अमेठी हत्याकांड- टीचर के माता-पिता योगी से मिलेंगे:विधायक के साथ लखनऊ पहुंचे; सुबह आरोपी को पुलिस ने पैर में मारी गोली
अमेठी में मारे गए टीचर सुनील के माता-पिता सीएम योगी से मुलाकात करेंगे। रायबरेली की ऊंचाहार सीट से सपा के बागी विधायक मनोज कुमार पांडेय के साथ लखनऊ पहुंचे हैं। आज सुबह पुलिस ने आरोपी चंदन वर्मा के पैर में गोली मार दी।
पुलिस चंदन को हत्या में इस्तेमाल पिस्टल को बरामद करने के लिए घटनास्थल पर ले गई थी। इसी दौरान उसने दरोगा मदन वर्मा से पिस्टल छीन ली। फायरिंग करते हुए भागने लगा। जवाबी फायरिंग में पुलिस ने उसे गोली मार दी।
गोली लगते ही गिर गया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। आरोपी ने गुरुवार शाम टीचर सुनील, उसकी पत्नी और दो बेटियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
वारदात को टीचर के घर में ही अंजाम दिया गया। इसके बाद आरोपी ने सुसाइड करने की कोशिश की थी। खुद पर गोली चलाई, लेकिन मिस हो गई। वह डर गया और दोबारा गोली नहीं चला सका। तब वह फरार हो गया था। उसका टीचर की पत्नी से डेढ़ से साल से संबंध था। गुरुवार को वह टीचर के घर आया था। उसने टीचर को 3, पत्नी को 2 और बच्चियों को एक-एक गोली मारी।
शुक्रवार रात 11 बजे अमेठी के एसपी अनूप सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने आरोपी चंदन वर्मा को मीडिया के सामने पेश किया। कहा- चंदन को गौतमबुद्धनगर जिले में जेवर टोल प्लाजा से STF ने गिरफ्तार किया।
पत्नी ने चंदन के खिलाफ दर्ज कराई थी शिकायत पुलिस के मुताबिक, टीचर को पत्नी और चंदन के अफेयर का पता चल गया था। 18 अगस्त को यानी 47 दिन पहले टीचर की पत्नी पूनम भारती ने रायबरेली जिले की नगर कोतवाली में FIR कराई थी। इसमें चंदन से जान को खतरा बताया था। कहा- परिवार की हत्या होगी तो इसका जिम्मेदार चंदन वर्मा होगा।
पुलिस ने FIR दर्ज कर चंदन से पूछताछ भी की थी। इसके बाद 12 सितंबर को चंदन ने अपना वॉट्सऐप बायो चेंज किया था। FIR के बाद पूनम और चंदन के बीच बातचीत बंद हो गई। FIR दर्ज होने पर चंदन परिवार को परेशान करने लगा।
गुरुवार को बुलेट से टीचर के घर पहुंचा। बच्चों को पैसे दिए। इसके बाद पति-पत्नी से उसकी कहासुनी हो गई। इसी बीच उसने पति, पत्नी और बच्चों को गोली मार दी। वारदात के बाद वह बुलेट छोड़कर फरार हो गया।
मैं डर गया था, पुलिस के साथ दौड़ते हुए पहुंचा वारदात के बाद मेडिकल स्टोर संचालक राम मनोहर यादव सबसे पहले मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया- गुरुवार शाम 6.50 बजे का वक्त था। गोली चलने की आवाज आई। मैं टीचर सुनील के घर की तरफ दौड़ा। इतने में एक और फायरिंग हुई। मैं डर गया। तुरंत घर से 100 मीटर की दूरी पर तैनात पुलिस को खबर दी।
दरवाजा खोला तो दंग रह गया, सभी खून से लथपथ पड़े थे… मौके पर जाकर दरवाजा खोला तो दंग रह गया। सभी खून से लथपथ पड़े थे। पति और पत्नी की लाश घर के आंगन में लगे नल के पास थी। 10 कदम की दूरी पर दोनों बेटियों की लाश पड़ी थी।
टीचर बनने से पहले पुलिस में थे सुनील टीचर सुनील कुमार (34) रायबरेली में सुदामापुर गांव के रहने वाले थे। उनके पिता राम गोपाल गांव में रहते हैं। टीचर बनने से पहले सुनील पुलिस में थे। 10 दिसंबर, 2020 को सुनील की बेसिक शिक्षा विभाग में सरकारी नौकरी लगी थी।
12 मार्च, 2021 को उन्हें अमेठी जिला मुख्यालय से 62 किमी दूर पनहौना प्राइमरी स्कूल में जॉइनिंग मिली। अमेठी में सुनील अहोरवा भवानी चौराहे पर मुन्ना अवस्थी के घर 3 महीने से किराए पर रह रहे थे।
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