हिमाचल में मस्जिद विवाद के बीच देवभूमि संघर्ष समिति ने आज प्रदेश में कुछ स्थानों पर मंदिरों में हनुमान चालीसा का पाठ किया। संजौली मस्जिद मामले में कोर्ट में कल की सुनवाई से पहले संघर्ष समिति ने दबाव डालने की मंशा से हनुमान चालीसा करने का आवाहन किया था।
संघर्ष समिति के संयोजक भरत भूषण ने कहा कि सरकार और प्रशासन को मस्जिद मसले पर सद्बुद्धि देने के लिए प्रार्थना की गई, ताकि बहुसंख्यक समाज की भावनाओं के मुताबिक अवैध मस्जिद पर फैसला आए।
उन्होंने कहा कि जिस तरह हमारे पूर्वजों ने हिमाचल हमें सुरक्षित सौंपा है, इसी तरह का यह आगे भी सुरक्षित रहे। यही उम्मीद हम सरकार से भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, सामान बेचने वालों की वेरिफिकेशन की जानी चाहिए। ज्यादातर रेहड़ी-फड़ी लगाने वाले एक समुदाय के है और गांव में अपराधों को अंजाम दे रहे हैं।
संजौली मस्जिद मामले में कल सुनवाई
शिमला नगर निगम आयुक्त कोर्ट में संजौली मस्जिद विवाद में कल सुनवाई होनी है। हिंदू संगठन और देवभूमि संघर्ष समिति इस केस में जल्द फैसले की मांग कर रहे है। इसी मांग को लेकर दबाव बनाने के लिए संघर्ष समिति द्वारा हनुमान चालीसा का पाठ किया गया।
कैसे गरमाया मस्जिद विवाद
बता दें कि शिमला के मैहली में दो गुटों में लड़ाई के बाद से मस्जिद विवाद गरमाया हुआ है। इस लड़ाई में छह मुस्लिम लड़कों ने एक लोकल की पिटाई की और मस्जिद में छिप गए। इसके बाद 1 और 5 सितंबर को शिमला में हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया।
11 सितंबर को संजौली-ढली में उग्र प्रदर्शन किया गया। उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इससे हिंदू संगठन भड़क गए। इसके बाद सभी शहरों में प्रदर्शन शुरू हुए। प्रदेश के ज्यादातर बाजारों में दुकानदारों ने दो से तीन घंटे तक दुकानें बंद रखकर विरोध जताया।
अब देवभूमि संघर्ष समिति संजौली मस्जिद के अवैध ढांचे को गिराने पर अड़ गई है। मंडी मस्जिद के अवैध हिस्से को नगर निगम आयुक्त तोड़ने के आदेश दे चुके हैं।
