड़कर सभी शहरों में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हुआ। कल सबसे ठंडी रात सीकर में रही, जहां न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। सीकर के पास फतेहपुर और हिल स्टेशन माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस के नजदीक दर्ज हुआ। चूरू, सिरोही में कल न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हुए।
एक से दो डिग्री तक और गिरेगा तापमान
जयपुर मौसम केन्द्र ने राजस्थान में अगले चार-पांच दिन प्रदेश में मौसम ड्राय रहने और तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट होने की संभावना जताई है। कोहरे की स्थिति अगले कुछ दिन शून्य रहेगी। अब कोहरा छाने की संभावना बहुत कम है, क्योंकि उत्तरी हवाएं चलने से कोहरा छंटने लगा है।
बीकानेर में पीओपी की फैक्ट्रियों के कारण वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचा
बीकानेर के खारा गांव में पीओपी की फैक्ट्रियों के कारण वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। मशीन से 9 दिन की जांच में पीएम-10 (पार्टिकुलेट मैटर) की मात्रा मानक से 4 से लेकर 15 गुना तक ज्यादा पाई गई। अलग-अलग दिनाें में इसकी मात्रा 398 से लेकर 1528 माइक्राेग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रही। जबकि, इसका मानक 100 माइक्राेग्राम प्रति क्यूबिक मीटर है। इसकी वजह से स्थानीय निवासियाें के फेफड़ों में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। जमीनी हालात जानने के लिए राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का दल बीकानेर पहुंच गया है। शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर खारा गांव की आबो हवा वायु प्रदूषण के कारण खराब हो रही है।
तीन सदस्यीय दल पहुंचा खारा गांव
रीको औद्योगिक क्षेत्र के मिनरल जोन से सटे इस गांव में पीओपी की फैक्ट्रियों के धुएं के कारण लोग सांस की बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। खारा गांव के हालात उजागर होने के बाद राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चीफ इंजीनियर प्रेमालाल का तीन सदस्यीय दल जमीनी हालात का पता लगाने के लिए सोमवार रात बीकानेर पहुंचा। यह दल तीन दिन यहीं रहकर खारा गांव और पीओपी इंडस्ट्रीज की जांच करेगा।
40 पीओपी की फैक्ट्रियां
खारा (बीकानेर) गांव और मिनरल जोन के बीच एक सड़क का ही फासला है। जोन में करीब 40 पीओपी की फैक्ट्रियां लगी हुई हैं। हवा का रुख गांव की तरफ होने पर इन फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं गांव पर छा जाता जाता है। इसकी वजह से लोगों का सांस लेना दूभर हो रहा है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने वायु प्रदूषण की जांच के लिए अलग-अलग तीन लोकेशन पर अपनी मशीन लगाई। यह मशीन फैक्ट्रियों से 10 मीटर लेकर 400 मीटर तक दायरे में लगाई गई।
फैक्ट्री बंद करने के लिए नोटिस जारी
मशीन से प्रदूषण की जांच की तो बोर्ड अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच आईं। क्षेत्रीय अधिकारी राजकुमार मीणा ने इन फैक्ट्रियां बंद करने के लिए मालिकों को नोटिस जारी कर दिए। हालांकि, फैक्ट्री मालिक सड़क पर बिखरे पाउडर पर पानी का छिड़काव करवा रहे हैं। इसे मुद्दे पर वे मंगलवार काे बाेर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी से भी मिले थे।
खतरनाक स्तर पर है प्रदूषण
खारा गांव में वायु प्रदूषण पता लगाने के लिए पीएम-10, SO2 और NOX की जांच की गई। नौ दिन की जांच में पीएम-10 (पार्टिकुलेट मैटर) की मात्रा अधिक मिली है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार पीओपी पाउडर के बारीक कण फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। जबकि सल्फरडाई ऑक्साइड (SO2 ) 9.84 माइक्रोग्राम पर मीटर क्यूब और नाइट्रोजन ऑक्साइड (NO2) 32.48 माइक्रोग्राम पर मीटर क्यूब पाया गया है। दोनों ही 80 माइक्रोग्राम प्रति मीटर क्यूब की लिमिट में होने से नुकसानदेह नहीं है।
प्रदूषण के कारण मास्क लगाकर स्कूल आते हैं बच्चे
खारा गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को मास्क लगाकर आना पड़ता है। प्रिंसिपल सुमन सेठी ने बताया कि कई बच्चों को श्वास की समस्या है। सभी को मास्क लगाकर आने को कहा गया है। सेठी ने बताया कि डिजिटल बोर्ड और कंप्यूटरों पर धुएं की गर्द जम जाती है। स्कूल में रोज सुबह सफाई कराते हैं। ग्रामीण सूरज पारीक का कहना है कि प्रदूषण के कारण गांव के हर घर में बच्चों और बुजुर्गों को श्वास संबंधी समस्या है। स्वास्थ्य विभाग को कैंप लगाकर सभी की जांच करनी चाहिए।
जिला कलेक्टर ने ली विभाग से प्रदूषण की रिपोर्ट
खारा गांव में पीओपी इंडस्ट्रीज से हो रहे वायु प्रदूषण के संबंध में जिला कलेक्टर ने रिपोर्ट ली है। प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राजकुमार मीणा ने उन्हें गांव के हालात से अवगत कराया है। कलेक्टर को बताया गया कि गांव से सटे मिनरल जोन में स्थित पीओपी की फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं के कारण गांव में प्रदूषण फैल रहा है। इन्हें शिफ्ट करने के अलावा दूसरा रास्ता नहीं है। ऐसे हालात सर्दियों में तब होते हैं, जब हवा का रुख गांव की तरफ होता है।
