प्रियंका 23 अक्टूबर को वायनाड में नामांकन दाखिल करेंगी:फिर रोड शो निकालेंगी, राहुल भी मौजूद रहेंगे; BJP ने नाव्या हरिदास को उतारा
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा 23 अक्टूबर को वायनाड लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल करेंगी। इस दौरान राहुल गांधी भी मौजूद रहेंगे। नामांकन के बाद प्रियंका रोड शो भी निकालेंगी।
यह प्रियंका गांधी का पहला लोकसभा चुनाव होगा। उनके खिलाफ भाजपा ने नाव्या हरिदास को उतारा है।
लोकसभा चुनाव 2024 में राहुल गांधी ने वायनाड और यूपी की रायबरेली लोकसभा सीट से जीत हासिल की थी। उन्होंने गांधी परिवार की पारंपरिक रायबरेली सीट को चुना था और वायनाड छोड़ी थी।
चुनाव आयोग ने 15 अक्टूबर की दोपहर को 13 राज्यों की 47 विधानसभा और लोकसभा की 2 सीटों पर उपचुनाव की घोषणा की थी। इनमें केरल की वायनाड और महाराष्ट्र की नांदेड़ लोकसभा सीट शामिल हैं।
केरल की दो विधानसभा सीटों पर भी उपचुनाव है। पार्टी ने दोनों सीटों पर भी उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है।
राहुल ने कहा था- वायनाड का दौरा करता रहूंगा 17 जून को वायनाड सीट छोड़ते वक्त राहुल ने कहा था- वायनाड और रायबरेली से मेरा भावनात्मक रिश्ता है। मैं पिछले 5 साल से वायनाड से सांसद था। मैं लोगों को उनके प्यार और समर्थन के लिए धन्यवाद देता हूं। प्रियंका गांधी वाड्रा वायनाड से चुनाव लड़ेंगी, लेकिन मैं समय-समय पर वायनाड का दौरा भी करूंगा। मेरा रायबरेली से पुराना रिश्ता है, मुझे खुशी है कि मुझे फिर से उनका प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा, लेकिन यह एक कठिन निर्णय था।
प्रियंका ने कहा था- वायनाड को राहुल की कमी महसूस नहीं होने दूंगी
राहुल के ऐलान के बाद प्रियंका ने कहा था- मुझे वायनाड का प्रतिनिधित्व करने में बहुत खुशी होगी। मैं उन्हें उनकी (राहुल गांधी की) अनुपस्थिति महसूस नहीं होने दूंगी। मैं कड़ी मेहनत करूंगी। सभी को खुश करने और एक अच्छा प्रतिनिधि बनने की पूरी कोशिश करूंगी। मेरा रायबरेली और अमेठी से बहुत पुराना रिश्ता है, इसे तोड़ा नहीं जा सकता। मैं रायबरेली में भी अपने भाई की मदद करूंगी। हम दोनों रायबरेली और वायनाड में मौजूद रहेंगे।
कोई व्यक्ति एक साथ दो सदनों का सदस्य नहीं हो सकता संविधान के तहत कोई व्यक्ति एक साथ संसद के दोनों सदनों या संसद और राज्य विधानमंडल का सदस्य नहीं हो सकता। न ही एक सदन में एक से ज्यादा सीटों का प्रतिनिधित्व कर सकता है। संविधान के अनुच्छेद 101 (1) में जन-प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 68 (1) के तहत अगर कोई जनप्रतिनिधि 2 सीटों से चुनाव जीतता है, तो उसे रिजल्ट घोषित होने के 14 दिन के भीतर एक सीट छोड़नी होती है। अगर एक सीट नहीं छोड़ता है, तो उसकी दोनों सीटें रिक्त हो जाती हैं।
लोकसभा सीट छोड़ने के यह हैं नियम…
• अगर कोई सदस्य लोकसभा या किसी सीट से इस्तीफा देना चाहता है तो उसे सदन के स्पीकर को इस्तीफा भेजना होता है।
• नई संसद के गठन में अगर स्पीकर या डिप्टी स्पीकर नहीं है तो ऐसी स्थिति में प्रत्याशी इलेक्शन कमीशन को त्यागपत्र सौंपता है।
• इसके बाद इलेक्शन कमीशन रेजिग्नेशन लेटर की एक कॉपी सदन के सचिव को भेज देता है।
13 राज्यों की 47 विधानसभा-सीटों पर वोटिंग 13 नवंबर को, सभी के नतीजे 23 नवंबर को
चुनाव आयोग ने मंगलवार को महाराष्ट्र-झारखंड के साथ 14 राज्यों की 48 विधानसभा और 2 लोकसभा सीटों पर उपचुनाव की तारीखों का भी ऐलान किया। केरल की वायनाड लोकसभा सीट के साथ 13 राज्यों की 47 विधानसभा सीटों पर 13 नवंबर को मतदान होगा। वहीं, महाराष्ट्र की नांदेड़ लोकसभा सीट और उत्तराखंड की केदारनाथ विधानसभा सीट पर 20 नवंबर को वोटिंग होगी। सभी के नतीजे 23 नवंबर को आएंगे।
48 विधानसभा सीटों में से सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश की 9 सीटें हैं। हालांकि, मिल्कीपुर सीट पर उपचुनाव नहीं होगा। दरअसल, 2022 विधानसभा में सपा प्रत्याशी अवधेश प्रसाद ने जीत हासिल की थी। इसके बाद भाजपा प्रत्याशी बाबा गोरखनाथ ने उनके चुनावी हलफनामें में गड़बड़ी का आरोप लगाया था।
इसे लेकर उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अवधेश प्रसाद का चुनाव रद्द करने की मांग भी की थी। मामले में अभी फैसला नहीं आया है इसलिए मिल्कीपुर में उपचुनाव की घोषणा नहीं हुई है। पूरी खबर पढ़ें…
