हिमाचल में टॉयलेट टैक्स पर सीतारमण बोलीं-अविश्वसनीय:नड्डा बोले- सरकार की मति भ्रष्ट हुई; CM सुक्खू ने कहा- हरियाणा में चुनाव, इसलिए ऐसा बोल रहे
हिमाचल प्रदेश में घरों में टॉयलेट शीट के आधार पर टैक्स लगाने की खबरों को लेकर विवाद हो गया है। इस पर CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को स्पष्ट कहा कि राज्य में ऐसा कोई टॉयलेट टैक्स नहीं लगाया जा रहा है।
दरअसल केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार टॉयलेट पर भी टैक्स ले रही है। निर्मला ने सोशल मीडिया पर लिखा- अविश्वसनीय, अगर सच है। उन्होंने कहा कि यह बहुत शर्मनाक है।
वहीं BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार की मति भ्रष्ट हो गई है।
CM सुक्खू ने कहा कि हमने टॉयलेट पर कोई टैक्स नहीं लगाया। ये सब हरियाणा चुनाव को लेकर कहा जा रहा है। BJP कभी हिंदू-मुस्लिम तो कभी सीवरेज की बात करती है।
हिमाचल के जल शक्ति विभाग ने भी टॉयलेट की प्रत्येक शीट पर टैक्स लेने का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि हम सिर्फ पानी का बिल ले रहे हैं।
पहले जानते हैं पूरा विवाद
निर्मला सीतारमण की सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद केंद्रीय वित्त मंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखी। निर्मला ने लिखा- जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता को एक जन आंदोलन बनाया। यहां कांग्रेस पार्टी लोगों पर टॉयलेट के लिए टैक्स लगा रही है। शर्म की बात है कि उन्होंने अपने समय में अच्छी स्वच्छता उपलब्ध नहीं कराई, लेकिन यह कदम देश को शर्मसार करने वाला है। निर्मला ने इसके नीचे एक खबर को भी टैग किया।
निर्मला सीतारमण की सोशल मीडिया पोस्ट…
नड्डा बोले- सुबह ही सुनने को मिला BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आज शुक्रवार को बिलासपुर पहुंचे। उन्होंने भी यहां टॉयलेट टैक्स को लेकर कांग्रेस सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा, उन्हें आज सुबह ही सुनने को मिला कि CM सुक्खू ने टॉयलेट पर भी टैक्स लगा दिया। इस सरकार की मति भ्रष्ट हो चुकी है।
सीएम बोले- कोई टॉयलेट टैक्स नहीं लगाया हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी इस पर सफाई देते हुए कि पूर्व भाजपा सरकार ने चुनाव के समय में 5 हजार करोड़ की रेवड़ियां बांटी थी। पानी का मीटर फ्री कर दिया था। हमने 100 रुपए प्रति परिवार पानी का बिल लेने का निर्णय लिया है। पूर्व BJP सरकार तो फाइव स्टार होटल से भी टैक्स नहीं ले रही थी। हमारी सरकार की तरफ से कोई भी टॉयलेट टैक्स नहीं लिया जा रहा है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव बोले- नोटिफिकेशन वापस लिया जा चुका हिमाचल में अतिरिक्त मुख्य सचिव जल शक्ति विभाग डॉ. ओंकारचंद शर्मा ने कहा, 21 सितंबर को रूरल-अर्बन एरिया में टॉयलेट टैक्स को लेकर एक नोटिफिकेशन किया गया था। उन्होंने कहा, कुछ जगह ऐसे होटल थे, जिनके पानी के स्रोत अपने थे, लेकिन सीवरेज कनेक्शन विभाग का इस्तेमाल कर रहे थे। उन पर ये टैक्स लगाया था। इसलिए यह नोटिफिकेशन किया था। डिप्टी CM मुकेश अग्निहोत्री ने जब इसे देखा तब इसे वापस ले लिया।
हिमाचल जलशक्ति विभाग ने क्या कहा.. इस विवाद पर प्रदेश जल शक्ति विभाग ने कहा कि हिमाचल में बिल्डिंग मालिक की तरफ से लगाई टॉयलेट शीट के आधार पर सीवरेज कनेक्शन दिए जाएंगे, ऐसी कोई अधिसूचना सरकार ने जारी नहीं की है। सीवरेज कनेक्शन पहले ही तरह मिलते रहेंगे।
हमारा लक्ष्य 100% कनेक्टिविटी प्राप्त करना है, ताकि प्रदूषण को कम किया जा सके और सीवरेज के उचित उपचार को सुनिश्चित किया जा सके। हाल में भी केवल पानी के शुल्क के संबंध में अधिसूचना जारी की गई है, जबकि अन्य सभी चीजें पहले जैसी रहेंगी।
