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राजस्थान में थप्पड़कांड के आरोपी नरेश मीणा गिरफ्तार, फिर आगजनी-पथराव:पुलिस की गाड़ियां रोकीं; सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के गोले दागे, समर्थकों को खदेड़ा
टोंक46 मिनट पहलेलेखक: महावीर बैरवा
बुधवार को देवली-उनियारा (टोंक) में उपचुनाव की वोटिंग के दौरान नरेश मीणा ने एसडीएम को थप्पड़ मार दिया था। इसी के बाद पूरा बवाल शुरू हुआ। – Dainik Bhaskar
बुधवार को देवली-उनियारा (टोंक) में उपचुनाव की वोटिंग के दौरान नरेश मीणा ने एसडीएम को थप्पड़ मार दिया था। इसी के बाद पूरा बवाल शुरू हुआ।
राजस्थान के देवली-उनियारा में नरेश मीणा की गिरफ्तारी के बाद फिर बवाल शुरू हो गया है। मीणा के समर्थकों ने पुलिस की गाड़ियों को रोकने की कोशिश में चक्का-जाम कर दिया। देवली-उनियारा के समरावता गांव की सड़क पर भी टायर जलाए गए हैं।
लोगों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे हैं। उपद्रवियों ने भी पुलिस पर हल्का पथराव किया है। नरेश मीणा के समर्थकों ने टोंक से सवाई माधोपुर जाने वाले नेशनल हाईवे-116 पर भी अलीगढ़ कस्बे के पास जाम लगा दिया है। यहां कवरेज करने गए पत्रकारों पर प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया और उनका कैमरा तोड़ दिया।
दरअसल, देवली-उनियारा विधानसभा के समरावता (टोंक) गांव ने उपचुनाव में वोटिंग का बहिष्कार किया था। निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा भी ग्रामीणों के साथ धरने पर थे। इसी दौरान नरेश मीणा ने अधिकारियों पर जबरन मतदान करवाने का आरोप लगाया। एसडीएम अमित चौधरी ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो उन्हें थप्पड़ मार दिया।
इसके बाद ग्रामीणों ने वोटिंग का टाइम खत्म होने के बाद पोलिंग पार्टियों को भी रोकने की कोशिश की। गुस्साए लोगों ने SP विकास सांगवान की गाड़ी भी तोड़ दी। इस बीच पुलिस ने रात करीब 9.30 बजे नरेश मीणा को हिरासत में ले लिया। मीणा के समर्थकों को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, वे और भड़क गए।
सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण ने पुलिस जवानों को घेर लिया और मीणा को छुड़ाकर ले गए। पुलिस के लाठीचार्ज करने पर नरेश मीणा के समर्थक भड़क गए और पथराव-आगजनी कर दी। बवाल में 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इनमें 10 पुलिसवाले भी शामिल हैं। वहीं, गुरुवार सुबह करीब 9.30 बजे नरेश मीणा अचानक समरावता गांव पहुंचे और पुलिस पर मारपीट आरोप लगाए। दोपहर करीब 12 बजे नरेश मीणा को गिरफ्तार किया गया था।
देवली-उनियारा में हुए पथराव-आगजनी के
नरेश मीणा को गिरफ्तार करने से पहले पुलिस ने गांव को चारों ओर से घेर लिया था। करीब 500 से ज्यादा पुलिस व एसटीएफ जवानों को मौके पर तैनात किया गया था। गिरफ्तारी के बाद भी भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है।
गुरुवार को नरेश मीणा की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों ने जमकर हंगामा किया।
चक्काजाम और पथराव करते नरेश मीणा के कई समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में लिया
नरेश मीणा के समर्थकों ने वाहनों को आग लगा दी। ग्रामीणों का आरोप है कि 50 से 60 वाहन फूंक दिए गए।
गुरुवार सुबह साढ़े 6 बजे STF और पुलिस के जवानों ने समरावता गांव और आसपास के इलाकों गश्त की।
नरेश मीणा को पुलिस से छुड़ाकर ले जाते समर्थक। इस दौरान पुलिसवालों पर पत्थर भी फेंके गए।
नरेश मीणा के समर्थकों ने बुधवार रात पुलिस पर जमकर पथराव किया। इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई ।
बुधवार रात पथराव के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल हो
बुधवार रात पथराव में घायल हुए ग्रामीणों को देवली और टोंक के हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया।
