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शिवसेना (UBT) सांसद ने शाइना एनसी से माफी मांगी:एक दिन पहले उन्हें इम्पोर्टेड माल कहा; CM बोले- बालासाहेब होते तो उनका मुंह तोड़ देते

शिवसेना (UBT) सांसद ने शाइना एनसी से माफी मांगी:एक दिन पहले उन्हें इम्पोर्टेड माल कहा; CM बोले- बालासाहेब होते तो उनका मुंह तोड़ देते

मुंबई9 मिनट पहले

शिवसेना (UBT) सांसद अरविंद सावंत ने शिवसेना शिंदे गुट की नेता शाइना एनसी पर दिए अपने बयान पर शनिवार को माफी मांग ली। सावंत ने कहा-

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ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि मैंने एक महिला का अपमान किया है, मैंने अपने जीवन में ऐसा कभी नहीं किया। जानबूझकर मेरे बयान का अलग अर्थ निकालकर निशाना बनाया जा रहा है, मुझे इस बात का दुख है। लेकिन फिर भी अगर मेरे बयान से किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है तो मैं माफी मांगता हूं। देश में महिलाओं के सम्मान को पार्टी के हिसाब से नहीं देखा जा सकता।

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दरअसल, सावंत ने शुक्रवार को शाइना एनसी को इम्पोर्टेड माल कहा था। इसके खिलाफ शाइना ने मुंबई के नागपाड़ा पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई और कार्रवाई की मांग की थी। शिवसेना शिंदे गुट की महिला विंग ने सावंत के खिलाफ प्रदर्शन भी किया था।

उधर, CM एकनाथ शिंदे ने कहा कि बालासाहेब जिंदा होते तो वे सावंत का मुंह तोड़ देते। किसी महिला के बारे में इतना बुरा बोलना निंदनीय है। इसकी जितनी भी आलोचना की जाए कम है। ये लोग दावा करते हैं कि ये बालासाहेब की विचारधारा को फॉलो करते हैं।

शाइना बोलीं- मैं माफ करने वाली नहीं, मुंबा देवी की महिलाओं को माफ करना होगा सावंत के माफी मांगने पर शाइना एनसी ने कहा, ‘मैं कौन होती हूं माफ करने वाली या नहीं करने वाली? मुंबा देवी की महिलाओं को माफ करना होगा और उन्हें तय करना होगा कि क्या वे इस तरह के बयान के बाद “महाविनाश अघाड़ी” पर भरोसा कर सकती हैं।

मैं शिवसेना (यूबीटी) से संजय राउत के बयान के बारे में पूछना चाहती हूं, जिन्होंने कहा कि उन्हें (अरविंद सावंत) माफी मांगने की जरूरत नहीं है। मैं संजय राउत से कहना चाहती हूं कि अगर आपको ‘माल’ शब्द पर कोई आपत्ति नहीं है, तो यह आपकी मानसिकता को दर्शाता है।’

सावंत की अभद्र टिप्पणी मामला, 3 पॉइंट

  1. एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने शाइना को मुंबादेवी सीट से उम्मीदवार घोषित किया है। उनका मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार और सिटिंग विधायक अमीन पटेल से होगा। शाइना एनसी पेशे से फैशन डिजाइनर हैं। वे मुंबई के ग्लैमर वर्ल्ड की चर्चित हस्ती हैं। शिवसेना से टिकट घोषित होने के बाद शाइना ने भाजपा छोड़ दी थी। वे भाजपा की प्रवक्ता थीं।
  2. सावंत से शुक्रवार को शाइना एनसी के चुनाव लड़ने पर सवाल किया गया था, जिसके जवाब में उन्होंने कहा था- उनकी हालत तो देखो, सारी जिंदगी भाजपा में रहीं और अब दूसरी पार्टी में चली गईं। यहां इम्पोर्टेड माल नहीं चलता, असली माल ही चलता है।
  3. सावंत के इस बयान पर शिवसेना शिंदे गुट ने आपत्ति जताई। शाइना एनसी ने नागपाड़ा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। सावंत के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज किया गया। विवाद बढ़ने पर शिवसेना शिंदे गुट की महिला कार्यकर्ताओं ने मुंबई में प्रदर्शन भी किया।

शाइना बोलीं- अब कानून अपना काम करेगा

शाइना एनसी ने शिकायत दर्ज कराने के बाद शुक्रवार को कहा था- हम सभी जानते हैं कि ‘महाविनाश अघाड़ी’ वाले महिलाओं का सम्मान नहीं करते। मां मुंबा देवी का आशीर्वाद मेरे साथ है। अगर आप किसी महिला के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करते हैं तो यह FIR है और अब कानून अपना काम करेगा। आप किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं, तो क्या आपको लगता है कि महिला चुप रहेगी? महाराष्ट्र की महिलाएं उन्हें करारा जवाब देंगी।

सावंत बोले- शाइना मुझे बदनाम कर रहीं

अरविंद सावंत ने शुक्रवार को कहा था, ‘मैं 55 साल से राजनीति में हूं। मैंने हमेशा से महिलाओं का सम्मान किया है। शाइना एनसी मेरी दोस्त हैं। उन्होंने मेरे लिए काम किया है और मैं उनका सम्मान करता हूं। ये लोग सत्ता जिहादी लोग हैं। उद्धव ठाकरे भी ऐसा ही कहते हैं। शाइना ने मेरे खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया, लेकिन वे मुझे ही बदनाम कर रही हैं।’

अरविंद सावंत की टिप्पणी पर 3 बयान

  • एकनाथ शिंदे: महाराष्ट्र की बहनें सावंत को उनकी जगह दिखाएंगी। ये सभी बहनें अपनी बहन का अपमान करने वालों से बदला लेंगी और चुनाव में उन्हें वापस घर भेजेंगी। अगर बालासाहेब होते और कोई शिवसैनिक ऐसा करता तो वे उसका मुंह तोड़ देता।
  • अजित पवार: महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों का हमारे समाज में कोई स्थान नहीं है। महाराष्ट्र में हम गर्व से अपनी लड़की और बहनों का सम्मान करते हैं। हम महाराष्ट्र की वुमन आइकन को सेलिब्रेट करते हैं। अरविंद सावंत का बयान निंदनीय है।
  • रविशंकर प्रसाद: सावंत के बयान को देख-सुनकर मैं दुखी हूं। किसी राजनीतिक महिला के लिए इस तरह की टिप्पणी बहुत पीड़ादायक है। यह निंदनीय है। हम इसकी भर्त्सना करते हैं।
शिवसेना शिंदे गुट की महिला कार्यकर्ताओं ने मुंबई में विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही अरविंद सावंत से माफी मांगने की मांग की।

झारखंड के मंत्री ने भाजपा नेता सीता सोरेन को रिजेक्टेड माल कहा था

अरविंद सावंत से पहले झारखंड के हेमंत सोरेन सरकार में मंत्री और कांग्रेस नेता इरफान अंसारी ने ऐसा ही विवादित बयान दिया था। उन्होंने 26 अक्टूबर को नामांकन फाइल करने के बाद भाजपा नेता सीता सोरेन को रिजेक्टेड माल कहा था। सीता सोरेन CM हेमंत सोरेन की रिश्ते में भाभी हैं।

इस पर सीता सोरेन ने कहा था- अंसारी ने अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया है, उसके लिए उन्हें माफी मांगनी होगी। पहले भी उन्होंने मेरे बारे में व्यक्तिगत बातें बोली हैं, लेकिन इस बार उन्होंने सारी सीमाएं लांघ दी हैं। इरफान अंसारी माफी मांगिए, वरना उग्र विरोध के लिए तैयार रहिए।

महाराष्ट्र के राजनीतिक समीकरण पर एक नजर…

लोकसभा चुनाव में भाजपा 23 से 9 सीटों पर सिमटी

लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की 48 सीटों में से INDIA गठबंधन को 30 और NDA को 17 सीटें मिलीं।। इनमें भाजपा को 9, शिवसेना को 7 और NCP को सिर्फ 1 सीट मिली थी। भाजपा को 23 सीटों का नुकसान हुआ। 2019 के लोकसभा चुनाव से NDA को 41 जबकि 2014 में 42 सीटें मिली थीं।

लोकसभा चुनाव के हिसाब से भाजपा को नुकसान का अनुमान

महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में भी अगर लोकसभा चुनाव जैसा ट्रेंड रहा तो भाजपा को नुकसान होगा। भाजपा 60 सीटों के आसपास सिमटकर रह जाएगी। वहीं, विपक्षी गठबंधन के सर्वे में MVA को 160 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। भाजपा के लिए मराठा आंदोलन सबसे बड़ी चुनौती है। इसके अलावा शिवसेना और NCP में तोड़फोड़ के बाद उद्धव ठाकरे और शरद पवार के साथ लोगों की सिम्पैथी है।

विधानसभा चुनाव- 2019

  • 2019 में BJP-शिवसेना गठबंधन था। BJP ने 105 सीटें और शिवसेना ने 56 सीटें जीतीं। गठबंधन से NCP को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली थीं। भाजपा-शिवसेना आसानी से सत्ता में आ जाती, पर मनमुटाव के कारण गठबंधन टूट।
  • 23 नवंबर 2019 को फड़नवीस ने मुख्यमंत्री और अजीत पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। हालांकि, बहुमत परीक्षण से पहले 26 नवंबर को ही दोनों ने इस्तीफा दे दिया।
  • 28 नवंबर को शिवसेना (अविभाजित), NCP (अविभाजित) और कांग्रेस की महाविकास अघाड़ी सत्ता में आई।
  • इसके बाद शिवसेना (अविभाजित) और NCP (अविभाजित) में फूट पड़ गई और ये दो पार्टियां चार धड़ों में बंट गई। फिर भी लोकसभा चुनाव में शरद पवार और उद्धव ठाकरे को फायदा हुआ। अब इसी पृष्ठभूमि पर विधानसभा चुनाव भी हो रहा है। पूरी खबर पढ़े…

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