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सोनम वांगचुक बोले- BNS की धारा-163 लोकतंत्र पर धब्बा:अदालतों को ध्यान देना चाहिए; यह बिना परमिशन पब्लिक मीटिंग रोकती है

दिल्ली में लद्दाख भवन के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रविवार को हिरासत में ले लिया। यहां जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर 6 अक्टूबर से भूख हड़ताल कर रहे हैं।

दरअसल, दिल्ली में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 163 लागू है। यह बिना परमिशन के पब्लिक मीटिंग पर रोक लगाती है। पहले कहा गया कि वांगचुक को भी हिरासत में लिया गया है, लेकिन पुलिस ने साफ किया उन्हें हिरासत में नहीं लिया गया है।

पुलिस कार्रवाई पर वांगचुक ने एक वीडियो संदेश में कहा-

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दुखद है कि लोकतंत्र की जननी पर साल भर इस तरह का प्रतिबंध लगा रहता है। यह तभी लागू की जाती है जब कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका हो। ऐसी धाराएं स्थायी रूप से कैसे लगाई जा सकती है। यह हमारे लोकतंत्र पर धब्बा है। अदालतों को इस ओर ध्यान देना चाहिए।

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वहीं, पुलिस ने कहा- प्रदर्शनकारियों को लद्दाख भवन के बाहर बैठने की परमिशन नहीं थी। वांगचुक ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए परमिशन मांगी है। उनकी एप्लीकेशन पेंडिग है। उन्हें किसी अन्य जगह पर प्रदर्शन करने की परमिशन भी नहीं है। हमने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है, उन्हें जल्द छोड़ दिया जाएगा।

दिल्ली में BNS की धारा 163 लागू है। यह बिना परमिशन के पब्लिक मीटिंग पर रोक लगाती है।

जंतर-मंतर पर अनशन की इजाजत नहीं मिली तो लद्दाख भवन में हड़ताल पर बैठे जंतर-मंतर पर अनशन की इजाजत न मिलने पर नहीं मिली थी। इसके बाद सोनम ने 6 अक्टूबर को सुबह x पोस्ट में कहा- हम शांतिपूर्ण तरीके से अनशन करना चाहते हैं, लेकिन हमें इजाजत नहीं मिली। लद्दाख भवन में हमें डिटेन करके रखा गया है। हम यहीं से अनशन कर रहे हैं। सोनम ने कहा- सैकड़ों लोग लेह से दिल्ली चलकर आए हैं। इनमें महिलाएं, भूतपूर्व सैनिक, 75 साल के बुजुर्ग शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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