ED ने सिद्धारमैया की पत्नी से 2 घंटे पूछताछ की:MUDA के 6 अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस भेजा, दस्तावेजों संग बेंगलुरु दफ्तर बुलाया
ED ने शुक्रवार को मैसूर अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MUDA) स्कैम मामले में कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती बी.एम से बेंगलुरु दफ्तर में 2 घंटे पूछताछ की।
ED ने MUDA के 6 अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस भी भेजा। सभी को दस्तावेजों के साथ ED के बेंगलुरु दफ्तर में अलग-अलग तारीखों पर पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
इधर, सिद्धारमैया ने उन पर लगे स्कैम के आरोपों को फिर से नकारा है। उन्होंने कहा कि मुझे राजनीतिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। सिद्धारमैया ने कहा कि उन्हें अपनी पार्टी नेताओं का समर्थन है, इसलिए वे CM पद से इस्तीफा नहीं देंगे।
सिद्धारमैया पर क्या-क्या आरोप लगे हैं
- सिद्धारमैया की पत्नी को MUDA की ओर से मुआवजे के तौर पर मिले विजयनगर के प्लॉट की कीमत कसारे गांव की उनकी जमीन से बहुत ज्यादा है।
- स्नेहमयी कृष्णा ने सिद्धारमैया के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। इसमें उन्होंने सिद्धारमैया पर MUDA साइट को पारिवारिक संपत्ति का दावा करने के लिए डॉक्युमेंट्स में जालसाजी का आरोप लगाया गया है।
- 1998 से लेकर 2023 तक सिद्धारमैया कर्नाटक में डिप्टी CM या CM जैसे प्रभावशाली पदों पर रहे। भले ही सीधे तौर पर वे इस घोटाले से न जुड़े हों, लेकिन उन्होंने अपने पावर का इस्तेमाल कर करीबी लोगों की मदद की।
- सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती के भाई मल्लिकार्जुन ने साल 2004 में डेनोटिफाई 3 एकड़ जमीन अवैध रूप से खरीदी थी। 2004-05 में कर्नाटक में फिर कांग्रेस-JDS गठबंधन की सरकार में सिद्धारमैया डिप्टी CM थे।
- योजना के तहत, जिन लैंड ओनर्स की भूमि MUDA द्वारा अधिग्रहित की गई है। उन्हें मुआवजे के रूप में अधिक मूल्य की वैकल्पिक साइटें आवंटित की गई हैं। साथ ही रियल एस्टेट एजेंट्स को भी इस स्कीम में जमीन दी गई है।
- भूमि आवंटन घोटाले का खुलासा एक RTI एक्टिविस्ट ने करते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों में 50:50 योजना के तहत 6,000 से अधिक साइटें आवंटित की गई हैं।
- भाजपा सांसद और प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि यह 3 हजार से 4 हजार करोड़ रुपए का घोटाला है। इसमें सिद्धारमैया का परिवार शामिल है। कांग्रेस इस पर चुप्पी साधे हुए है।
1 अक्टूबर को MUDA सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती बी. एम. के लौटाए 14 प्लॉट वापस लेने को तैयार हो गई थी। पार्वती ने लेटर लिखकर प्लॉट लौटाने की बात कही थी। इसके बाद MUDA ने कहा था कि वे इसे वापस लेने से पहले कानूनी सलाह लेंगे, क्योंकि मामला जांच के दायरे में है।
वहीं, CM सिद्धारमैया ने पत्नी के जमीन लौटाने के फैसले पर हैरानी जताई थी। उन्होंने कहा था कि मेरे खिलाफ चल रहे राजनीतिक षड्यंत्र से आहत होकर मेरी पत्नी ने प्लॉट वापस करने का फैसला लिया।
सिद्धारमैया ने कहा था कि पत्नी के इस फैसले से मैं हैरान हूं। मेरी पत्नी ने मेरी चार दशक लंबी राजनीति में कभी हस्तक्षेप नहीं किया। वह मेरे खिलाफ नफरत की राजनीति का शिकार हुई है और मेंटल टॉर्चर झेल रही है।
सिद्धारमैया का ED के मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज करने पर सवाल सिद्धारमैया ने कहा था कि ED ने किस आधार पर केस दर्ज किया है। यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा नहीं है, क्योंकि हमें जमीन के बदले जमीन मुआवजे के तौर पर दी गई थीं। सिद्धारमैया ने कहा था कि उनके खिलाफ बदले की राजनीति हुई है।
दरअसल, ED ने 30 सितंबर को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उनकी पत्नी, साले और अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की थी। इससे पहले मैसूरु लोकायुक्त ने 27 सितंबर को सभी के खिलाफ केस दर्ज किया था। लोकायुक्त ने 1 अक्टूबर से मामले की जांच शुरू कर दी है।
CM की पत्नी बोलीं- राजनीतिक परिवारों की महिलाओं को विवाद में न घसीटें 30 सितंबर को ED के केस दर्ज करने के कुछ घंटों बाद CM सिद्धारमैया की पत्नी बीएन पार्वती ने MUDA को मुआवजे में मिली जमीन लौटाने की पेशकश की थी। बीएन पार्वती ने MUDA कमिश्नर को लेटर लिखा, जिसे CM कार्यालय ने देर रात शेयर किया।
पार्वती ने लेटर में लिखा-
मुझे कसाबा होबली के केसारे गांव में मेरे 3 एकड़ और 16 गुंटा जमीन के बदले मैसूर में विजयनगर के तीसरे और चौथे फेज में 14 वैकल्पिक प्लॉट आवंटित किए गए थे। मैं सेल डीड कैंसिल करके 14 साइटों को वापस करना चाहती हूं। मैंने यह फैसला उसी दिन लिया था जिस दिन आरोप लगे थे। मैं सभी राजनीतिक दलों के नेताओं और मीडिया से अपील करती हूं। कृपया राजनीतिक परिवारों की महिलाओं को विवाद में न घसीटें। उन्हें राजनीतिक विवादों में शामिल करके उनकी गरिमा और सम्मान को नुकसान न पहुंचाएं।’
सिद्धारमैया ने कहा था- भाजपा सरकार में पत्नी को जमीन मिली आरोपों पर सिद्धारमैया ने कहा था – 2014 में जब मैं CM था तो पत्नी ने मुआवजे के लिए आवेदन किया था। मैंने पत्नी से कहा था कि जब तक मैं CM हूं तब तक मुआवजे के लिए आवेदन ना किया जाए। 2020-21 में जब भाजपा की सरकार थी, तब पत्नी को मुआवजे की जमीन आवंटित की गई। भाजपा सिर्फ मेरे खिलाफ झूठे आरोप लगाने की कोशिश कर रही है।
