इजराइली हमले में 27 सितंबर को मारे गए हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह को मौत के 7 दिन बाद सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया है। न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक इजराइली हमले के डर से नसरल्लाह को सीक्रेट जगह पर दफनाया गया है। पहले उसकी मौत के शोक में बड़ा जनाजा निकाले जाने की खबरें थीं।
वहीं, जिस वक्त नसरल्लाह को दफनाया जा रहा था उसी वक्त ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने तेहरान की ग्रैंड मस्जिद में हिजबुल्लाह चीफ की याद में नमाज पढ़ी। इसके बाद उन्होंने मस्जिद में मौजूद हजारों की तादाद लोगों के सामने भाषण दिया। खामेनेई ने दुनिया के मुसलमानों को दुश्मन के खिलाफ एकजुट होने की अपील की।
खामेनेई ने कहा-
दुनिया में एक भी ऐसी अदालत नहीं है जो फिलिस्तीनियों को अपनी जमीन की हिफाजत करने के लिए दोषी ठहरा सके।

खामेनेई ने इजराइल का सामना करने के लिए अरब देशों से साथ आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इजराइल का खात्मा जरूरी है। खामेनेई ने कहा कि मंगलवार को इजराइल पर हुआ मिसाइल अटैक बहुत छोटी सजा थी। जरूरत पड़ी तो फिर हमला करेंगे।
उन्होंने कहा कि इजराइल कभी भी हमास और हिजबुल्लाह को नहीं हरा पाएगा। नसरल्लाह की मौत के बाद खामेनेई को सीक्रेट जगह पर ले जाया गया था। इसके बाद से पहली बार वे सार्वजनिक तौर पर दिखाई दिए। वहीं, खामेनेई ने इससे पहले 2020 में जुमे की नमाज को लीड किया था। वे जनवरी 2020 में रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत के वक्त शोक में शामिल हुए थे।
नसरल्लाह की याद में सीने पर हाथ रखकर लगाए नारे…जुमे के नमाज की तस्वीरें
लेबनान में भास्कर रिपोर्टर
दैनिक भास्कर लेबनान के शहर बेरूत पहुंचा है। यह दाहिया के नजदीक है जिसे हिजबुल्लाह का गढ़ माना जाता है। हम आपको यहां से इजराइल-हिजबुल्लाह संघर्ष से जुड़े वास्तविक हालात दिखा रहे हैं।
